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CG News: भारत अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में चमकेगा छत्तीसगढ़, दिखेगी उद्योग और संस्कृति की अनोखी झलक
Thu, 13 Nov 2025 06:58 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Thu, 13 Nov 2025 06:58 PM IST
सार
दिल्ली के भारत मंडपम में 14 से 27 नवम्बर तक आयोजित होने जा रहे भारत अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले (IITF) में इस बार छत्तीसगढ़ अपनी औद्योगिक प्रगति, समृद्ध संस्कृति और पर्यटन संभावनाओं के साथ विशेष आकर्षण का केंद्र बनने जा रहा है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
दिल्ली के भारत मंडपम में 14 से 27 नवम्बर तक आयोजित होने जा रहे भारत अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले (IITF) में इस बार छत्तीसगढ़ अपनी औद्योगिक प्रगति, समृद्ध संस्कृति और पर्यटन संभावनाओं के साथ विशेष आकर्षण का केंद्र बनने जा रहा है। “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” थीम पर आधारित यह आयोजन देश-विदेश के उद्योगपतियों, निवेशकों और आगंतुकों को छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक ताकत से रूबरू कराएगा।
भारत मंडपम में बनाया जा रहा छत्तीसगढ़ पवेलियन राज्य की आर्थिक प्रगति, औद्योगिक माहौल और नई औद्योगिक नीति 2025 की विशेषताओं को दर्शाएगा। यहां आगंतुकों को निवेश प्रोत्साहन योजनाओं, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (MSME) के विकास और राज्य सरकार द्वारा दी जा रही सुविधाओं की जानकारी दी जाएगी। मेला अवधि के दौरान राज्य सरकार निवेशकों के साथ ‘इन्वेस्टर कनेक्ट’ कार्यक्रम आयोजित करेगी, जिसमें छत्तीसगढ़ में औद्योगिक निवेश के नए अवसरों पर चर्चा होगी। अधिकारियों का कहना है कि इस प्लेटफॉर्म से राज्य में निवेश की संभावनाओं को और गति मिलेगी।
व्यापार मेले में छत्तीसगढ़ की संस्कृति और पर्यटन क्षमता का भी प्रदर्शन होगा। यहां राज्य की लोककला, हस्तशिल्प और ग्रामीण उद्यम की झलक देखने को मिलेगी। बस्तर क्षेत्र को केंद्र में रखकर बनाई गई डिजिटल प्रदर्शनी आगंतुकों को राज्य की जनजातीय परंपराओं और कलात्मक धरोहर से परिचित कराएगी। पवेलियन में मिलेट उत्पादों और वनोपज आधारित वस्तुओं की प्रदर्शनी के साथ-साथ एक ‘मिलेट कैफे’ भी लगाया जाएगा। यहां आगंतुक कोदो, कुटकी, रागी और संवा जैसे छत्तीसगढ़ी लघु धान्यों से बने व्यंजन का स्वाद ले सकेंगे। राज्य का लघु वनोपज संघ अपने उत्पादों की बिक्री और मार्केटिंग के लिए राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय कंपनियों के साथ संपर्क स्थापित करेगा।
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व्यापार मेले के दौरान 24 नवम्बर को दिल्ली में छत्तीसगढ़ दिवस का आयोजन किया जाएगा। शाम 6 बजे शुरू होने वाले इस कार्यक्रम में राज्यपाल, मुख्यमंत्री और मंत्रीमंडल के सदस्य शामिल होंगे। आयोजन की जिम्मेदारी संस्कृति विभाग को सौंपी गई है। पूरे मेले के दौरान छत्तीसगढ़ पवेलियन में नृत्य दलों द्वारा प्रतिदिन सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी जाएँगी। इसके साथ ही ग्रामोद्योग, हथकरघा, चरखा, हस्तशिल्प और अन्य उत्पादों का लाइव प्रदर्शन एवं बिक्री की भी व्यवस्था रहेगी। राज्य सरकार का उद्देश्य इस अंतर्राष्ट्रीय मंच के माध्यम से छत्तीसगढ़ की औद्योगिक उपलब्धियों, जैविक खाद्यान्नों और पर्यटन की विविधता को वैश्विक पहचान दिलाना है। यह आयोजन निवेशकों और पर्यटकों दोनों के लिए राज्य की संभावनाओं का खुला आमंत्रण होगा।
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भारत मंडपम में बनाया जा रहा छत्तीसगढ़ पवेलियन राज्य की आर्थिक प्रगति, औद्योगिक माहौल और नई औद्योगिक नीति 2025 की विशेषताओं को दर्शाएगा। यहां आगंतुकों को निवेश प्रोत्साहन योजनाओं, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (MSME) के विकास और राज्य सरकार द्वारा दी जा रही सुविधाओं की जानकारी दी जाएगी। मेला अवधि के दौरान राज्य सरकार निवेशकों के साथ ‘इन्वेस्टर कनेक्ट’ कार्यक्रम आयोजित करेगी, जिसमें छत्तीसगढ़ में औद्योगिक निवेश के नए अवसरों पर चर्चा होगी। अधिकारियों का कहना है कि इस प्लेटफॉर्म से राज्य में निवेश की संभावनाओं को और गति मिलेगी।
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व्यापार मेले में छत्तीसगढ़ की संस्कृति और पर्यटन क्षमता का भी प्रदर्शन होगा। यहां राज्य की लोककला, हस्तशिल्प और ग्रामीण उद्यम की झलक देखने को मिलेगी। बस्तर क्षेत्र को केंद्र में रखकर बनाई गई डिजिटल प्रदर्शनी आगंतुकों को राज्य की जनजातीय परंपराओं और कलात्मक धरोहर से परिचित कराएगी। पवेलियन में मिलेट उत्पादों और वनोपज आधारित वस्तुओं की प्रदर्शनी के साथ-साथ एक ‘मिलेट कैफे’ भी लगाया जाएगा। यहां आगंतुक कोदो, कुटकी, रागी और संवा जैसे छत्तीसगढ़ी लघु धान्यों से बने व्यंजन का स्वाद ले सकेंगे। राज्य का लघु वनोपज संघ अपने उत्पादों की बिक्री और मार्केटिंग के लिए राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय कंपनियों के साथ संपर्क स्थापित करेगा।
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व्यापार मेले के दौरान 24 नवम्बर को दिल्ली में छत्तीसगढ़ दिवस का आयोजन किया जाएगा। शाम 6 बजे शुरू होने वाले इस कार्यक्रम में राज्यपाल, मुख्यमंत्री और मंत्रीमंडल के सदस्य शामिल होंगे। आयोजन की जिम्मेदारी संस्कृति विभाग को सौंपी गई है। पूरे मेले के दौरान छत्तीसगढ़ पवेलियन में नृत्य दलों द्वारा प्रतिदिन सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी जाएँगी। इसके साथ ही ग्रामोद्योग, हथकरघा, चरखा, हस्तशिल्प और अन्य उत्पादों का लाइव प्रदर्शन एवं बिक्री की भी व्यवस्था रहेगी। राज्य सरकार का उद्देश्य इस अंतर्राष्ट्रीय मंच के माध्यम से छत्तीसगढ़ की औद्योगिक उपलब्धियों, जैविक खाद्यान्नों और पर्यटन की विविधता को वैश्विक पहचान दिलाना है। यह आयोजन निवेशकों और पर्यटकों दोनों के लिए राज्य की संभावनाओं का खुला आमंत्रण होगा।