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40 घंटों बाद सूखे कुएं से ऐसे निकाली गई हथिनी, वन विभाग का छूटा पसीना
टीम डिजिटल, अमर उजाला
Updated Wed, 15 Nov 2017 09:01 PM IST
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सूखे कुएं में गिरी हाथिनी को निकालता वन विभाग का अमला
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छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में वन विभाग के कर्मचारियों को कुंए में गिर गई एक हथिनी को निकालने में पसीने छूट गए। 40 घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद दो क्रेन की मदद से हथिनी को सूखे कुएं से बाहर निकाला जा सका।
दरअसल सूरजपुर जिले के प्रतापपुर वन परिक्षेत्र में बनारस रोड के पास नवाधक्की गांव में रविवार की रात 13 हाथियों का दल घुस आया। हाथी बेकाबू थे और ग्रामीणों के घर को तरह-नहस करने लगे। अंधेरे में हो रही उठापटक को देखने के लिए गांव वाले जग गए और एक व्यक्ति ने टॉर्च जलाई। एक हथिनी टॉर्च लिए उस शख्स के पीछे पड़ गई। इस दौरान वो हथिनी एक सूखे कुएं में गिर गई।
हथिनी के कुएं में गिरने के बाद दूसरे हाथी कुछ देर तक कुएं के आस-पास मंडराते रहे और फिर जंगल में लौट गए। कुएं में गिरने से हथिनी की कमर और पैरों में गंभीर चोटें आ गईं। ग्रामीणों ने हथिनी को कुएं में तड़पते हुए देखा तो वन विभाग को इसकी सूचना दी गई। जिसके बाद सोमवार की सुबह चंदौरा थाना प्रभारी के साथ वन विभाग का दल मौके पर पहुंचा।
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वन विभाग का राहत बचाव दल ने जेसीबी मशीन से कुएं को एक तरफ से खोदकर रास्ता बनाने की कोशिश की। लेकिन गंभीर रूप से घायल हो चुकी हथिनी उस रास्ते से बाहर निकलने में नाकाम रही। इस पूरी कवायद में दिन गुजर गया और रात हो गई तो हथिनी को कुएं में ही चारा और पानी डाल दिया गया।
वन विभाग के दल ने मंगलवार की सुबह क्रेन मंगाए और चौड़े पट्टे को हथिनी के पेट में बांधा गया। इसके बाद दो क्रेनों की मदद से हथिनी को कुएं से बाहर निकालने में कामयाबी मिली और उसे ट्रक में लादा गया। गंभीर रूप से चोटिल हथिनी का इलाज किया जा रहा है। गौरतलब है कि रमकोला से सटे कठरा गांव में जंगली हाथियों के इस दल ने कई घरों में तोड़फोड़ मचाई और खेत में खड़ी फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचा है।
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दरअसल सूरजपुर जिले के प्रतापपुर वन परिक्षेत्र में बनारस रोड के पास नवाधक्की गांव में रविवार की रात 13 हाथियों का दल घुस आया। हाथी बेकाबू थे और ग्रामीणों के घर को तरह-नहस करने लगे। अंधेरे में हो रही उठापटक को देखने के लिए गांव वाले जग गए और एक व्यक्ति ने टॉर्च जलाई। एक हथिनी टॉर्च लिए उस शख्स के पीछे पड़ गई। इस दौरान वो हथिनी एक सूखे कुएं में गिर गई।
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हथिनी के कुएं में गिरने के बाद दूसरे हाथी कुछ देर तक कुएं के आस-पास मंडराते रहे और फिर जंगल में लौट गए। कुएं में गिरने से हथिनी की कमर और पैरों में गंभीर चोटें आ गईं। ग्रामीणों ने हथिनी को कुएं में तड़पते हुए देखा तो वन विभाग को इसकी सूचना दी गई। जिसके बाद सोमवार की सुबह चंदौरा थाना प्रभारी के साथ वन विभाग का दल मौके पर पहुंचा।
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वन विभाग का राहत बचाव दल ने जेसीबी मशीन से कुएं को एक तरफ से खोदकर रास्ता बनाने की कोशिश की। लेकिन गंभीर रूप से घायल हो चुकी हथिनी उस रास्ते से बाहर निकलने में नाकाम रही। इस पूरी कवायद में दिन गुजर गया और रात हो गई तो हथिनी को कुएं में ही चारा और पानी डाल दिया गया।
वन विभाग के दल ने मंगलवार की सुबह क्रेन मंगाए और चौड़े पट्टे को हथिनी के पेट में बांधा गया। इसके बाद दो क्रेनों की मदद से हथिनी को कुएं से बाहर निकालने में कामयाबी मिली और उसे ट्रक में लादा गया। गंभीर रूप से चोटिल हथिनी का इलाज किया जा रहा है। गौरतलब है कि रमकोला से सटे कठरा गांव में जंगली हाथियों के इस दल ने कई घरों में तोड़फोड़ मचाई और खेत में खड़ी फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचा है।