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जासूसी मामला: सीएम बघेल का आरोप- छत्तीसगढ़ भी आई थी पेगासस की टीम, कई लोगों से की मुलाकात
Wed, 21 Jul 2021 04:10 PM IST
संजीव कुमार झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Wed, 21 Jul 2021 04:10 PM IST
सार
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी एक बड़ा दावा करते हुए कहा है कि पेगासस बनाने वाली कंपनी के अधिकारी छत्तीसगढ़ आए थे और कुछ लोगों से संपर्क किया था।
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भूपेश बघेल
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
पेगासस जासूसी मामले के सामने आने के बाद से ही कांग्रेस समेत कई विपक्षी पार्टियां केंद्र सरकार के खिलाफ हमलावर हो गई हैं। इस बीच छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी एक बड़ा दावा करते हुए कहा है कि पेगासस बनाने वाली कंपनी के अधिकारी छत्तीसगढ़ आए थे और कुछ लोगों से संपर्क किया था। इसलिए हमने एक जांच समिति गठित की है। उन्होंने कहा कि पूर्व सीएम रमन सिंह खुलासा करें कि वे किससे मिले और किस तरह का सौदा किया।
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बघेल ने कहा कि भारत सरकार को बताना चाहिए कि उनकी डील हुई कि नहीं हुई? डील हुई तो किससे हुई? उन्होंने मंत्रियों, विपक्ष के नेताओं, पत्रकारों और अन्य लोगों की जासूसी कराया। आखिर उनका उद्देश्य क्या था?
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बता दें कि इससे पहले वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री कपिल सिब्बल ने पेगासस जासूसी मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराने की मांग की है। साथ ही सरकार से इस पर संसद में श्वेतपत्र जारी कर यह बताने की मांग की कि इसमें इस्राइली स्पाइवेयर का इस्तेमाल हुआ या नहीं।
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क्या है मामला
गौरतलब है कि मीडिया संस्थानों के अंतरराष्ट्रीय संगठन ने खुलासा किया है कि केवल सरकारी एजेंसियों को ही बेचे जाने वाले इजराइल के जासूसी साफ्टवेयर के जरिए भारत के दो केन्द्रीय मंत्रियों, 40 से अधिक पत्रकारों, विपक्ष के तीन नेताओं और एक न्यायाधीश सहित बड़ी संख्या में कारोबारियों और अधिकार कार्यकर्ताओं के 300 से अधिक मोबाइल नंबर, हो सकता है कि हैक किए गए हों। यह रिपोर्ट रविवार को सामने आई है। सरकार ने अपने स्तर पर खास लोगों की निगरानी संबंधी आरोपों को खारिज किया है। सरकार ने कहा कि इसका कोई ठोस आधार नहीं है या इससे जुड़ी कोई सच्चाई नहीं है।