Chhattisgarh: विपक्ष का भूपेश सरकार पर हमला, मुख्यमंत्री को स्टीयरिंग कमेटी में न लेने पर उठाए सवाल
कांग्रेस पार्टी द्वारा स्टीयरिंग कमिटी की घोषणा करने पर उसमें मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के शामिल ना होने पर भारतीय जनता पार्टी ने भूपेश सरकार पर हमला बोला है।
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विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष ,पूर्व नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि कांग्रेस की स्टीयरिंग कमेटी में प्रदेश के एक भी प्रतिनिधि को शामिल नहीं किया जाना इस बात को साबित करता है कि प्रदेश कांग्रेस का केंद्रीय नेतृत्व के सामने कोई महत्व नहीं है। प्रदेश कांग्रेस की भूमिका केवल मात्र एटीएम स्टेट ही रह गया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्वाचन के बाद बनीं केंद्रीय सूची में राज्य के एक भी कांग्रेसी को स्थान नहीं मिला। इससे यह स्पष्ट होता है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अपनी ही पार्टी के मामलों में लगातार कमजोर होते जा रहें हैं। दिल्ली में उनकी स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है। मुख्यमंत्री के अलावा भी किसी छत्तीसगढ़ कांग्रेस के नेता को इस लायक नही समझा गया आखिर क्यों?
मुख्यमंत्री को स्टीयरिंग कमेटी में ना लेना मतलब उनके जाने का समय आ गया है: बृजमोहन
कांग्रेस पार्टी द्वारा स्टीयरिंग कमेटी की घोषणा करने पर उसमें मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के शामिल ना होने पर भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता, पूर्व मंत्री व विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने कहा लगता है ईडी के छापे ने एटीएम की गति को धीमा कर दिया है इसीलिए भूपेश बघेल की स्थिति केंद्र में कमजोर हो गई। देश में दो ही जगह कांग्रेस की सरकारें हैं ऐसे में मुख्यमंत्री का स्टीयरिंग कमेटी में शामिल ना होना इस बात का संकेत है कि अब उनके जाने का समय आ गया है एवं केंद्रीय स्तर पर उनकी स्थिति बेहद कमजोर हो रही है। अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री कांग्रेस के लिए केवल एक एटीएम ही है उससे ज्यादा उनका कोई महत्व नहीं है।
प्रदेश में जनता की आवाज सुरक्षित नहीं है, ये कैसा नया छत्तीसगढ़ गढ़ रहे है भूपेश जी?- बृजमोहन अग्रवाल
उधर, पूर्व मंत्री व विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि भूपेश सरकार मीडिया कर्मियों को सुरक्षा दे पाने में असफल रही है। सत्ता में आने के पूर्व मीडिया कर्मियों की सुरक्षा को लेकर बड़े-बड़े दावे किए गए थे। लेकिन ठीक इसके विपरित भूपेश बघेल के राज में लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर लगातार प्रहार बढ़ते गए। यह प्रदेश में बिगड़ती कानून-व्यवस्था और अराजकता का प्रमाण है।
आज जगदलपुर में नई दुनिया के पत्रकार रितेश पांडे पर जानलेवा हमला व लूट की घटना हुई है इसकी निंदा करते हुए पूर्व मंत्री व विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने कहा भूपेश सरकार के सत्ता में आने के बाद से ही पत्रकारों को सच लिखने से रोकने के लिए पुलिस से दबाव डाला जाता था, उनके खिलाफ अपराध पंजीबद्ध किए जाते थे लेकिन अब उन पर सीधे जानलेवा हमले होने लगे। जिसका अर्थ साफ है पत्रकारों को इतना भयभीत कर दो कि उनका हाथ सच लिखने से कांपने लगे। यही चरित्र है कांग्रेस का। जो इमरजेंसी में मीडिया का गला घोंटने का काम करते थे, अब वही छत्तीसगढ़ में कर रहे है। उन्होंने पूछा कि भूपेश बघेल जी क्या इतने डरपोक हैं कि उन्हें अब कलम से डर लगता है? पत्रकार सुरक्षा कानून बनाने का वादा करने वाले अब पत्रकारों को ही निशाना बना रहे हैं।
उन्होंने कहा कांग्रेस सरकार पिछले चार सालों से एक ही नीति पर काम कर रही है जनता को बरगलाओ, पत्रकारों को दबाओ और बढ़ते अपराधो से जी चुराओ। मुख्यमंत्री और गृह मंत्री के जिले में सिलसिलेवार सामूहिक हत्याकांड की घटना होती है और त्योहार में खुलेआम गोली कांड हो जाता है परंतु सरकार लगातार चुप्पी साधी रहती है। भूपेश बघेल जी स्मरण रहे किसी भी सरकार में पत्रकारों पर हमला उस सरकार के पतन की चरम अवस्था होती है। पत्रकार भाइयों की असुरक्षा इस बात का सूचक है कि भूपेश सरकार का अंत निकट है।