फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chhattisgarh ›   dead body found on road side in Sukma scorching heat of 43 degrees

छत्तीसगढ़ में गर्मी का टॉर्चर: सुकमा में 43 डिग्री पहुंचा पारा, एक शख्स की गई जान; मौत की वजह कुछ और भी

Sun, 02 Jun 2024 10:39 AM IST
अनुज कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सुकमा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सुकमा Published by: अनुज कुमार Updated Sun, 02 Jun 2024 10:39 AM IST
सार

छत्तीसगढ़ के सुकमा में 43 डिग्री की तपती गर्मी के बीच दोरनापाल में एक व्यक्ति की मौत हो गई है। सड़क के किनारे शव मिलने से हड़कंप मच गया।

विज्ञापन
dead body found on road side in Sukma scorching heat of 43 degrees
Heat wave - फोटो : istock

विस्तार

भीषण गर्मी के बीच सुकमा जिले के नगर पंचायत दोरनापाल के वार्ड क्रमांक सात में सड़क के नारे एक 35 वर्षीय व्यक्ति का शव मिला है। इसकी जानकारी मिलते ही लोगों की भीड़ मौके पर लग गई। इसके बाद मामले की जानकारी पुलिस को दी गई और पुलिस मौके पर पहुंची।

विज्ञापन


मृतक दोरनापाल के वार्ड क्रमांक तीन का निवासी सुरेश सुननी बताया जा रहा है। जिसकी उम्र 35 वर्ष है। परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, मृतक सुरेश कुछ दिनों से बीमार चल रहा था। लेकिन दवा की जगह शराब का सेवन कर रहा था और बीच दोपहरी में जब काम कर वापस लौट रहा था। उस दौरान भी सुरेश शराब के नशे में था। जिस वजह से सुरेश की अचानक तबियत बिगड़ गई। सड़क किनारे गिरकर तड़पने लगा। आसपास के लोगों ने जब उसे देखा तो उसे पानी देने की कोशिश की गई। लेकिन तब तक उसकी जान जा चुकी थी।
विज्ञापन


देशी महुआ में होता है जहरीले पदार्थ का इस्तेमाल
गौरतलब है कि बस्तर में देशी महुआ शराब आदिवासी समुदाय के लिए 5 से 10 लीटर तक शराब उपयोग करने के लिए शासन की ओर से छूट दी गई है, लेकिन इसका फायदा गैर आदिवासी उठाते नजर आ रहे हैं । इतना ही नहीं जो शुद्ध महुआ देश भर में प्रचलित है। उस महुआ में नशा बढ़ाने के लिए जहरीले पदार्थ का उपयोग किया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


जिस वजह से गर्मियों के वक्त लोगों की मौत अब आम हो चली है। बता दें कि महुआ की शराब में तंबाकू का पानी, यूरिया, बैटरी सेल के काले पदार्थ, फिटकरी जैसे कई जहरीले पदार्थ मिलाए जाते हैं, जो सीधे तौर पर इंसान के शरीर के लिए घातक साबित होता है। इन पदार्थों को इसलिए मिलाया जाता है। ताकि इससे शराब हार्ड बने और शराब का स्वाद बढ़े और नशा धीरे-धीरे हो। ताकि लोग दो ग्लास की जगह चार ग्लास शराब पी जाएं। इस जहरीले शराब ने कई परिवारों को उजाड़ कर रख दिया। कई बच्चे अनाथ हो गए और कई महिलाएं विधवा हो गईं। लेकिन आज तक इस अवैध कारोबार पर अंकुश नहीं लग पाया।


कैसे होता है शुद्ध महुआ को जहरीला शराब बनाने का खेल
नाम न लिखने की शर्त पर कुछ लोगों ने बताया कि गैर आदिवासियों के द्वारा शुद्ध महुआ शराब 10 या 5 या 20 लीटर की मात्रा में खरीदा जाता है। जिसके बाद घर में लाकर इस शराब में तंबाकू टोर्च की सेल बैटरी के अंदर का काला पदार्थ, यूरीया, फिटकीरी एवं अन्य पदार्थ को पानी में उबाला जाता है । उबालने के बाद इन पदार्थों के पानी के घोल को शराब में एक सीमित मात्रा में मिलाया जाता है । जिसके बाद शराब शुद्ध से जहरीली बन जाती है लेकिन इंसान के शरीर में इसका प्रभाव धीरे-धीरे नजर आता है। महुआ शराब के वास्तविक बनावट के साथ खिलवाड़ किया जाता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed