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Bilaspur : इलाज के नाम पर मानसिक दिव्यांग युवक को 20 जगह गर्म त्रिशूल से दागा, चार दिन बाद हो गई मौत
Tue, 01 Nov 2022 11:26 AM IST
मोहनीश श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिलासपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिलासपुर
Published by: मोहनीश श्रीवास्तव
Updated Tue, 01 Nov 2022 11:26 AM IST
सार
चार दिन तक अपने घर में ही रखकर 26 अक्तूबर तक झाड़-फूंक करता रहा और शरीर को त्रिशूल से दागता रहा। इसके बाद अगले दिन कहा कि टेकूराम की हालत में सुधार हो जाएगा और उसे घर भेज दिया। इस बीच चार दिन में उसके शरीर में इंफेक्शन फैलता चला गया और 30 अक्तूबर को टेकूराम ने दम तोड़ दिया।
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- फोटो : social media
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विस्तार
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में अंधविश्वास के चलते एक युवक की जान चली गई। मानसिक दिव्यांग युवक को इलाज के नाम पर बैगा चार दिनों तक त्रिशूल से दागता रहा। उसके शरीर पर 20 से ज्यादा घाव दिए। जिसके चलते युवक की मौत हो गई। परिजन शव का अंतिम संस्कार करने जा रहे थे, लेकिन सूचना मिलने पर पुलिस पहुंच गई। बताया जा रहा है कि इंफेक्शन के चलते मौत हुई है। इसके बाद से पुलिस बैगा की तलाश कर रही है। मामला रतनपुर थाना क्षेत्र का है।
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सरपंच ने दी पुलिस को सूचना
जानकारी के मुताबिक, पुलिस को ग्राम पोड़ी के सरपंच ने सूचना दी कि उसके ही गांव के रहने वाले टेकूराम निर्मलकर (35) की संदिग्ध हालत में मौत हो गई है। उसके पूरे शरीर पर जलने के निशान बने हुए हैं। घरवाले उसके अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे हैं। इस पर पुलिस मौके पर पहुंच गई और अंतिम संस्कार रुकवा दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया। देखा तो शरीर पर 20 से ज्यादा जगह घाव और जलने के निशान थे। इसके बाद युवक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
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बैगा ने दिया था ठीक करने का आश्वासन
पूछताछ में टेकूराम की पत्नी ने पुलिस को बताया कि चार महीने पहले उसके पति की मानसिक स्थिति खराब हो गई थी। वह अस्पताल में टेकूराम का इलाज करा रही थी। बावजूद उसके स्वास्थ्य में कोई सुधार नहीं हो रहा था। इस दौरान उन्हें जानकारी मिली कि उनका मल्हार चौकी क्षेत्र के जुनवानी में रहने वाला बैगा लीला रजक झाड़-फूंक करता है। उसने बैगा से बात की तो उसने ठीक करने का आश्वासन दिया और 23 अक्तूबर को टेकूराम को लेकर घर आने के लिए कहा।
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मामला दर्ज होने के बाद से फरार
इस पर टेकूराम की पत्नी उसे लेकर बैगा लीला रजक के घर पहुंच गई। आरोप है कि चार दिन तक अपने घर में ही रखकर 26 अक्तूबर तक झाड़-फूंक करता रहा और शरीर को त्रिशूल से दागता रहा। इसके बाद अगले दिन कहा कि टेकूराम की हालत में सुधार हो जाएगा और उसे घर भेज दिया। इस बीच चार दिन में उसके शरीर में इंफेक्शन फैलता चला गया और 30 अक्तूबर को टेकूराम ने दम तोड़ दिया। रतनपुर थाना पुलिस ने केस दर्ज कर उसे मल्हार चौकी को भेज दिया है। मामला दर्ज होने के बाद से बैगा फरार है।