फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chhattisgarh ›   DGGI takes major action in Rs 80 crore fake invoice case, businessman arrested

CG News: 80 करोड़ के फर्जी इनवॉइस मामले में डीजीजीआई की बड़ी कार्रवाई, कारोबारी गिरफ्तार

Sat, 31 Jan 2026 02:24 PM IST
अमन कोशले अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर Published by: अमन कोशले Updated Sat, 31 Jan 2026 02:24 PM IST
सार

वस्तु एवं सेवा कर आसूचना महानिदेशालय (डीजीजीआई) रायपुर जोनल यूनिट ने कर चोरी के एक बड़े मामले का खुलासा करते हुए संतोष वाधवानी को गिरफ्तार किया है। आरोपी अपने बेटे के नाम से पंजीकृत फर्म मेसर्स विजय लक्ष्मी ट्रेड कंपनी का संचालन कर रहा था।

विज्ञापन
DGGI takes major action in Rs 80 crore fake invoice case, businessman arrested
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

वस्तु एवं सेवा कर आसूचना महानिदेशालय (डीजीजीआई) रायपुर जोनल यूनिट ने कर चोरी के एक बड़े मामले का खुलासा करते हुए संतोष वाधवानी को गिरफ्तार किया है। आरोपी अपने बेटे के नाम से पंजीकृत फर्म मेसर्स विजय लक्ष्मी ट्रेड कंपनी का संचालन कर रहा था। उसे 29 जनवरी की रात रायपुर से हिरासत में लिया गया।
विज्ञापन


जांच में सामने आया है कि आरोपी ने बिना किसी वास्तविक माल या सेवा की आपूर्ति किए बड़े पैमाने पर फर्जी इनवॉइस जारी किए। इन फर्जी बिलों का कुल मूल्य करीब 80 करोड़ रुपये बताया जा रहा है, जबकि इससे जुड़ी कर चोरी लगभग 14 करोड़ रुपये की है। फर्जी दस्तावेजों के जरिए इनपुट टैक्स क्रेडिट का गलत लाभ उठाकर सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाया गया।
विज्ञापन


डीजीजीआई अधिकारियों ने खुफिया जानकारी और डेटा एनालिटिक्स के आधार पर मामले की गहन जांच की। इस दौरान बैंक खातों, ई-वे बिल रिकॉर्ड और अन्य वित्तीय लेनदेन की जांच की गई, जिसमें फर्जी इनवॉइस के जरिए गलत तरीके से आईटीसी लेने की पुष्टि हुई।
विज्ञापन
विज्ञापन


पर्याप्त सबूत मिलने के बाद आरोपी को सीजीएसटी अधिनियम 2017 की धारा 69 के तहत गिरफ्तार किया गया। चूंकि कर चोरी की राशि 5 करोड़ रुपये से अधिक है, इसलिए यह मामला धारा 132 के तहत दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है। आरोपी को रायपुर जिला न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इसके बाद 30 जनवरी की शाम उसे रायपुर सेंट्रल जेल भेजा गया।


डीजीजीआई रायपुर जोनल यूनिट ने स्पष्ट किया है कि कर चोरी और अवैध वित्तीय गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। विभाग ने कारोबारियों से जीएसटी नियमों का पालन करने की अपील की है और धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की चेतावनी दी है। इस मामले में अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed