फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chhattisgarh ›   Chhattisgarh: The youth of Korba are doing a unique demonstration , giving rebuke - 'If you eat a chicken worth 10 rupees, you will become a cock like this'

छत्तीसगढ़: कोरबा के युवा कर रहे अनूठा प्रदर्शन, दे रहे उलाहना-  '10 रुपये का मुर्गा खाओगे तो ऐसे ही मुर्गा बन जाओगे'

Wed, 04 Aug 2021 09:32 PM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोरबा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोरबा Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Wed, 04 Aug 2021 09:32 PM IST
सार

छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के युवा इन दिनों अनूठा प्रदर्शन कर रहे हैं। जिले की खस्ताहाल सड़कों को लेकर ये युवा गड्ढेदार सड़कों के किनारे हाथों में तख्तियां लेकर गीत गा रहे हैं। 
 

विज्ञापन
Chhattisgarh: The youth of Korba are doing a unique demonstration , giving rebuke - 'If you eat a chicken worth 10 rupees, you will become a cock like this'
symbolic image - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के युवाओं का अनूठा प्रदर्शन सभी का ध्यान आकर्षित कर रहा है। दरअसल ये जिले की खस्ताहाल सड़कों को लेकर गीत व नारों का इस्तेमाल कर क्षेत्र के मतदाताओं को उलाहने दे रहे हैं। 
विज्ञापन


प्रदर्शन के दौरान कुछ युवा पोस्टर लेकर खस्ताहाल सड़क के पास खड़े होते हैं और वहां गीत गाते हैं। उनकी तख्तियों पर नारे लिख हैं-  'साड़ी, रुपये में बिक जाओगे तो ऐसा ही रोड पाओगे।' '10 रुपये में मुर्गा खाओगे तो ऐसे ही मुर्गे बन जाओगे'। जहां ये युवा प्रदर्शन कर रहे हैं, वहां अनेक गड्ढे हैं और कीचड़ व पानी से भरे हैं। 
विज्ञापन


तख्तियों पर लिखे हैं रोचक व चुटीले नारे
इन युवाओं के हाथों में तरह-तरह के नारे लिखी तख्तियां हैं। जैसे कि 'मुस्कुराइए, आपने कोरबा को बर्बाद कर दिया है।' '10 रुपये का मुर्गा खाओगे तो ऐसे ही मुर्गा बन जाओगे।' युवाओं का यह प्रदर्शन कोरबा के बुधवारी बाजार से घंटाघर निहारिका जाने वाली सड़क पर चल रहा था। उनके हाथों में नारे लिखे बैनर थे। 
विज्ञापन
विज्ञापन


प्रदर्शनकारी युवाओं का कहना है कि वे चाहते हैं कि लोगों को इस बात का एहसास हो जाए कि सड़कों की दुर्दशा के लिए वो खुद जिम्मेदार हैं। जन संगठन के विशाल केलकर के अनुसार हम पांच-छह साल से शहर के लिए संघर्ष कर रहे हैं। शहर की सड़कों पर चलना मुश्किल हो गया है। जब कोई सुनवाई नहीं हुई तो यह तरीका निकाला। कोरबा में सड़कों के हाल बदहाल हैं। मरम्मत के नाम पर खानापूर्ति होती है। कुछ ही दिनों में गड्ढे उभर आते हैं और शासन-प्रशासन को मुंह चिढ़ाते हैं। 


विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed