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CM भूपेश की बड़ी घोषणा: समर्थन मूल्य पर प्रति एकड़ 20 क्विंटल धान खरीदेगी सरकार, मेकाहारा में 200 पदों पर भर्ती

Thu, 23 Mar 2023 11:58 PM IST
ललित कुमार सिंह अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर
अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर Published by: ललित कुमार सिंह Updated Thu, 23 Mar 2023 11:58 PM IST
सार

छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल ने विधानसभा में किसानों के हित में बड़ी घोषणा करते हुए प्रति एकड़ 20 क्विंटल धान की समर्थन मूल्य पर खरीदी करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने आज छत्तीसगढ़ विधानसभा में विनियोग विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए यह घोषणा की।

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CG government will buy 20 quintal paddy per acre on support price
सीएम भूपेश बघेल - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल ने विधानसभा में किसानों के हित में बड़ी घोषणा करते हुए प्रति एकड़ 20 क्विंटल धान की समर्थन मूल्य पर खरीदी करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने आज छत्तीसगढ़ विधानसभा में विनियोग विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए यह घोषणा की। विधानसभा में चर्चा के बाद विनियोग विधेयक 2023 पारित कर दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हमारे किसान भाई हैं। सम्पूर्ण विश्व आज खाद्य संकट की अग्रसर हो रहा है। इसका मुख्य कारण है कृषि का अलाभप्रद होना। हमारी सरकार बनते ही हमने किसानों की ऋण माफी की, राजीव गांधी किसान न्याय योजना से किसानों को सशक्त बना रहे हैं। उन्हें इनपुट सब्सिडी का लाभ भी दे रहे हैं। समर्थन मूल्य पर प्रति एकड़ धान की खरीदी 15 क्विंटल से बढ़ाकर 20 क्विंटल करने जा रहे हैं। मैं भेंट-मुलाकात में जहां भी गया किसानों की एक ही मांग थी, समर्थन मूल्य पर प्रति एकड़ 20 क्विंटल धान की खरीदी की जाए। 

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मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा कि एक अप्रैल से आवासहीनों, उज्ज्वला गैस योजना और शौचालय के हितग्राहियों का सर्वे कराया जाएगा। आवास योजना में जितने भी पात्र हितग्राही होंगे, उन्हें क्रमबद्ध रूप से आवास दिया जाएगा।  मुख्यमंत्री ने विनियोग विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि किसी भी राज्य की अर्थव्यवस्था का आकार जीएसडीपी से निर्धारित होता है। छत्तीसगढ़ का जीएसडीपी वर्ष 2018 में 03 लाख 27 हजार 106 करोड़ था, जो 2023 में बढ़कर 05 लाख 09 हजार 43 करोड़ अनुमानित है। मार्च 2020 से निरंतर 02 वर्ष तक कोविड-19 आपदा के कारण आर्थिक गतिविधियां मंद होने के बावजूद राज्य शासन की नीतियों के कारण अर्थव्यवस्था के आकार 56 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। राज्य की जीएसडीपी में वृद्धि वर्ष 2022-23 में 8 प्रतिशत अनुमानित, जो अखिल भारतीय जीडीपी की अनुमानित वृद्धि दर 7 प्रतिशत से अधिक। स्थिर भाव पर वर्ष 2022-23 में कृषि क्षेत्र, औद्योगिक क्षेत्र एवं सेवा क्षेत्र में राज्य की अनुमानित विकास दर राष्ट्रीय स्तर से अधिक है। 
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कृषि, उद्योग और सेवा क्षेत्र में वृद्धि दर राष्ट्रीय औसत से अधिक
मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि क्षेत्र में राज्य की वृद्धि दर 5.93 प्रतिशत रही, जबकि राष्ट्रीय वृद्धि दर 3.50 प्रतिशत, औद्योगिक क्षेत्र में राज्य की वृद्धि दर 7.83 प्रतिशत, जबकि राष्ट्रीय वृद्धि दर 4.10 प्रतिशत इसी प्रकार सेवा क्षेत्र में राज्य की वृद्धि दर 9.21 प्रतिशत और राष्ट्रीय वृद्धि दर 9.10 प्रतिशत रही। राज्य के स्वयं के करों का राजस्व वर्ष 2018-19 में 21 हजार 427 करोड़ की तुलना में वर्ष 2023-24 में बढ़कर 38 हजार करोड़ अनुमानित (77 प्रतिशत वृद्धि) है। उन्होंने कहा कि राज्य के स्वयं का करेत्तर राजस्व वर्ष 2018-19 में 07 हजार 703 करोड़ से बढ़कर वर्ष 2023-24 में 18 हजार 200 करोड़ अनुमानित - (दो गुणा से अधिक वृद्धि) है। इस प्रकार राज्य का स्वयं का कुल राजस्व वर्ष 2018-19 में 29 हजार 130 करोड़ से बढ़कर वर्ष 2023-24 में 56 हजार 200 करोड़ अनुमानित - (93 प्रतिशत की वृद्धि) है। केन्द्रीय प्राप्तियां वर्ष 2018-19 में रु. 35 हजार 963 करोड़ से बढ़कर वर्ष 2023-24 में 49 हजार 800 करोड़ अनुमानित (38 प्रतिशत वृद्धि) है। इस प्रकार विगत 04 वर्षों में केन्द्रीय प्राप्तियां 38 प्रतिशत एवं राज्य की राजस्व प्राप्तियां 93 प्रतिशत की दर से वृद्धि हुई है।
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चार हजार 471 करोड़ का राजस्व आधिक्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2018-19 में कुल व्यय 73 हजार 565 करोड़ की तुलना में वर्ष 2023-24 हेतु 01 लाख 21 हजार 500 करोड़ अनुमानित (65 प्रतिशत वृद्धि) है। वर्ष 2018-19 में पूंजीगत व्यय रु. 08 हजार 903 करोड़ की तुलना में वर्ष 2023-24 हेतु 18 हजार 660 करोड़ अनुमानित (2 गुणा से अधिक वृद्धि) है। पिछले 4 वर्षों में से कोविड-19 प्रभावित 02 वर्षों को छोड़कर शेष वर्षों में राजस्व आधिक्य - वर्ष 2023-24 में भी राजस्व आधिक्य 03 हजार 500 करोड़ अनुमानित एवं एजी लेखा अनुसार माह जनवरी 2023 में 04 हजार 471 करोड़ का राजस्व आधिक्य है।

