छत्तीसगढ़: गर्भवती महिला को 5 किलोमीटर तक खाट पर लेकर अस्पताल पहुंचे ग्रामीण, नहीं मिली एंबुलेंस
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छत्तीसगढ़ के आदिवासी बाहुल्य जशपुर जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं की पोल खोलता एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। इस वीडियो में एक ग्रामीण परिवार की गर्भवती महिला को खाट पर ले जाते देखा जा रहा है।
जशपुर जिले में खराब सड़क के कारण प्रसव पीड़ा से तड़प रही महिला को उसके परिजन ग्रामीणों की मदद से खाट में उठाकर पांच किलोमीटर दूर वाहन तक ले गए। प्रशासन ने अब मानसून के बाद सड़क निर्माण का फैसला किया है।
राज्य के जशपुर जिले के बगीचा विकासखंड के अंतर्गत जबला गांव के ग्रामीणों ने बताया कि गांव निवासी सावित्री बाई (27 वर्ष) को 31 अगस्त को प्रसव पीड़ा हुई तब उसके परिजन उसे अस्पताल ले जाने की कोशिश करने लगे। लेकिन गांव तक किसी वाहन के नहीं पहुंच पाने के कारण परिजनों को उसे खाट में उठाकर पांच किलोमीटर दूर वाहन तक ले जाना पड़ा।
ग्रामीणों ने बताया कि गांव में चारपहिया वाहन आ सके ऐसी सड़क नहीं है। जब सावित्री बाई की तबीयत बिगड़ी तब परिजनों ने एक खाट को लकड़ी से बांध दिया और महिला को उसमें लिटा दिया गया। इसके बाद उसे पांच किलोमीटर दूर अंबाकछार गांव तक पहुंचाया गया। उन्होंने बताया कि अंबाकछार गांव से महिला को एक निजी वाहन से कुनकुरी गांव स्थित अस्पताल पहुंचाया गया। उन्हें एंबुलेंस भी नहीं मिली।
वहीं, बगीचा विकासखंड के विकासखंड चिकित्सा अधिकारी आरएन दुबे ने बताया कि जब जानकारी मिली कि एक गर्भवती महिला को चिकित्सा सुविधा की जरूरत है तब एंबुलेंस को वहां पहुंचने के लिए कहा गया था।
दुबे ने बताया कि एंबुलेंस के वहां पहुंचने से पहले ही महिला के परिजन उसे कुनकुरी के स्वास्थ्य केंद्र में पहुंचा चुके थे। उन्होंने बताया कि बुधवार दोपहर में महिला को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। परिजनों को बताया गया कि महिला के प्रसव में अभी कुछ दिन और हैं, इसलिए महिला को घर ले जाने के लिए कहा गया। चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि महिला को घर ले जाने के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था की गई थी।
इधर बगीचा जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विनोद सिंह ने बताया कि मानसून के बाद जबला और अन्य गांव तक पहुंच मार्ग का निर्माण किया जाएगा। गांव तक पहुंचने के लिए दो नालों के ऊपर पुल का निर्माण किया जाएगा।
#WATCH Chhattisgarh: Locals of Jabla village in Jashpur carried a pregnant woman who was experiencing labour pain on a cot for about 5 kilometres to avail the facility of an ambulance, as there is no proper road in the village. (31.08.2020) pic.twitter.com/egsmh1Tjmj
— ANI (@ANI) September 1, 2020