{"_id":"6a101b2f11c582d7c4053fb0","slug":"dantewada-news-villagers-demand-inquiry-into-two-mining-production-projects-2026-05-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Dantewada News: फर्जी ग्रामसभा से बिना खनन उत्पादन के आरोप, ग्रामीणों ने की दो परियोजनाओं की जांच की मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Dantewada News: फर्जी ग्रामसभा से बिना खनन उत्पादन के आरोप, ग्रामीणों ने की दो परियोजनाओं की जांच की मांग
Fri, 22 May 2026 02:32 PM IST
Lalit Kumar Singh
अमर उजाला नेटवर्क, दंतेवाड़ा
अमर उजाला नेटवर्क, दंतेवाड़ा
Published by: Lalit Kumar Singh
Updated Fri, 22 May 2026 02:32 PM IST
सार
Dantewada News: छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिला के बैलाडीला क्षेत्र में संचालित और प्रस्तावित दो खनन परियोजनाओं को लेकर ग्रामीणों ने जिला प्रशासन के समक्ष गंभीर आपत्तियां दर्ज कराई हैं।
विज्ञापन
कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते ग्रामीण
- फोटो : Amar ujala digital
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
Dantewada News: छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिला के बैलाडीला क्षेत्र में संचालित और प्रस्तावित दो खनन परियोजनाओं को लेकर ग्रामीणों ने जिला प्रशासन के समक्ष गंभीर आपत्तियां दर्ज कराई हैं। ग्रामीणों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर डिपॉजिट क्रमांक-चार परियोजना में फर्जी ग्रामसभा और लोक सुनवाई कराने का आरोप लगाया है। आलनार स्थित आरती स्पंज एंड पावर लिमिटेड की खदान में वास्तविक खनन गतिविधियां नहीं होने के बावजूद अभिलेखों में लौह अयस्क उत्पादन और परिवहन दर्ज किए जाने की शिकायत की है। ग्रामीणों ने दोनों मामलों की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
मामले में ग्रामीणों का आरोप है कि डिपॉजिट-4 परियोजना के लिए क्षेत्र में वैधानिक प्रक्रिया के अनुरूप ग्रामसभा आयोजित नहीं की गई और स्थानीय लोगों की वास्तविक सहमति के बिना दस्तावेज तैयार कर लिए गए। उनका कहना है कि इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर लोक सुनवाई सहित अन्य प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी दर्शाकर खनन कार्य शुरू करने की तैयारी की जा रही है। ज्ञापन में बताया कि रोजगार, पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य सुविधाएं तथा आधारभूत ढांचे से जुड़ी मांगों पर निर्णय लिए बिना सड़क निर्माण सहित अन्य प्रारंभिक कार्य शुरू कर दिए गए हैं।
खदान को लेकर सवाल उठाए
वहीं दूसरे ज्ञापन में ग्रामीणों ने आरती स्पंज एंड पावर लिमिटेड की खदान को लेकर सवाल उठाए हैं। उनका दावा है कि खदान क्षेत्र में न तो बड़े पैमाने पर खनन के स्पष्ट चिन्ह दिखाई देते हैं और न ही आवश्यक भारी मशीनरी मौजूद है, इसके बावजूद सरकारी रिकॉर्ड में लौह अयस्क के उत्पादन और परिवहन का उल्लेख किया जा रहा है। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि अन्य स्रोतों से प्राप्त खनिज को खदान के नाम पर वैध दर्शाया जा सकता है, जिससे शासन को राजस्व और जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) मद में नुकसान होने की संभावना है।
विज्ञापन
खनन संबंधी गतिविधियों पर लगे रोक
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि डिपॉजिट-4 परियोजना में कथित फर्जी दस्तावेजों और ग्रामसभा प्रक्रिया की जांच पूरी होने तक खनन संबंधी गतिविधियों पर रोक लगाई जाए और पारदर्शी तरीके से दोबारा ग्रामसभा आयोजित कराई जाए। वहीं आरती स्पंज मामले में खदान का भौतिक सत्यापन, मशीनरी और डीजल खपत की जांच, सैटेलाइट इमेजरी के माध्यम से सत्यापन तथा दोषी पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों ने दोनों मामलों में शीघ्र और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की मांग की है।
विज्ञापन
मामले में ग्रामीणों का आरोप है कि डिपॉजिट-4 परियोजना के लिए क्षेत्र में वैधानिक प्रक्रिया के अनुरूप ग्रामसभा आयोजित नहीं की गई और स्थानीय लोगों की वास्तविक सहमति के बिना दस्तावेज तैयार कर लिए गए। उनका कहना है कि इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर लोक सुनवाई सहित अन्य प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी दर्शाकर खनन कार्य शुरू करने की तैयारी की जा रही है। ज्ञापन में बताया कि रोजगार, पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य सुविधाएं तथा आधारभूत ढांचे से जुड़ी मांगों पर निर्णय लिए बिना सड़क निर्माण सहित अन्य प्रारंभिक कार्य शुरू कर दिए गए हैं।
विज्ञापन
खदान को लेकर सवाल उठाए
वहीं दूसरे ज्ञापन में ग्रामीणों ने आरती स्पंज एंड पावर लिमिटेड की खदान को लेकर सवाल उठाए हैं। उनका दावा है कि खदान क्षेत्र में न तो बड़े पैमाने पर खनन के स्पष्ट चिन्ह दिखाई देते हैं और न ही आवश्यक भारी मशीनरी मौजूद है, इसके बावजूद सरकारी रिकॉर्ड में लौह अयस्क के उत्पादन और परिवहन का उल्लेख किया जा रहा है। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि अन्य स्रोतों से प्राप्त खनिज को खदान के नाम पर वैध दर्शाया जा सकता है, जिससे शासन को राजस्व और जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) मद में नुकसान होने की संभावना है।
विज्ञापन
खनन संबंधी गतिविधियों पर लगे रोक
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि डिपॉजिट-4 परियोजना में कथित फर्जी दस्तावेजों और ग्रामसभा प्रक्रिया की जांच पूरी होने तक खनन संबंधी गतिविधियों पर रोक लगाई जाए और पारदर्शी तरीके से दोबारा ग्रामसभा आयोजित कराई जाए। वहीं आरती स्पंज मामले में खदान का भौतिक सत्यापन, मशीनरी और डीजल खपत की जांच, सैटेलाइट इमेजरी के माध्यम से सत्यापन तथा दोषी पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों ने दोनों मामलों में शीघ्र और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की मांग की है।