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IPS Ratanlal Dangi: रतनलाल डांगी पर लगे आरोप पर सीएम साय बोले- चाहे आईजी हो या आईपीएस, बच नहीं पाएगा दोषी
Thu, 23 Oct 2025 08:34 PM IST
ललित कुमार सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर
अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर
Published by: ललित कुमार सिंह
Updated Thu, 23 Oct 2025 08:34 PM IST
सार
CM Vishnudeo Sai on IPS Ratanlal Dangi Physical Abuse Case: छत्तीसगढ़ के सीनियर आईपीएस ऑफिसर रतनलाल डांगी पर लगे यौन उत्पीड़न मामले में प्रदेश के सीएम विष्णुदेव साय ने बड़ा बयान दिया है।
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सीएम विष्णुदेव साय
- फोटो : अमर उजाला डिजिटल
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विस्तार
cm vishnudeo sai on ips Ratanlal Dangi physical abuse case: छत्तीसगढ़ के सीनियर आईपीएस ऑफिसर रतनलाल डांगी पर लगे यौन उत्पीड़न मामले में प्रदेश के सीएम विष्णुदेव साय ने बड़ा बयान दिया है। मरवाही दौरे के दौरान उन्होंने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि चाहे कोई भी अधिकारी हो, अगर आरोप लगे हैं तो जांच होगी। अगर जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी। चाहे आईजी हो या आईपीएस, कोई भी कानून से ऊपर नहीं है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कानून सबके लिए समान है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जायेगी। उनकी सरकार शून्य सहनशीलता की नीति पर काम कर रही है।
एसआई की पत्नी ने लगाये ये गंभीर आरोप
आईपीएस रतनलाल डांगी पर यौन उत्पीड़न और शारीरिक शोषण के गंभीर आरोप लगे हैं। बिलासपुर में पदस्थ सब-इंस्पेक्टर की पत्नी ने आरोप लगाते हुए कहा कि ऑफिसर पिछले सात वर्षों से उसका मानसिक और शारीरिक शोषण कर रहे हैं। शिकायत पत्र में महिला ने कहा कि साल 2017 में डांगी से उसकी जान-पहचान हुई थी तब वे कोरबा एसपी थे। सोशल मीडिया के जरिये बातचीत शुरू हुई। बाद में वह वीडियो कॉल के जरिए योग सिखाने लगी। आरोप है कि दंतेवाड़ा और राजनांदगांव में पदस्थापना के दौरान भी संपर्क बना रहा। उत्पीड़न की शुरुआत तब हुई जब डांगी सरगुजा संभाग के आईजी के बने। बिलासपुर आईजी बनने के बाद भी यह सिलसिला जारी रहा। वह अक्सर अपनी पत्नी की अनुपस्थिति में उसे सरकारी बंगले पर बुलाते थे और लगातार उत्पीड़न करते रहे। महिला का आरोप है कि चंदखुरी पुलिस प्रशिक्षण अकादमी में तबादले के बाद भी अधिकारी ने वीडियो कॉल के ज़रिए उत्पीड़न जारी रखा। सुबह से देर रात तक लगातार वीडियो कॉल और लोकेशन शेयर करने का दबाव बनाते थे। जब उसने विरोध किया, तो उन्होंने धमकी दी कि अगर मेरी बात मानने से इंकार किया तो उसके पति का तबादला नक्सल प्रभावित क्षेत्र में कर देंगे। पीड़िता ने अपनी शिकायत में कई आपत्तिजनक डिजिटल साक्ष्य भी पेश किए हैं।
आईपीएस ऑफिसर का कहना है
दूसरी ओर आईपीएस ऑफिसर रतनलाल डांगी ने खुद पर लगे आरोपों को साजिश करार देते हुए ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया है। उन्होंने डीजीपी अरुणदेव गौतम को 14 बिंदुओं वाला एक विस्तृत पत्र दिया है। इसमें महिला और उसके सहयोगियों पर ब्लैकमेलिंग, मानसिक प्रताड़ना और आपराधिक धमकी जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि महिला झूठे आरोप लगाकर धन उगाही और उनकी प्रतिष्ठा धूमिल करने की कोशिश कर रही है। सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है। उन्होंने कहा कि सब-इंस्पेक्टर की पत्नी कई वर्षों से उन्हें और उनके परिवार को ब्लैकमेल कर रही है। महिला ने उनके निजी क्षणों की तस्वीरें और वीडियो बनाकर उन्हें धमकाया। उन्होंने पत्र में उल्लेख किया कि महिला कई बार जहर की शीशी लेकर उनके दफ्तर पहुंची और आत्महत्या की धमकी दी।
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ऑफिसर ने महिला पर लगाए ये आरोप
दो सदस्यीय जांच टीम गठित
