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छत्तीसगढ़ चुनाव 2018: बस्तर में नक्सलियों ने नदी पार के वोटरों को दी चुनाव बहिष्कार की चेतावनी

Fri, 26 Oct 2018 02:39 PM IST
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, रायपुर
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, रायपुर Updated Fri, 26 Oct 2018 02:39 PM IST
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Chhattisgarh election 2018: Naxals warn voters in south Bastar to boycott poll
naxals
छत्तीसगढ़ की 90 विधानसभा सीटों के लिए दो चरणों में चुनाव होने वाले हैं। दक्षिणी छत्तीसगढ़ में पहले चरण में 12 नवंबर को मतदान होंगे। बस्तर संभाग में भी पहले चरण में ही मतदान होंगे। लेकिन दक्षिण बस्तर में नदी किनारे बसे गांवों के लोगों को नक्सलियों का डर सता रहा है। 
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दक्षिण बस्तर में हांडाखोदरा, कौरगांव, चेरपाल, तुमड़ीगुड़ा, पाहुरनार समेत कई गांवों में नक्सलियों के आने से ग्रामीण दहशत के साये में जी रहे हैं। नक्सलियों ने इन गांवों में चुनाव बहिष्कार का एलान किया है।
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ग्रामीणों के मुताबिक पिछले विधानसभा चुनाव में ग्रामीणों को मतदान से रोकने के लिए नक्सलियों ने उनकी नाव नदी में डुबो दी थी। लेकिन बावजूद इसके लोकतंत्र के उत्सव में शामिल होने के लिए इन गांवों के ग्रामीणों ने नदी पार कर मतदान किया था। 
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नदी पार कर वोट डालने पहुंचते हैं ग्रामीण 

हांडाखोदरा गांव दंतेवाड़ा जिला मुख्यालय से लगभग 25 किलोमीटर दूर स्थित है। दंतेवाड़ा विधानसभा क्षेत्र में आने वाला गांव हांडाखोदरा तीन ओर से पहाड़ियों से घिरा है और इसके एक तरफ नदी है। पिछले विधानसभा और लोकसभा चुनाव में यहां के करीब 260 लोगों ने डंकनी नदी पार कर बस्ती से सात किमी दूर पोन्दुम मतदान केंद्र क्रमांक 154 पहुंच कर अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया था। 

गांव में सुरक्षा जवान कम, नक्सली ज्यादा पहुंचते हैं 

हांडाखोदरा, तुमड़ीगुड़ा, कौरगांव, पाहुरनार, चेरपाल के ग्रामीण दुर्गा पूजा उत्सव देखने जगदलपुर पहुंचे। उन्होंने बताया कि नक्सली उनके गांवों में हमेशा आते हैं और विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करने की धमकी दे रहे हैं। चेतावनी की अनदेखी करने पर जान से मारने की भी धमकी दी है।


जिसके बाद से यह ग्रामीण डरे हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उनके गांवों में सुरक्षा जवानों की गश्त कम होती और नक्सली ज्यादा पहुंचते हैं। यह नक्सलियों की दहशत है कि तुमड़ीगुण्डा और कौरगांव स्थित स्वास्थ्य केंद्र बंद पड़े हैं। 
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