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CG Weather Update: बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम का असर, छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन तेज बारिश के आसार
Fri, 03 Jul 2026 10:25 AM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Fri, 03 Jul 2026 10:25 AM IST
सार
छत्तीसगढ़ में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और प्रदेश के सभी जिलों में बारिश का दौर जारी है। आषाढ़ माह की शुरुआत के साथ मौसम का मिजाज बदला हुआ है।
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Chhattisgarh Weather
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
छत्तीसगढ़ में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और प्रदेश के सभी जिलों में बारिश का दौर जारी है। आषाढ़ माह की शुरुआत के साथ मौसम का मिजाज बदला हुआ है। राजधानी रायपुर में गुरुवार को रुक-रुककर बूंदाबांदी होती रही, जिससे उमस भरी गर्मी से लोगों को कुछ राहत मिली। मौसम विभाग ने आने वाले दो दिनों में मध्य और दक्षिण छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में भारी बारिश की संभावना जताई है।
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे लगे उड़ीसा-पश्चिम बंगाल तट के ऊपर निम्न दाब का क्षेत्र सक्रिय हो गया है। इसके साथ ऊपरी हवा में चक्रवाती परिसंचरण भी बना हुआ है, जो समुद्र तल से करीब 7.6 किलोमीटर तक फैला है। अगले दो-तीन दिनों में यह प्रणाली और मजबूत हो सकती है, जिसका असर छत्तीसगढ़ के मौसम पर साफ दिखाई देगा।
प्रदेश में गुरुवार को अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, जबकि कुछ इलाकों में तेज बारिश भी हुई। इस दौरान सबसे अधिक तापमान राजनांदगांव में 37.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, वहीं पेंड्रा प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।
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मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि राजस्थान से लेकर बंगाल की खाड़ी तक फैली मौसमी द्रोणिका और विंडशियर जोन भी वर्षा गतिविधियों को बढ़ाने में भूमिका निभा रहे हैं। इनके प्रभाव से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश, तेज हवाएं और कुछ स्थानों पर वज्रपात की स्थिति बन सकती है।
राजधानी रायपुर में शुक्रवार को भी आसमान में घने बादल छाए रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने शहर में बारिश के साथ तेज हवाएं चलने और गरज-चमक की चेतावनी जारी की है। रायपुर का अधिकतम तापमान करीब 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने, खुले स्थानों पर न रुकने और बिजली चमकने के समय सुरक्षित स्थान पर रहने की सलाह दी है। किसानों के लिए यह बारिश फसलों के लिहाज से लाभकारी मानी जा रही है, हालांकि लगातार वर्षा वाले क्षेत्रों में जलभराव की आशंका भी जताई गई है।
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मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे लगे उड़ीसा-पश्चिम बंगाल तट के ऊपर निम्न दाब का क्षेत्र सक्रिय हो गया है। इसके साथ ऊपरी हवा में चक्रवाती परिसंचरण भी बना हुआ है, जो समुद्र तल से करीब 7.6 किलोमीटर तक फैला है। अगले दो-तीन दिनों में यह प्रणाली और मजबूत हो सकती है, जिसका असर छत्तीसगढ़ के मौसम पर साफ दिखाई देगा।
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प्रदेश में गुरुवार को अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, जबकि कुछ इलाकों में तेज बारिश भी हुई। इस दौरान सबसे अधिक तापमान राजनांदगांव में 37.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, वहीं पेंड्रा प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।
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मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि राजस्थान से लेकर बंगाल की खाड़ी तक फैली मौसमी द्रोणिका और विंडशियर जोन भी वर्षा गतिविधियों को बढ़ाने में भूमिका निभा रहे हैं। इनके प्रभाव से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश, तेज हवाएं और कुछ स्थानों पर वज्रपात की स्थिति बन सकती है।
राजधानी रायपुर में शुक्रवार को भी आसमान में घने बादल छाए रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने शहर में बारिश के साथ तेज हवाएं चलने और गरज-चमक की चेतावनी जारी की है। रायपुर का अधिकतम तापमान करीब 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने, खुले स्थानों पर न रुकने और बिजली चमकने के समय सुरक्षित स्थान पर रहने की सलाह दी है। किसानों के लिए यह बारिश फसलों के लिहाज से लाभकारी मानी जा रही है, हालांकि लगातार वर्षा वाले क्षेत्रों में जलभराव की आशंका भी जताई गई है।