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रायपुर में छत्तीसगढ़ बंद का असर: कई इलाकों में तनाव और तोड़फोड़ की घटनाएं, 40 से अधिक लोगों पर FIR दर्ज
Fri, 26 Dec 2025 01:25 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Fri, 26 Dec 2025 01:25 PM IST
सार
छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के आमाबेड़ा क्षेत्र में हिंसा और धर्मांतरण के विवाद के विरोध में बुधवार को बुलाए गए छत्तीसगढ़ बंद का राजधानी रायपुर में व्यापक प्रभाव दिखाई दिया।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के आमाबेड़ा क्षेत्र में हिंसा और धर्मांतरण के विवाद के विरोध में बुधवार को बुलाए गए छत्तीसगढ़ बंद का राजधानी रायपुर में व्यापक प्रभाव दिखाई दिया। सुबह से ही शहर के अधिकांश बाजार, निजी संस्थान, स्कूल और व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद नजर आए। बंद शांतिपूर्ण रहने की उम्मीद थी, लेकिन दिन चढ़ते ही कई स्थानों पर माहौल बिगड़ गया।
बंद के दौरान विभिन्न हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता शहर की सड़कों पर उतरे। कई स्थानों पर जबरन दुकानों को बंद कराने की कोशिश की गई। कटोरा तालाब स्थित ब्लिंकिट कार्यालय में घुसकर कर्मचारियों से मारपीट की गई, जिसका वीडियो भी सामने आया है। वहीं जीई रोड स्थित मैग्नेटो मॉल में प्रवेश कर तोड़फोड़ की गई और वहां लगी क्रिसमस सजावट को नुकसान पहुंचाया गया। इन घटनाओं के बाद राजधानी की कानून-व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया।
मॉल में हुई तोड़फोड़ को लेकर पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। 40 से ज्यादा व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि हिंसा फैलाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
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बंद को व्यापारी संगठनों और सर्व समाज का समर्थन मिला। चैंबर ऑफ कॉमर्स, कैट समेत व्यापारिक मंचों के प्रतिनिधियों ने शहर के बाजारों का निरीक्षण किया और व्यापारियों से शांति बनाए रखने की अपील की। बंद के समर्थन में संयुक्त रैली भी निकाली गई, जो कलेक्ट्रेट तक पहुंची।
जीई रोड, जयस्तंभ चौक, पंडरी, गोलबाजार, नालंदा परिसर और शंकर नगर जैसे प्रमुख क्षेत्रों में दुकानों के शटर बंद रहे। बस स्टैंड पर यातायात सेवाएं बाधित रहीं और कुछ बसों में तोड़फोड़ की खबरें भी सामने आईं। आमानाका इलाके में पेट्रोल पंप बंद करने को लेकर विवाद की स्थिति बनी, जिसे बाद में पुलिस ने नियंत्रित किया। दिनभर तनावपूर्ण परिस्थितियां बनी रहीं, हालांकि पुलिस की सख्ती के बाद स्थिति धीरे-धीरे सामान्य होने लगी। इसके बावजूद बंद के दौरान हुई हिंसक घटनाओं ने प्रशासनिक तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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बंद के दौरान विभिन्न हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता शहर की सड़कों पर उतरे। कई स्थानों पर जबरन दुकानों को बंद कराने की कोशिश की गई। कटोरा तालाब स्थित ब्लिंकिट कार्यालय में घुसकर कर्मचारियों से मारपीट की गई, जिसका वीडियो भी सामने आया है। वहीं जीई रोड स्थित मैग्नेटो मॉल में प्रवेश कर तोड़फोड़ की गई और वहां लगी क्रिसमस सजावट को नुकसान पहुंचाया गया। इन घटनाओं के बाद राजधानी की कानून-व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया।
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मॉल में हुई तोड़फोड़ को लेकर पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। 40 से ज्यादा व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि हिंसा फैलाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
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बंद को व्यापारी संगठनों और सर्व समाज का समर्थन मिला। चैंबर ऑफ कॉमर्स, कैट समेत व्यापारिक मंचों के प्रतिनिधियों ने शहर के बाजारों का निरीक्षण किया और व्यापारियों से शांति बनाए रखने की अपील की। बंद के समर्थन में संयुक्त रैली भी निकाली गई, जो कलेक्ट्रेट तक पहुंची।
जीई रोड, जयस्तंभ चौक, पंडरी, गोलबाजार, नालंदा परिसर और शंकर नगर जैसे प्रमुख क्षेत्रों में दुकानों के शटर बंद रहे। बस स्टैंड पर यातायात सेवाएं बाधित रहीं और कुछ बसों में तोड़फोड़ की खबरें भी सामने आईं। आमानाका इलाके में पेट्रोल पंप बंद करने को लेकर विवाद की स्थिति बनी, जिसे बाद में पुलिस ने नियंत्रित किया। दिनभर तनावपूर्ण परिस्थितियां बनी रहीं, हालांकि पुलिस की सख्ती के बाद स्थिति धीरे-धीरे सामान्य होने लगी। इसके बावजूद बंद के दौरान हुई हिंसक घटनाओं ने प्रशासनिक तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।