राज्य सरकार ने इस मामले में जांच के आदेश दिये हैं। राज्य पुलिस मुख्यालय ने मामले की जांच के लिये दो सदस्यीय कमेटी बनाई है। दो वरिष्ठ अधिकारियों को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वर्ष 2001 बैच के आईपीएस डॉ. आनंद छाबड़ा और आईपीएस मिलना कुर्रे इस मामले की जांच करेंगे। पुलिस मुख्यालय ने मामले की विभागीय जांच शुरू कर दी है। सूत्रों के मुताबिक, दोनों अधिकारी पीड़िता, डांगी और अन्य संबंधित व्यक्तियों के बयान लेंगे। जांच रिपोर्ट के आने के बाद गृह विभाग आगे की कार्रवाई करेगा।
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एसआई की पत्नी ने लगाये ये गंभीर आरोप
आईपीएस रतनलाल डांगी पर यौन उत्पीड़न और शारीरिक शोषण के गंभीर आरोप लगे हैं। बिलासपुर में पदस्थ सब-इंस्पेक्टर की पत्नी ने आरोप लगाते हुए कहा कि ऑफिसर पिछले सात वर्षों से उसका मानसिक और शारीरिक शोषण कर रहे हैं। शिकायत पत्र में महिला ने कहा कि साल 2017 में डांगी से उसकी जान-पहचान हुई थी तब वे कोरबा एसपी थे। सोशल मीडिया के जरिये बातचीत शुरू हुई। बाद में वह वीडियो कॉल के जरिए योग सिखाने लगी। आरोप है कि दंतेवाड़ा और राजनांदगांव में पदस्थापना के दौरान भी संपर्क बना रहा। उत्पीड़न की शुरुआत तब हुई जब डांगी सरगुजा संभाग के आईजी के बने। बिलासपुर आईजी बनने के बाद भी यह सिलसिला जारी रहा। वह अक्सर अपनी पत्नी की अनुपस्थिति में उसे सरकारी बंगले पर बुलाते थे और लगातार उत्पीड़न करते रहे। महिला का आरोप है कि चंदखुरी पुलिस प्रशिक्षण अकादमी में तबादले के बाद भी अधिकारी ने वीडियो कॉल के ज़रिए उत्पीड़न जारी रखा। सुबह से देर रात तक लगातार वीडियो कॉल और लोकेशन शेयर करने का दबाव बनाते थे। जब उसने विरोध किया, तो उन्होंने धमकी दी कि अगर मेरी बात मानने से इंकार किया तो उसके पति का तबादला नक्सल प्रभावित क्षेत्र में कर देंगे। पीड़िता ने अपनी शिकायत में कई आपत्तिजनक डिजिटल साक्ष्य भी पेश किए हैं।
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आईपीएस ऑफिसर का कहना है
दूसरी ओर आईपीएस ऑफिसर रतनलाल डांगी ने खुद पर लगे आरोपों को साजिश करार देते हुए ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया है। उन्होंने डीजीपी अरुणदेव गौतम को 14 बिंदुओं वाला एक विस्तृत पत्र दिया है। इसमें महिला और उसके सहयोगियों पर ब्लैकमेलिंग, मानसिक प्रताड़ना और आपराधिक धमकी जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि महिला झूठे आरोप लगाकर धन उगाही और उनकी प्रतिष्ठा धूमिल करने की कोशिश कर रही है। सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है। उन्होंने कहा कि सब-इंस्पेक्टर की पत्नी कई वर्षों से उन्हें और उनके परिवार को ब्लैकमेल कर रही है। महिला ने उनके निजी क्षणों की तस्वीरें और वीडियो बनाकर उन्हें धमकाया। उन्होंने पत्र में उल्लेख किया कि महिला कई बार जहर की शीशी लेकर उनके दफ्तर पहुंची और आत्महत्या की धमकी दी।
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ऑफिसर ने महिला पर लगाए ये आरोप
- महिला ने उन्हें पत्नी से संबंध न रखने की शर्त रखी। आठ घंटे तक लगातार वीडियो कॉल पर रहने का दबाव बनाया।
- उसने वाशरूम और घर की तस्वीरें खींचकर वायरल करने की धमकी दी।
- कई बार आत्महत्या का नाटक कर उन्हें डराने की कोशिश की।
- उनके घर पहुंचकर स्टाफ को निजी तस्वीरें दिखाई और हंगामा किया।
- पूरे घटनाक्रम से वह और उनका परिवार मानसिक तनाव में हैं।
दो सदस्यीय जांच टीम गठित
राज्य सरकार ने इस मामले में जांच के आदेश दिये हैं। राज्य पुलिस मुख्यालय ने मामले की जांच के लिये दो सदस्यीय कमेटी बनाई है। दो वरिष्ठ अधिकारियों को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वर्ष 2001 बैच के आईपीएस डॉ. आनंद छाबड़ा और आईपीएस मिलना कुर्रे इस मामले की जांच करेंगे। पुलिस मुख्यालय ने मामले की विभागीय जांच शुरू कर दी है। सूत्रों के मुताबिक, दोनों अधिकारी पीड़िता, डांगी और अन्य संबंधित व्यक्तियों के बयान लेंगे। जांच रिपोर्ट के आने के बाद गृह विभाग आगे की कार्रवाई करेगा।