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छत्तीसगढ़ सरकार लाएगी खाद्य सुरक्षा कानून
रायपुर/इंटरनेट डेस्क
Updated Tue, 18 Dec 2012 11:53 AM IST
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राज्य सरकार प्रदेश में खाद्य सुरक्षा कानून लाने की तैयार में है। राज्य कैबिनेट की बैठक में प्रस्तावित खाद्य सुरक्षा विधेयक का अनुमोदन किया गया। यह विधेयक राज्यपाल की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। राज्यपाल की स्वीकृति के बाद विधेयक शीतकालीन सत्र में विधानसभा में पेश किया जाएगा।
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इसके साथ ही बैठक में हड़ताल पर चल रहे शिक्षाकर्मियों से चर्चा के लिए मंत्रियों की चार सदस्यीय उपसिमिति का गठन करने का फैसला लिया गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि शिक्षाकर्मी संघ इस समिति से अपनी मांगों को लेकर चर्चा कर सकते हैं।
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मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में खाद्य सुरक्षा बिल के प्रारूप का सर्व सम्मति से अनुमोदन किया गया। अगर खाद्य सुरक्षा अधिनियम विधानसभा में पारित होता है तो छत्तीसगढ़ खाद्य सुरक्षा बिल पारित करने वाला देश का पहला राज्य बन जाएगा। राज्य में पहले से ही मुख्यमंत्री खाद्यान्न योजना पांच सालों से चल रही है। इस योजना के जरिए करीब 32 लाख गरीब परिवारों को एक और दो रुपए किलो में चावल उपलब्ध कराया जा रहा है।
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खाद्य सुरक्षा कानून आने से लाभांवितों का दायरा और बढ़ जाएगा। कई और वर्ग के लोगों को रियायती अनाज उपलब्ध कराया जा सकेगा, जिन्हें अब तक योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इस बिल के प्रावधानों के अनुसार विशेष पिछड़ी जनजाति के हर परिवार को रियायती खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अलावा बंधुवा मजदूर, आवासहीन और ऐसे परिवार जिनके मुखिया वृद्घ या विधवा हैं, उन्हें भी रियायती खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाएगा। केंद्र सरकार भी खाद्य सुरक्षा कानून बनाने जा रही है। लेकिन केंद्र का बिल अभी तक लोकसभा में प्रस्तुत नहीं हुआ है।