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Chhattisgarh: नियद नेल्लानार योजना से बदल रही बस्तर की तस्वीर; जहां कभी चलती थी गोली, अब चेहरे पर छायी मुस्कान
Wed, 02 Apr 2025 06:20 PM IST
ललित कुमार सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर
अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर
Published by: ललित कुमार सिंह
Updated Wed, 02 Apr 2025 06:20 PM IST
सार
Niyyad Nellnar scheme छत्तीसगढ़ सरकार की नियद नेल्लानार योजना से नक्सल प्रभावित बस्तर संभाग की तस्वीर और तकदीर दोनों बदल रही है। लोगों के चेहरे पर मुस्कान छा रही है।
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नियद नेल्लानार योजना से लाभांवित हितग्राही
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
Niyyad Nellnar scheme: छत्तीसगढ़ सरकार की नियद नेल्लानार योजना से नक्सल प्रभावित बस्तर संभाग की तस्वीर और तकदीर दोनों बदल रही है। योजना से लाभाांवित लोगों के चेहरे पर मुस्कान छा रही है। जहां पहले घना जंगल, टेढ़े-मेढ़े रास्ते और सूरज ढलते ही घना अंधेरा छा जाता था। बीजापुर जिले के हीरापुर ग्राम पंचायत के आश्रित ग्राम पुसकोंटा की कभी यही पहचान थी पर अब वहां पर बदलाव की बयार बह रही है। नक्सलियों ने बस्तर संभाग के दूरस्थ अंचलों में अपने आतंक और दहशत के दम पर विकास को रोके रखा था। अब इन जगहों पर तेजी से विकास कार्य हो रहे हैं। लोगों को मूलभूत सुविधायें मिल रही हैं।
"नियद नेल्लानार योजना" ने वह कर दिखाया, जो लंबे समय से सिर्फ एक सपना था। गांव के प्रत्येक घर में जब पहली बार बल्ब जला, तो वह एक नए जीवन की शुरुआत थी। पुसकोंटा के ग्रामीण देवा कुंजाम, भीमा माड़वी, नागू पोट्टाम और जमुना मिच्चा की आँखों में यह चमक साफ देखी जा सकती है, जो उम्मीद और विश्वास की होती है।
देवा कुंजाम बताते हैं, “पहले अंधेरा ऐसा होता था कि जंगली जानवरों का डर हर समय बना रहता था। लेकिन अब गांव में रोशनी है और साथ ही सुरक्षा का एहसास भी।"
पेयजल घर के द्वार
गृहिणी जमुना मिच्छा कहती हैं, “जल जीवन मिशन के तहत हर घर में नल होने से अब हमें पानी के लिए हैण्डपंप तक नहीं जाना पड़ता। पहले बच्चों को अकेला छोड़कर पानी लाने जाना पड़ता था, अब घर में ही पानी है, तो बच्चों का भी ठीक से ध्यान रख पाती हूं।”
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सपनों को लगा पंख
भीमा माड़वी के लिए तो यह बदलाव कुछ और ही मायने रखता है। वे पहली बार रायपुर देखने गए – एक ऐसा अनुभव जो पहले कभी कल्पना में भी नहीं था। वे कहते हैं, “मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर आज पुसकोंटा जैसे दूरदराज गांव के ग्रामीण भी राजधानी के विकास कार्यों को देख पा रहे हैं।”
हर तरफ बदलाव की बयार
नियद नेल्लानार योजना सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि एक विजन है है। वह विजन जो हर गांव को विकास की मुख्यधारा से जोड़ता है। अब पुसकोंटा जैसे गांवों में न सिर्फ रोशनी आई है, बल्कि संभावनाओं की नई सुबह भी हुई है। प्रधानमंत्री आवास, शौचालय, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी सुविधाएं अब यहां दस्तक दे रही हैं। ये बदलाव सिर्फ सुविधा का नहीं, बल्कि सम्मान और आत्मनिर्भरता का है।
जानें क्या है नियद नेल्लानार योजना?
