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कस्टम मिलिंग घोटाला: भिलाई में ईडी की रेड से मचा हड़कंप, दस्तावेजों की छानबीन जारी
Thu, 18 Sep 2025 11:57 AM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, दुर्ग
अमर उजाला नेटवर्क, दुर्ग
Published by: अमन कोशले
Updated Thu, 18 Sep 2025 11:57 AM IST
सार
ED raid in Bhilai: छत्तीसगढ़ में हुए 140 करोड़ रुपये के बहुचर्चित कस्टम मिलिंग घोटाले के मामले में एक बार फिर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भिलाई के हुडको में आज सुबह से छापामारी कार्रवाई की जा रही है।
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भिलाई में ईडी की रेड से मचा हड़कंप
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
छत्तीसगढ़ में हुए 140 करोड़ रुपये के बहुचर्चित कस्टम मिलिंग घोटाले के मामले में एक बार फिर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भिलाई के हुडको में आज सुबह से छापामारी कार्रवाई की जा रही है। ED की चार सदस्यीय टीम ने हुडको निवासी सुधाकर राव के निवास पर छापा मारा और महत्वपूर्ण दस्तावेजों की छानबीन शुरू कर दी है।
बता दें कि आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने इस घोटाले में मुख्य आरोपी रिटायर्ड IAS अनिल टुटेजा और होटल कारोबारी अनवर ढेबर को गिरफ्तार किया था। कस्टम मिलिंग योजना के तहत राज्य सरकार किसानों से धान खरीदती है और उसे चावल में बदलने के लिए मिलर्स को देती है। इस प्रक्रिया में मिलर्स को भुगतान किया जाता है। आरोप है कि इस पूरी प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर धांधली और फर्जी भुगतान किए गए।जिससे 140 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध वसूली हुई। इस घोटाले में कई बड़े अधिकारी और मिलर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी शामिल बताए जा रहे हैं।
ईडी पहले से ही इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के तहत जांच कर रही है और पिछले साल मार्कफेड के पूर्व एमडी मनोज सोनी और मिलर्स एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष रोशन चंद्राकर को गिरफ्तार भी कर चुकी है। भिलाई समेत अन्य अलग-अलग जिलों में ED की टीमें एक साथ कार्रवाई कर रही हैं।
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बता दें कि आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने इस घोटाले में मुख्य आरोपी रिटायर्ड IAS अनिल टुटेजा और होटल कारोबारी अनवर ढेबर को गिरफ्तार किया था। कस्टम मिलिंग योजना के तहत राज्य सरकार किसानों से धान खरीदती है और उसे चावल में बदलने के लिए मिलर्स को देती है। इस प्रक्रिया में मिलर्स को भुगतान किया जाता है। आरोप है कि इस पूरी प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर धांधली और फर्जी भुगतान किए गए।जिससे 140 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध वसूली हुई। इस घोटाले में कई बड़े अधिकारी और मिलर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी शामिल बताए जा रहे हैं।
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ईडी पहले से ही इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के तहत जांच कर रही है और पिछले साल मार्कफेड के पूर्व एमडी मनोज सोनी और मिलर्स एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष रोशन चंद्राकर को गिरफ्तार भी कर चुकी है। भिलाई समेत अन्य अलग-अलग जिलों में ED की टीमें एक साथ कार्रवाई कर रही हैं।
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