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छत्तीसगढ़: फर्जी दस्तावेजों से शिक्षा विभाग में हथियाई नौकरी, खुलासे से मचा हड़कंप, आठ के खिफाफ एफआईआर दर्ज

Sat, 07 Feb 2026 01:44 PM IST
ललित कुमार सिंह अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर
अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर Published by: ललित कुमार सिंह Updated Sat, 07 Feb 2026 01:44 PM IST
सार

CG News: छत्तीसगढ़ में फर्जी दस्तावेजों के जरिये शिक्षा विभाग में नौकरी कर रहे आठ लोगों पर कार्रवाई से हड़कंप मचा हुआ है।

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Chhattisgarh: Jobs obtained in education department using fake documents, FIR  registered on eight people
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला डिजिटल

विस्तार

CG News: छत्तीसगढ़ में फर्जी दस्तावेजों के जरिये शिक्षा विभाग में नौकरी कर रहे आरोपियों पर कार्रवाई से हड़कंप मचा हुआ है। मामले में आठ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। मामला खैरागढ़ और मोहला-मानपुर जिले का है। खैरागढ़-छुईखदान-गंडई और मोहला-मानपुर जिले के स्कूलों में राज्य शिक्षा आयोग के फर्जी पत्र और नियुक्ति आदेश के आधार पर सरकारी नौकरी कर रहे कुल आठ लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। जिला शिक्षा अधिकारियों की शिकायत पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 120-बी, 420, 467, 468 और 471 के तहत केस दर्ज किया है।
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मामला उजागर होने के बाद शिक्षा विभाग और प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। राज्य शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. ओपी मिश्रा के नाम से जारी फर्जी नियुक्ति पत्रों के आधार पर वर्ष 2021 से आठ लोग अलग-अलग शासकीय संस्थानों में कार्यरत थे। इन नियुक्तियों की जानकारी लगते ही खैरागढ़ जिले में फर्जी लेटर के सहारे नौकरी करने का मामला तेजी से उठा। इसके बाद जांच की गई। जब मामला प्रकाश में आया तब खैरागढ़ जिले में पदस्थ चार कर्मचारी अलग-अलग कारण बताकर छुट्टी पर चले गए थे।
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फर्जी दस्तावेज तैयार करने वालों की भूमिका पर सवाल
जांच में फर्जीवाड़ा साबित होने के बाद खैरागढ़ जिला शिक्षा अधिकारी लाल द्विवेदी ने कार्रवाई करते हुए चार लोगों को सेवा से बर्खास्त कर दिया। खैरागढ़ थाने में केस दर्ज किया गया है। आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता की धारा 420 धोखाधड़ी, 468 जालसाजी, 471 फर्जी दस्तावेज का उपयोग और 120-बी आपराधिक षड्यंत्र के तहत रिपोर्ट दर्ज किया गया है। पूरे नेटवर्क और फर्जी दस्तावेज तैयार करने वालों की भूमिका संदेह के घेरे में थी। 
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...और भी खुलासे होने की उम्मीद
बताया जाता है कि मोहला-मानपुर जिले के डोलामणी मटारी, शादाब उस्मान, आशुतोष कछवाहा और मोहम्मद अमीन शेख अलग-अलग शालाओं में कार्यरत थे। खैरागढ़ जिला गठन के बाद रजिया अहमद को जिला कलेक्ट्रेट की डीएमएफ शाखा में और अजहर अहमद को अभियोजन शाखा में संलग्न किया गया था, जबकि फगेंद्र सिन्हा और टीकम साहू से जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में कार्य लिया जा रहा था।  ऐसे में उम्मीद है कि आने वाले दिनों में इनके खिलाफ और भी खुलासे हो सकते हैं। 


वहीं फर्जी लेटर के आधार पर खैरागढ़ जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय और कलेक्टर कार्यालय में भी इनकी पदस्थापना की गई थी। खैरागढ़ जिले में मोहगांव के टीकम साहू उच्च माध्यमिक शाला बकरकट्टा में फगेंद्र सिन्हा, उच्च माध्यमिक शाला पैलिमेटा में सहायक ग्रेड के पद पर रजिया अहमद और छुईखदान के बीईओ कार्यालय में डाटा एंट्री आपरेटर के रूप में अजहर अहमद की नियुक्ति दिखाई गई थी।


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