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CG: आईपीएस अंजलि ने प्यार के लिए छोड़ा यूपी कैडर, छत्तीसगढ़ में देंगी सेवाएं, बेहद दिलचस्प है ये लव स्टोरी
Fri, 24 Jul 2026 07:57 PM IST
Lalit Kumar Singh
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: Lalit Kumar Singh
Updated Fri, 24 Jul 2026 07:57 PM IST
सार
IPS Anjali Vishwakarma: 'लेडी सिंघम' के नाम से मशहूर आईपीएस अंजलि विश्वकर्मा ने प्यार के लिए यूपी कैडर छोड़कर अब छत्तीसगढ़ कैडर चुन लिया है। कानपुर में एडीसीपी पद पर तैनात अंजलि अब अपने पति आईपीएस उदित पुष्कर के साथ छत्तीसगढ़ में सेवाएं देंगी। गृह मंत्रालय ने पारिवारिक कारणों से उनके इस ट्रांसफर को मंजूरी दे दी है।
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ग्रॉफिक्स: अमर उजाला डिजिटल
- फोटो : Amar ujala digital
विस्तार
IPS Anjali Vishwakarma: तेजतर्रार आईपीएस ऑफिसर अंजलि विश्वकर्मा अब छत्तीसगढ़ में मोर्चा संभालेंगी। अब वो उत्तर प्रदेश कैडर छोड़कर छत्तीसगढ़ कैडर की अधिकारी बन गई हैं। उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर में एडीसीपी पद पर तैनात अंजलि अब उत्तर प्रदेश कैडर छोड़कर छत्तीसगढ़ कैडर का हिस्सा बन गई हैं। यह कदम उन्होंने अपने पति और प्यार के लिए उठाया है। पति-पत्नी के बीच की दूरी को खत्म करने के लिए उन्होंने कैडर बदलने का निर्णय लिया। फिलहाल, यह तय नहीं है कि अंजलि छत्तीसगढ़ के किस जिले में सेवाएं देंगी।
उनके पति आईपीएस उदित पुष्कर छत्तीसगढ़ राजभवन में एडीसी के रूप में सेवाएं दे रहे हैं। वे उत्तर प्रदेश के सहारनपुर के रहने वाले हैं।पारिवारिक मामलों को लेकर अंजली ने अपना कैडर उत्तर प्रदेश से बदलकर छत्तीसगढ़ करने का आवेदन पेश किया था। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने उनकी अर्जी स्वीकार कर ली है। अब अंजलि और उनके पति उदित एक ही राज्य छत्तीसगढ़ में सेवाएं देंगे।
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उनके पति आईपीएस उदित पुष्कर छत्तीसगढ़ राजभवन में एडीसी के रूप में सेवाएं दे रहे हैं। वे उत्तर प्रदेश के सहारनपुर के रहने वाले हैं।पारिवारिक मामलों को लेकर अंजली ने अपना कैडर उत्तर प्रदेश से बदलकर छत्तीसगढ़ करने का आवेदन पेश किया था। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने उनकी अर्जी स्वीकार कर ली है। अब अंजलि और उनके पति उदित एक ही राज्य छत्तीसगढ़ में सेवाएं देंगे।
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आईपीएस अंजली विश्वकर्मा और उनके पति आईपीएस उदित पुष्कर
- फोटो : Amar ujala digital
किस वजह से अंजलि विश्वकर्मा ने बदला कैडर?
बता दें कि अंजलि विश्वकर्मा और उदित वर्ष 2021 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। दोनों की शादी वर्ष 2024 में हुई थी। विवाह के बाद अलग-अलग राज्य में तैनात होने से अंजलि ने अपना कैडर बदलने का आग्रह किया था। इस पर गृह मंत्रालय ने 20 जुलाई 2026 को मंजूरी दी। वह कानपुर में मार्च 2025 से एडिशनल डीसीपी के पद पर तैनात हैं।
विदेश से छोड़ी शानदार पैकेज की नौकरी
अंजलि का जन्म 11 जनवरी 1993 को देहरादून में हुआ था। उनके पिता अरुण कुमार ऑर्डिनेंस फैक्ट्री में इंजीनियर थे। उनकी मां नीलम विश्वकर्मा गृहिणी हैं। अंजलि की एक छोटी बहन भी है। उन्होंने साल 2011 में देहरादून की कॉन्वेंट ऑफ जीसस एंड मैरी स्कूल से शिक्षा ली। अंजलि और उदित की लव स्टोरी बेहद दिलचस्प है। दोनों की मुलाकात देहरादून में पढ़ाई के दौरान हुई थी। उदित जब यूपीएससी की तैयारी कर रहे थे तो उन्होंने अंजलि को इसके लिए प्रेरित किया। अंजलि साल 2018 में विदेश की शानदार पैकेज की नौकरी छोड़कर भारत आ गईं। उदित के साथ सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी की। वर्ष 2020 की यूपीएससी परीक्षा में दोनों ने एक साथ कामयाबी हासिल की। अंजलि को 158 और उदित को 674 रैंक मिला। इसके बाद फिर दोनों ने वर्ष 2024 में शादी कर ली।
बता दें कि अंजलि विश्वकर्मा और उदित वर्ष 2021 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। दोनों की शादी वर्ष 2024 में हुई थी। विवाह के बाद अलग-अलग राज्य में तैनात होने से अंजलि ने अपना कैडर बदलने का आग्रह किया था। इस पर गृह मंत्रालय ने 20 जुलाई 2026 को मंजूरी दी। वह कानपुर में मार्च 2025 से एडिशनल डीसीपी के पद पर तैनात हैं।
विदेश से छोड़ी शानदार पैकेज की नौकरी
अंजलि का जन्म 11 जनवरी 1993 को देहरादून में हुआ था। उनके पिता अरुण कुमार ऑर्डिनेंस फैक्ट्री में इंजीनियर थे। उनकी मां नीलम विश्वकर्मा गृहिणी हैं। अंजलि की एक छोटी बहन भी है। उन्होंने साल 2011 में देहरादून की कॉन्वेंट ऑफ जीसस एंड मैरी स्कूल से शिक्षा ली। अंजलि और उदित की लव स्टोरी बेहद दिलचस्प है। दोनों की मुलाकात देहरादून में पढ़ाई के दौरान हुई थी। उदित जब यूपीएससी की तैयारी कर रहे थे तो उन्होंने अंजलि को इसके लिए प्रेरित किया। अंजलि साल 2018 में विदेश की शानदार पैकेज की नौकरी छोड़कर भारत आ गईं। उदित के साथ सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी की। वर्ष 2020 की यूपीएससी परीक्षा में दोनों ने एक साथ कामयाबी हासिल की। अंजलि को 158 और उदित को 674 रैंक मिला। इसके बाद फिर दोनों ने वर्ष 2024 में शादी कर ली।
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ग्रॉफिक्स: अमर उजाला डिजिटल
- फोटो : अमर उजाला डिजिटल
सात देशों में दी सेवाएं
इससे पहले दोनों ने एक साथ कानपुर आईटीआई से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। अंजलि ने नेविगेशन इंजीनियरिंग और उदित ने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया है। बीटेक के बाद अंजलि को एक ऑयल कंपनी में नौकरी मिल गई। इस नौकरी के दौरान उन्होंने सात देश में सेवाएं दी। इसमें मेक्सिको, नार्वे, यूके, मलेशिया, सिंगापुर, अबूधाबी और न्यूजीलैंड शामिल हैं।
'लेडी सिंघम' के नाम से हैं फेमस
अंजलि को उनके बेहतर काम के लिए लेडी सिंघम भी कहा जाता है। आईआईटी कानपुर से नेविगेशन इंजीनियरिंग में बीटेक करने वालीं अंजलि साइबर क्राइम के मामलों को सुलझाने में माहिर हैं। अपनी पहली पोस्टिंग के दौरान झांसी में उन्होंने एक लापता बच्ची को इंस्टाग्राम रील के बैकग्राउंड में दिखे एक छोटे से नंबर की मदद से महाराष्ट्र के पिंपरी से ढूंढ निकाला। इसके साथ ही कानपुर में उन्होंने बच्चों के अश्लील वीडियो बनाने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया था। उन्हें 26 जनवरी 2026 को सेवा सम्मान (डीजी प्रशंसा डिस्क- सिल्वर) से सम्मानित किया गया था।
इससे पहले दोनों ने एक साथ कानपुर आईटीआई से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। अंजलि ने नेविगेशन इंजीनियरिंग और उदित ने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया है। बीटेक के बाद अंजलि को एक ऑयल कंपनी में नौकरी मिल गई। इस नौकरी के दौरान उन्होंने सात देश में सेवाएं दी। इसमें मेक्सिको, नार्वे, यूके, मलेशिया, सिंगापुर, अबूधाबी और न्यूजीलैंड शामिल हैं।
'लेडी सिंघम' के नाम से हैं फेमस
अंजलि को उनके बेहतर काम के लिए लेडी सिंघम भी कहा जाता है। आईआईटी कानपुर से नेविगेशन इंजीनियरिंग में बीटेक करने वालीं अंजलि साइबर क्राइम के मामलों को सुलझाने में माहिर हैं। अपनी पहली पोस्टिंग के दौरान झांसी में उन्होंने एक लापता बच्ची को इंस्टाग्राम रील के बैकग्राउंड में दिखे एक छोटे से नंबर की मदद से महाराष्ट्र के पिंपरी से ढूंढ निकाला। इसके साथ ही कानपुर में उन्होंने बच्चों के अश्लील वीडियो बनाने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया था। उन्हें 26 जनवरी 2026 को सेवा सम्मान (डीजी प्रशंसा डिस्क- सिल्वर) से सम्मानित किया गया था।