छत्तीसगढ़ः बहुओं के लिए सरकार ने उठाया महत्वपूर्ण कदम
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छत्तीसगढ़ में पुत्रवधु को भी अनुकंपा नियुक्ति प्रदान करने का निर्णय लिया गया है, राजधानी रायपुर में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में यह निर्णय लिया गया है।
स्थानीय वेबसाइट सीजी खबर के अनुसार मुख्यमंत्री के नेतृत्व में हुई कैबिनेट की बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। इससे पहले मार्च महीने में कैबिनेट ने शादीशुदा बेटी को भी अनुकंपा नौकरी के योग्य माना था।
उल्लेखनीय है कि जनवरी 2016 में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने आश्रित बहू को सरकारी अनुकंपा नियुक्ति के योग्य माना था। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट की एकल पीठ के जस्टिस संजय के अग्रवाल ने यह निर्णय सुनाया था, अपने निर्णय में हाई कोर्ट ने कहा था कि सास-ससुर पर आश्रित बहू को भी सरकारी अनुकंपा नियुक्ति मिलने का अधिकार है।
कोर्ट ने भी अपने आदेश में बहू को माना था नौकरी के योग्य
आश्रित बहू को अनुकंपा नियुक्ति के लिये याचिका राजनांदगांव की श्रीमती दुलिया बाई पति प्यारे लाल यादव ने वकील आरके केशरवानी के माध्यम से लगाई थी। 38 वर्षीय दुलिया बाई अपने पति की मृत्यु के बाद सास बुधियारीन बाई के साथ रह रही थी। बुधियारीन बाई लोक निर्माण विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी थी।
नौकरी में रहते हुए ही 30 जून 2011 को बुधियारीन बाई की मृत्यु हो गई थी, जिसके बाद उनकी बहू दुलिया बाई ने अनुकंपा नियुक्ति के लिये आवेदन किया था जिसे खारिज कर दिया गया था।
छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद की बैठक ने यह भी निर्णय लिया है कि हेलमेट न पहनने पर दो-पहिया वाहन चालक तथा सवार को अब जुर्माना 500 रुपये के स्थान पर 200 रुपये लगेगा।