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गृहमंत्रियों का चिंतन: ताम्रध्वज बोले- केंद्र बढ़ाए पुलिस आधुनिकीकरण की राशि, पड़ोसी राज्यों से आ रहा ड्रग्स
Sat, 29 Oct 2022 05:02 PM IST
मोहनीश श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर
Published by: मोहनीश श्रीवास्तव
Updated Sat, 29 Oct 2022 05:02 PM IST
सार
हरियाणा के सूरजकुंड में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में देश के सभी राज्यों के गृहमंत्री दो दिवसीय चिंतन शिविर में शामिल हुए थे। शिविर के दूसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू भी शामिल हुए।
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छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा कि केंद्र सरकार से राज्य पुलिस के आधुनिकीकरण के लिए साल 2013-14 में 50 करोड़ रुपये मिले थे। जबकि अब यह राशि 20 करोड़ रुपये से भी कम हो गई है। छत्तीसगढ़ पुलिस के लिए केंद्र राशि में बढ़ोतरी करे। इसकी मांग उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के सामने रखी। गृहमंत्री साहू ने कहा कि छत्तीसगढ़ शासन नक्सलियों के खिलाफ आधुनिक हथियार, सुरक्षा उपकरण, वाहन उपलब्ध करा रहा है। गृहमंत्री चितंन शिविर में अपनी बात रख रहे थे।
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नक्सली उन्मूलन में आगे बढ़ रहा है छत्तीसगढ़
इस दौरान गृहमंत्री साहू ने कहा कि छत्तीसगढ़ में पिछले साढ़े तीन सालों में नक्सली उन्मूलन को लेकर लगातार कार्य किए जा रहे हैं। इस दौरान नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के बंद पड़े स्कूलों को फिर से प्रारंभ किया गया। ऐसे क्षेत्रों में अस्पताल खोले गए, ग्रामीणों के लिए पानी और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। प्रत्येक गांव में राशन दुकान खोले गए हैं। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में किसानों को वन अधिकार पट्टों का वितरण किया गया है और आदिवासियों को उनकी जमीन वापसी कराई गई है।
इस दौरान गृहमंत्री साहू ने कहा कि छत्तीसगढ़ में पिछले साढ़े तीन सालों में नक्सली उन्मूलन को लेकर लगातार कार्य किए जा रहे हैं। इस दौरान नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के बंद पड़े स्कूलों को फिर से प्रारंभ किया गया। ऐसे क्षेत्रों में अस्पताल खोले गए, ग्रामीणों के लिए पानी और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। प्रत्येक गांव में राशन दुकान खोले गए हैं। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में किसानों को वन अधिकार पट्टों का वितरण किया गया है और आदिवासियों को उनकी जमीन वापसी कराई गई है।
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जेल सुविधाओं में किया जा रहा है विस्तार
गृहमंत्री साहू ने कहा कि छत्तीसगढ़ में 33 जेल हैं। इसमे 5 केंद्रीय, 20 जिला और 8 उपजेल हैं। जेलों में नई बैरकों का निर्माण किया जा रहा है। साथ ही रायपुर और बिलासपुर में नए जेल भी शुरू करने के साथ ही जेल अदालतों का भी आयोजन किया जा रहा है। साहू ने कहा कि कैदियों के अच्छे व्यवहार को देखते हुए 885 कैदियों की सजा माफ कर उन्हें रिहा किया गया है और छत्तीसगढ़ में आदिवासी अत्याचार के 321 प्रकरणों में 643 अभियुक्तों का विचारण कराया गया है।
गृहमंत्री साहू ने कहा कि छत्तीसगढ़ में 33 जेल हैं। इसमे 5 केंद्रीय, 20 जिला और 8 उपजेल हैं। जेलों में नई बैरकों का निर्माण किया जा रहा है। साथ ही रायपुर और बिलासपुर में नए जेल भी शुरू करने के साथ ही जेल अदालतों का भी आयोजन किया जा रहा है। साहू ने कहा कि कैदियों के अच्छे व्यवहार को देखते हुए 885 कैदियों की सजा माफ कर उन्हें रिहा किया गया है और छत्तीसगढ़ में आदिवासी अत्याचार के 321 प्रकरणों में 643 अभियुक्तों का विचारण कराया गया है।
3 सालों में 1 लाख किलो से ज्यादा गांजा जब्त