नियद नेल्लानार योजना छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णुदेव साय के नेतृत्व में नक्सल प्रभावित गांवों तक बुनियादी सुविधाएं और जन कल्याणकारी परियोजनाओं का लाभ सुनिश्चित किया जा रहा है। इस योजना के तहत बस्तर क्षेत्र में सुरक्षा शिविरों के पांच किलोमीटर के क्षेत्र में स्थित गांवों में सुविधाएं और लाभ प्रदान किए जा रहे हैं। सरकार ने बस्तर के अंदरुनी नक्सलवाद प्रभावित क्षेत्रों में 14 नए सुरक्षा कैंप बनाये हैं। हर कैंप के आस-पास के कुल पांच गांवों को शामिल किया गया है। इन गांवों में सरकार की तरफ से लागू कल्याणकारी योजनाओं को लाभ दिया जा रहा है। सरकार लभूत संसाधन और सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। इनमें आवास, अस्पताल, पानी, बिजली, सड़क, पुल-पुलिया, स्कूल आदि शामिल हैं। ताकि नक्सल प्रभावित लोगों के जीनव स्तर में सुधार आ सके।
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"नियद नेल्लानार योजना" ने वह कर दिखाया, जो लंबे समय से सिर्फ एक सपना था। गांव के प्रत्येक घर में जब पहली बार बल्ब जला, तो वह एक नए जीवन की शुरुआत थी। पुसकोंटा के ग्रामीण देवा कुंजाम, भीमा माड़वी, नागू पोट्टाम और जमुना मिच्चा की आँखों में यह चमक साफ देखी जा सकती है, जो उम्मीद और विश्वास की होती है।
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देवा कुंजाम बताते हैं, “पहले अंधेरा ऐसा होता था कि जंगली जानवरों का डर हर समय बना रहता था। लेकिन अब गांव में रोशनी है और साथ ही सुरक्षा का एहसास भी।"
पेयजल घर के द्वार
गृहिणी जमुना मिच्छा कहती हैं, “जल जीवन मिशन के तहत हर घर में नल होने से अब हमें पानी के लिए हैण्डपंप तक नहीं जाना पड़ता। पहले बच्चों को अकेला छोड़कर पानी लाने जाना पड़ता था, अब घर में ही पानी है, तो बच्चों का भी ठीक से ध्यान रख पाती हूं।”
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सपनों को लगा पंख
भीमा माड़वी के लिए तो यह बदलाव कुछ और ही मायने रखता है। वे पहली बार रायपुर देखने गए – एक ऐसा अनुभव जो पहले कभी कल्पना में भी नहीं था। वे कहते हैं, “मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर आज पुसकोंटा जैसे दूरदराज गांव के ग्रामीण भी राजधानी के विकास कार्यों को देख पा रहे हैं।”
हर तरफ बदलाव की बयार
नियद नेल्लानार योजना सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि एक विजन है है। वह विजन जो हर गांव को विकास की मुख्यधारा से जोड़ता है। अब पुसकोंटा जैसे गांवों में न सिर्फ रोशनी आई है, बल्कि संभावनाओं की नई सुबह भी हुई है। प्रधानमंत्री आवास, शौचालय, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी सुविधाएं अब यहां दस्तक दे रही हैं। ये बदलाव सिर्फ सुविधा का नहीं, बल्कि सम्मान और आत्मनिर्भरता का है।
जानें क्या है नियद नेल्लानार योजना?
नियद नेल्लानार योजना छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णुदेव साय के नेतृत्व में नक्सल प्रभावित गांवों तक बुनियादी सुविधाएं और जन कल्याणकारी परियोजनाओं का लाभ सुनिश्चित किया जा रहा है। इस योजना के तहत बस्तर क्षेत्र में सुरक्षा शिविरों के पांच किलोमीटर के क्षेत्र में स्थित गांवों में सुविधाएं और लाभ प्रदान किए जा रहे हैं। सरकार ने बस्तर के अंदरुनी नक्सलवाद प्रभावित क्षेत्रों में 14 नए सुरक्षा कैंप बनाये हैं। हर कैंप के आस-पास के कुल पांच गांवों को शामिल किया गया है। इन गांवों में सरकार की तरफ से लागू कल्याणकारी योजनाओं को लाभ दिया जा रहा है। सरकार लभूत संसाधन और सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। इनमें आवास, अस्पताल, पानी, बिजली, सड़क, पुल-पुलिया, स्कूल आदि शामिल हैं। ताकि नक्सल प्रभावित लोगों के जीनव स्तर में सुधार आ सके।