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हाथियों का आतंक: तेंदुपत्ता तोड़ने गए बुजुर्ग को हाथी ने कुचलकर मार डाला, किसानों की फसलें भी कीं बर्बाद
Thu, 09 May 2024 04:32 PM IST
श्याम जी.
अमर उजाला नेटवर्क, रायगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, रायगढ़
Published by: श्याम जी.
Updated Thu, 09 May 2024 04:32 PM IST
सार
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में हाथी के हमले से जंगल में तेंदुपत्ता तोड़ने गए एक ग्रामीण की मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर आगे की कार्रवाई में जुट गई है।
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ग्रामीण को हाथी ने कुचला
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
छाल थाना क्षेत्र के भलमुडी गांव निवासी सुबरन राठिया पुत्र बुद्धुराम राठिया बुधवार की सुबह तेंदुपत्ता तोड़ने जंगल गया हुआ था। जहां से रात तक वापस घर नहीं लौटा। इस बीच गुरूवार की सुबह जब गांव के लोग उसे खोजते हुए जंगल की ओर पहुंचे, तब उन्हें सुबरन की लाश मिली। ग्रामीणों के अनुसार, तेंदुपत्ता तोडने के दौरान सुबरन का छाल वन परिक्षेत्र के आरएफ 519 औरानारा में हाथी से सामना हो गया। इसके बाद हाथी ने कुचलकर सुबरन को मौत के घाट उतार दिया। घटना की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर आगे की कार्रवाई में जुट गई है।
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ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोग गर्मी के दिनों में कुछ पैसे कमाने के लिये हाथी प्रभावित जंगलों में हाथी की मौजूदगी की जानकारी होने के बावजूद तेंदुपत्ता तोड़ने जाते हैं। इस दौरान हाथी से सामना हो जाने के बाद जनहानि की घटना भी सामने आती रही हैं। एक जानकारी के अनुसार धरमजयगढ़ वन मंडल के छाल वन परिक्षेत्र के जंगलों में बीते कई सालों से हाथियों के दल ने डेरा डाला हुआ है।
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जिले में 132 हाथी कर रहे विचरण
वन विभाग के अनुसार इन दिनों रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ वन मंडल में 127 हाथी अलग-अलग दल में विचरण कर रहे हैं। वहीं, रायगढ़ वन मंडल के जंगलों में पांच हाथी विचरण कर रहे हैं। हाथियों के दल में सर्वाधिक धरमजयगढ़ वन परिक्षेत्र के क्रोन्धा में 37 हाथी, छाल के पुरूंगा में 26, छाल के बेहरामार में 16, कापू में 12, के अलावा अलग-अलग बीट में हाथियों का विचरण कर रहा है। हाथियों के इस दल में नर 37, मादा 60 के अलावा 35 बच्चे शामिल हैं।
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आठ किसानों की फसल को नुकसान
धरमजयगढ़ वन मंडल में अलग-अलग दल में विचरण कर रहे हाथियों ने बीती रात नौ किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाया है। जिसमें छाल के हाटी, खर्रा, कीदा पुरूंगा, गेरवानी में पांच किसानों की धान की फसल, बनहर में एक किसान की धान की फसल, खडगांव में एक किसान की धान की फसल के अलावा बरतापाली में एक किसान की धान की फसल शामिल है।
मुनादी कराकर दी जाती है जानकारी
वन विभाग की टीम के द्वारा लगातार हाथी प्रभावित क्षेत्रों में मुनादी कराने के साथ-साथ जागरूकता अभियान चलाकर गांव के ग्रामीणों को हाथी से सावधानी बरतने की बात कहते हुए जंगलों में हाथी विचरण करने की जानकारी देते हुए किसी भी हाल में जंगलों की तरफ नही जाने की समझाईश दी जाती रही है। ताकि हाथी और मानव के बीच जारी द्वंद्व को रोका जा सके।
ड्रोन कैमरे से रखी जाती है नजर
जंगलों से घिरे रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ वन मंडल में एक लंबे अर्से से हाथियों का एक दल विचरण कर रहा है। यहां हाथियों की संख्याओं में कमी एवं बढ़ोतरी होती रहती है। चूंकि भोजन एवं पानी की पर्याप्त मात्रा होने की वजह से यहां का जंगल हाथियों के लिये अनूकुल भी माना जाता है। ऐसे में वन विभाग एवं हाथी मित्र दल के द्वारा हाथियों के मूवमेंट में नजर बनाये रखने हेतु ड्रोन कैमरे से हाथियों पर नजर रखी जाती है। साथ ही जिस क्षेत्र में हाथियों का दल पहुंचता वहां के लोगों को सावधानी बरतने की अपील की जाती है।