ताम्रध्वज साहू ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य में कहीं भी गांजा की खेती नहीं होती, बल्कि ओडिशा, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश जैसे पड़ोसी राज्यों से नशा पहुंच रहा है। इसको रोकने के लिए सीमावर्ती क्षेत्र के 23 थानों को चिन्हांकित किया है और लगातार कार्रवाई की जा रही है। इस कार्रवाई में तीन सालों में एक लाख किलो से अधिक गांजा और 20 लाख से अधिक नशीली सिरप, टेबलेट, कैप्सूल और इंजेक्शन जब्त किए गए हैं। राज्य में भारत माता वाहिनी और निजात अभियान के माध्यम से नशामुक्ति कार्यक्रम भी चलाया जा रहा है।
ताम्रध्वज साहू ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य में कहीं भी गांजा की खेती नहीं होती, बल्कि ओडिशा, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश जैसे पड़ोसी राज्यों से नशा पहुंच रहा है। इसको रोकने के लिए सीमावर्ती क्षेत्र के 23 थानों को चिन्हांकित किया है और लगातार कार्रवाई की जा रही है। इस कार्रवाई में तीन सालों में एक लाख किलो से अधिक गांजा और 20 लाख से अधिक नशीली सिरप, टेबलेट, कैप्सूल और इंजेक्शन जब्त किए गए हैं। राज्य में भारत माता वाहिनी और निजात अभियान के माध्यम से नशामुक्ति कार्यक्रम भी चलाया जा रहा है।
जागरूकता फैलाने का काम कर रही है महिला पुलिस
महिला सुरक्षा के मामले हमर बेटी-हमर मान योजना में महिला पुलिस द्वारा राज्य के स्कूल-कॉलेज आदि स्थानों में जाकर गुड टच, बैड टच, साइबर अपराध, सोशल मीडिया जागरूकता, आत्म रक्षा और कानूनी अधिकारों के संबंध में जानकारी दी जा रही है। इसके साथ ही अभिव्यक्ति महिला सुरक्षा एप द्वारा संकट में फंसी महिलाओं की मदद की जा रही है। श्री साहू ने बताया कि राज्य के प्रत्येक पुलिस थाना और चौकियों में महिला सेल का गठन किया गया है।
महिला सुरक्षा के मामले हमर बेटी-हमर मान योजना में महिला पुलिस द्वारा राज्य के स्कूल-कॉलेज आदि स्थानों में जाकर गुड टच, बैड टच, साइबर अपराध, सोशल मीडिया जागरूकता, आत्म रक्षा और कानूनी अधिकारों के संबंध में जानकारी दी जा रही है। इसके साथ ही अभिव्यक्ति महिला सुरक्षा एप द्वारा संकट में फंसी महिलाओं की मदद की जा रही है। श्री साहू ने बताया कि राज्य के प्रत्येक पुलिस थाना और चौकियों में महिला सेल का गठन किया गया है।
साइबर अपराध रोकने के लिए साइबर थाना व यूनिट
गृहमंत्री ने कहा कि, वर्तमान में इंटरनेट के प्रचलन से साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहा है। इस पर रोकथाम के लिए रायपुर में साइबर थाना संचालित किया जा रहा है। इसके साथ ही रायपुर-दुर्ग-बिलासपुर में एंटी क्राइम और साइबर यूनिट का गठन भी किया गया है। साइबर पुलिस की ओर से हेल्प लाइन नंबर 1930 के माध्यम से अब तक साइबर अपराध के मामलों में 3.72 करोड़ रुपये की राशि होल्ड कराई जा चुकी है। चिंतन शिविर में नागरिक सुरक्षा, पुलिस आधुनिकीकरण, महिला सुरक्षा, शत्रु संपत्ति, सीमा प्रबंधन, अवैध विदेशी संबंधी मुद्दे, साइबर, जेल, फॉरेंसिक, ड्रग्स तस्करी, राष्ट्रीय सुरक्षा, मानव संसाधन विकास, नागरिक पंजीकरण जैसे मुद्दों पर चर्चा की गई।
गृहमंत्री ने कहा कि, वर्तमान में इंटरनेट के प्रचलन से साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहा है। इस पर रोकथाम के लिए रायपुर में साइबर थाना संचालित किया जा रहा है। इसके साथ ही रायपुर-दुर्ग-बिलासपुर में एंटी क्राइम और साइबर यूनिट का गठन भी किया गया है। साइबर पुलिस की ओर से हेल्प लाइन नंबर 1930 के माध्यम से अब तक साइबर अपराध के मामलों में 3.72 करोड़ रुपये की राशि होल्ड कराई जा चुकी है। चिंतन शिविर में नागरिक सुरक्षा, पुलिस आधुनिकीकरण, महिला सुरक्षा, शत्रु संपत्ति, सीमा प्रबंधन, अवैध विदेशी संबंधी मुद्दे, साइबर, जेल, फॉरेंसिक, ड्रग्स तस्करी, राष्ट्रीय सुरक्षा, मानव संसाधन विकास, नागरिक पंजीकरण जैसे मुद्दों पर चर्चा की गई।