फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chhattisgarh ›   Bilaspur-Chhattisgarh News ›   CG: Suspended IAS Ranu Sahu gets bail from SC in coal scam case, but still no relief, know more

CG: कोयला घोटाला मामले में निलंबित IAS रानू साहू को SC से मिली जमानत, लेकिन अभी भी नहीं मिली राहत, जानें

Mon, 08 Jul 2024 10:24 PM IST
अमन कोशले अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर/बिलासपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर/बिलासपुर Published by: अमन कोशले Updated Mon, 08 Jul 2024 10:24 PM IST
सार

छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कोयला घोटाले के आरोप में जेल में बंद निलंबित आईएएस रानू साहू और कारोबारी दीपेश टांक को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई है, लेकिन निलंबित आईएएस रानू साहू को राहत नहीं मिली है।

विज्ञापन
CG: Suspended IAS Ranu Sahu gets bail from SC in coal scam case, but still no relief, know more
जेल में बंद निलंबित आईएएस रानू साहू - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कोयला घोटाले के आरोप में जेल में बंद निलंबित आईएएस रानू साहू और कारोबारी दीपेश टांक को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई है, लेकिन निलंबित आईएएस रानू साहू को राहत नहीं मिली है। दरअसल, एसीबी और ईओडब्ल्यू ने निलंबित आईएएस रानू साहू, समीर बिश्नोई और सौम्या चौरसिया के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कराया है। तीनों के खिलाफ अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई है।  
विज्ञापन


आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) ने निलंबित आईएएस रानू साहू पर साल 2015 से 2022 तक करीब चार करोड़ रुपए की अचल संपत्ति स्वयं के नाम से और पारिवारिक सदस्यों के नाम से खरीदने का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि उनके सेवा में आने के बाद से 2022 तक का कुल वेतन 92 लाख रुपये है। निलंबित आईएएस समीर बिश्नोई का साल 2010 से 2022 तक का कुल वेतन 93 लाख रुपये है। इस अवधि में उनकी पत्नी प्रीति गोधरा के नाम से पांच करोड़ रुपये की कई अचल संपत्ति क्रय की है, जो वेतन से 500 गुना ज्यादा है। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के उपसचिव रही सौम्या चौरसिया ने अपने और परिवार के नाम पर नौ करोड़ 20 लाख रुपये की 29 अचल संपत्ति होना बताया है। ईओडब्ल्यू ने बताया कि साल 2021 से 2022 के बीच करोड़ों की संपत्ति खरीदी गई है।
विज्ञापन


कोयला घोटाले मामले में राहू साहू एक साल से वहीं कारोबारी दीपेश टांक डेढ़ साल से जेल में बंद है। एक तरफ जहां रानू साहू को राहत मिली है। वहीं, दूसरी तरफ ईओडब्ल्यू ने उनके खिलाफ नई एफआईआर दर्ज की है। ईओडब्ल्यू की नई कार्रवाई के बाद माना जा रहा है कि रानू साहू को एक बार फिर मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


कोर्ट ने रानू साहू और दीपेश टांक को 7 अगस्त तक के लिए अंतरिम जमानत दी है। सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने बचाव पक्ष की तरफ से पैरवी की। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस भुवन की डबल बेंच ने जमानत के आदेश जारी किए। हालांकि ईओडब्ल्यू द्वारा दर्ज नई एफआईआर से रानू साहू, उप सचिव सौम्या चौरसिया और समीर बिश्नोई की मुश्किलें बढ़ गईं हैं। तीनों पर आय से अधिक संपत्ति और भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया गया है।  
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed