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छत्तीसगढ़: हाईकोर्ट के दखल से 124 करोड़ की दमकल गाड़ियों की खरीद का रास्ता साफ
Tue, 01 Sep 2026 07:05 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Tue, 01 Sep 2026 07:05 PM IST
सार
छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति रवींद्र अग्रवाल की खंडपीठ के हस्तक्षेप के बाद राज्य में 124 करोड़ रुपये की लागत से अग्निशमन वाहनों की खरीद का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
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छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति रवींद्र अग्रवाल की खंडपीठ के हस्तक्षेप के बाद राज्य में 124 करोड़ रुपये की लागत से अग्निशमन वाहनों की खरीद का मार्ग प्रशस्त हो गया है। वित्त सचिव ने उच्च न्यायालय में दायर हलफनामे में जानकारी दी है कि दमकल गाड़ियों की खरीद के लिए राशि खर्च करने की समय-सीमा बढ़ा दी गई है। राज्य में पिछले छह महीने से लंबित पड़ी इस खरीद प्रक्रिया को अब गति मिलेगी।
उच्च न्यायालय में इस संबंध में जनहित याचिका पर निरंतर सुनवाई चल रही है। सुनवाई के दौरान खंडपीठ ने राज्य सरकार की ओर से प्रक्रिया में हुई देरी और ढिलाई पर कड़ी नाराजगी जताई थी। इसके बाद अदालत ने वित्त सचिव को व्यक्तिगत रूप से हलफनामा प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था। अदालत के आदेश के पालन में वित्त सचिव ने हलफनामा पेश कर बताया कि निविदा प्रक्रिया में अप्रत्याशित विलंब होने के कारण पूर्व निर्धारित समय-सीमा समाप्त हो गई थी। इस स्थिति को देखते हुए बजट राशि का उपयोग करने की अवधि बढ़ाना अत्यंत आवश्यक हो गया था। अब इस समय-सीमा को बढ़ाकर 31 मार्च, 2027 तक कर दिया गया है, जिससे वित्तीय स्वीकृति का संकट समाप्त हो गया है।
अदालत में सुनवाई के समय राज्य सरकार का पक्ष रखते हुए अतिरिक्त महाधिवक्ता प्रवीण दास ने बताया कि दमकल वाहनों की खरीद से जुड़ी निविदाएं और अन्य सभी अनिवार्य प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी कर ली गई हैं। वर्तमान में प्रक्रिया अंतिम चरण में है। समय-सीमा में विस्तार मिलने से अब अग्निशमन बेड़े के सुदृढ़ीकरण और नई गाड़ियों की आपूर्ति का काम बिना किसी प्रशासनिक रुकावट के तेजी से पूरा किया जा सकेगा।
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सुनवाई के दौरान गृह सचिव के हलफनामे में एक अन्य महत्वपूर्ण प्रस्ताव का भी उल्लेख किया गया। प्रदेश भर में स्थित दमकल केंद्रों के उन्नयन और आधुनिक अग्निशमन उपकरणों की खरीद के लिए करीब 100 करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रस्ताव तैयार किया गया है। यह प्रस्ताव अंतिम स्वीकृति के लिए वित्त विभाग को भेजा जा चुका है। उच्च न्यायालय ने प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार करने के बाद सरकार को अपना रुख स्पष्ट करने के लिए चार सप्ताह का समय दिया है।
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उच्च न्यायालय में इस संबंध में जनहित याचिका पर निरंतर सुनवाई चल रही है। सुनवाई के दौरान खंडपीठ ने राज्य सरकार की ओर से प्रक्रिया में हुई देरी और ढिलाई पर कड़ी नाराजगी जताई थी। इसके बाद अदालत ने वित्त सचिव को व्यक्तिगत रूप से हलफनामा प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था। अदालत के आदेश के पालन में वित्त सचिव ने हलफनामा पेश कर बताया कि निविदा प्रक्रिया में अप्रत्याशित विलंब होने के कारण पूर्व निर्धारित समय-सीमा समाप्त हो गई थी। इस स्थिति को देखते हुए बजट राशि का उपयोग करने की अवधि बढ़ाना अत्यंत आवश्यक हो गया था। अब इस समय-सीमा को बढ़ाकर 31 मार्च, 2027 तक कर दिया गया है, जिससे वित्तीय स्वीकृति का संकट समाप्त हो गया है।
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अदालत में सुनवाई के समय राज्य सरकार का पक्ष रखते हुए अतिरिक्त महाधिवक्ता प्रवीण दास ने बताया कि दमकल वाहनों की खरीद से जुड़ी निविदाएं और अन्य सभी अनिवार्य प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी कर ली गई हैं। वर्तमान में प्रक्रिया अंतिम चरण में है। समय-सीमा में विस्तार मिलने से अब अग्निशमन बेड़े के सुदृढ़ीकरण और नई गाड़ियों की आपूर्ति का काम बिना किसी प्रशासनिक रुकावट के तेजी से पूरा किया जा सकेगा।
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सुनवाई के दौरान गृह सचिव के हलफनामे में एक अन्य महत्वपूर्ण प्रस्ताव का भी उल्लेख किया गया। प्रदेश भर में स्थित दमकल केंद्रों के उन्नयन और आधुनिक अग्निशमन उपकरणों की खरीद के लिए करीब 100 करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रस्ताव तैयार किया गया है। यह प्रस्ताव अंतिम स्वीकृति के लिए वित्त विभाग को भेजा जा चुका है। उच्च न्यायालय ने प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार करने के बाद सरकार को अपना रुख स्पष्ट करने के लिए चार सप्ताह का समय दिया है।