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छत्तीसगढ़ विस का विशेष सत्र: सीएम साय ने महिला आरक्षण बिल पर पेश किया चर्चा का प्रस्ताव,विपक्ष ने लगाया ये आरोप
Thu, 30 Apr 2026 03:25 PM IST
Lalit Kumar Singh
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: Lalit Kumar Singh
Updated Thu, 30 Apr 2026 03:25 PM IST
सार
Chhattisgarh Assembly Special Session: लोकसभा से नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित नहीं किये जाने पर सत्तापक्ष ने आज गुरुवार को विपक्ष के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित करने के लिए छत्तीसगढ़ विधानसभा के विशेष सत्र क आयोजन किया।
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सीएम साय ने महिला आरक्षण बिल पर पेश किया चर्चा का प्रस्ताव
- फोटो : Amar ujala digital
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विस्तार
Chhattisgarh Assembly Special Session: लोकसभा से नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित नहीं किये जाने पर सत्तापक्ष ने आज गुरुवार को विपक्ष के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित करने के लिए छत्तीसगढ़ विधानसभा के विशेष सत्र क आयोजन किया। सदन की कार्यवाही छत्तीसगढ़ विधानसभा के पूर्व सदस्य जगेश्वर राम भगत और छत्तीसगढ़ से राज्यसभा की सदस्य रहीं मोहसिना किदवई के निधन पर श्रद्धांजलि देकर की गई।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विशेष सत्र में विपक्ष के हंगामे के बीच महिला आरक्षण बिल पर चर्चा के लिए शासकीय संकल्प प्रस्ताव पेश किया। इस पर आंसदी ने चर्चा के लिए चार घंटे का समय तय किया। सीएम साय के प्रस्ताव के बाद नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत ने अशासकीय संकल्प प्रस्ताव पेश किया,जिसे आसंदी ने अग्राह्य कर दिया। इस पर डॉ. महंत ने कहा कि मुख्यमंत्री तो निंदा प्रस्ताव लाने वाले थे, लेकिन यह शासकीय संकल्प प्रस्ताव तो निंदा पर नहीं है। फिर विपक्ष ने जमकर हंगामा किया। आरोप लगाया कि महिलाओं को गुमराह किया जा रहा है।
बीजेपी विधायक लता उसेंडी ने कहा कि महिला आरक्षण पर रुकावट बनने का काम विपक्ष ने किया है। महिला आरक्षण बिल को लोकसभा में गिराने का काम विपक्ष ने किया। महिलाओं की भावनाओं और सम्मान का ख्याल नहीं किया। कांग्रेस विधायक अनिला भेड़िया ने कहा कि महिला आरक्षण का कांग्रेस समर्थन करती है। महिला आरक्षण 2029 में लागू किया जाना चाहिए। 2023 में बिल पारित है। इसे तत्काल लागू किया जाना चाहिए। जिन्होंने नारी का अपमान किया उसका विनाश हुआ है। रामायण में माता सीता का हरण और रावण का विनाश नारी अस्मिता और स्वाभिमान की रक्षा और सम्मान का सटीक उदाहरण है।
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देखिए विशेष सत्र का सीधा प्रसारण-
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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विशेष सत्र में विपक्ष के हंगामे के बीच महिला आरक्षण बिल पर चर्चा के लिए शासकीय संकल्प प्रस्ताव पेश किया। इस पर आंसदी ने चर्चा के लिए चार घंटे का समय तय किया। सीएम साय के प्रस्ताव के बाद नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत ने अशासकीय संकल्प प्रस्ताव पेश किया,जिसे आसंदी ने अग्राह्य कर दिया। इस पर डॉ. महंत ने कहा कि मुख्यमंत्री तो निंदा प्रस्ताव लाने वाले थे, लेकिन यह शासकीय संकल्प प्रस्ताव तो निंदा पर नहीं है। फिर विपक्ष ने जमकर हंगामा किया। आरोप लगाया कि महिलाओं को गुमराह किया जा रहा है।
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बीजेपी विधायक लता उसेंडी ने कहा कि महिला आरक्षण पर रुकावट बनने का काम विपक्ष ने किया है। महिला आरक्षण बिल को लोकसभा में गिराने का काम विपक्ष ने किया। महिलाओं की भावनाओं और सम्मान का ख्याल नहीं किया। कांग्रेस विधायक अनिला भेड़िया ने कहा कि महिला आरक्षण का कांग्रेस समर्थन करती है। महिला आरक्षण 2029 में लागू किया जाना चाहिए। 2023 में बिल पारित है। इसे तत्काल लागू किया जाना चाहिए। जिन्होंने नारी का अपमान किया उसका विनाश हुआ है। रामायण में माता सीता का हरण और रावण का विनाश नारी अस्मिता और स्वाभिमान की रक्षा और सम्मान का सटीक उदाहरण है।
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