इस वर्ष बाजार से कोई ऋण नहीं लिया
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास के लिए राशि उपलब्धता में ऋण पर कम निर्भरता रही। राज्य सरकार ने इस वर्ष बाजार से कोई ऋण नहीं लिया है। गत वर्ष 2021-22 में भी राज्य द्वारा मात्र 865 करोड़ का शुद्ध ऋण लिया गया था। वर्ष 2022-23 में जनवरी 2023 तक छत्तीसगढ़ का ऋणभार जीएसडीपी का 17.9 प्रतिशत, जो 15वें वित्त आयोग द्वारा निर्धारित सीमा 25 प्रतिशत से बहुत कम है। वर्ष 2023-24 छत्तीसगढ़ द्वारा ऋणों के ब्याज भुगतान पर राजस्व प्राप्तियों का 6.5 प्रतिशत, जो 15वें वित्त आयोग द्वारा निर्धारित सीमा 10 प्रतिशत से बहुत कम है। बेहतर वित्तीय प्रबंधन, कम ऋण व सीमित ब्याज भार के कारण विकास कार्यों हेतु पर्याप्त राशि उपलब्ध।

सकल वित्तीय घाटा निर्धारित सीमा से कम
मुख्यमंत्री ने कहा कि एफआरबीएम एक्ट में जीएसडीपी के 03 प्रतिशत तक वित्तीय घाटे की सीमा निर्धारित है। कोविड-19 आपदा को देखते हुए भारत सरकार द्वारा वर्ष 2020-21 से 2022-23 तक वित्तीय घाटे की सीमा में शिथिलता दी गई थी, किन्तु वर्ष 2023-24 से 2025-26 तक यह सीमा पुनः 03 प्रतिशत निर्धारित की गई है। वर्ष 2023-24 में 15 हजार 200 करोड़ सकल वित्तीय घाटा अनुमानित है जो राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (5,09,043 करोड़) का 2.99 प्रतिशत है।

मुख्यमंत्री की प्रमुख घोषणाएं 

  • सक्ती में खुलेगा स्वामी आत्मानंद स्कूल और नवीन शासकीय महाविद्यालय 
  • सारांगाव के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में उन्नयन
  • अंडा (साजा) में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र और मिडिल स्कूल का हाई स्कूल में उन्नयन
  • तराजु (लखनपुर ) में मिडिल स्कूल
  • टेमरी-बनरसी को नगर पालिका का दर्जा
  • हरदी बाजार (कोरबा) के स्कूल को अनुदान
  • कुरूद के महाविद्यालय में विज्ञान संकाय में माईक्रोबायलॉजी एवं अन्य विषय खोलने की घोषणा
  • मुख्यमंत्री ने कहा है कि एक अप्रैल से आवासहीनों का सर्वे होगा, जिन्हें क्रमबद्ध तरीके से आवास उपलब्ध कराया जायेगा
  • उज्ज्वला योजना और शौचालय का भी सर्वे होगा, विपक्ष के लोग सहमत है कि नही बताएं।
  • मड़वा में स्थापित पावर प्लांट देश का सबसे महंगा प्लांट है, जितनी जमीन जरूरत थी उससे तीन गुना ज्यादा जमीन ली गई।
  • शहीद महेन्द्र कर्मा तेंदूपत्ता संग्राहक योजना का लाभ दिया जा रहा है। पहले जहां बीमा योजना के लिए 2 से 3 साल लग जाते थे, लेकिन अब संग्राहकों को बीमा योजना का लाभ 2 से 3 माह में मिल जाता है।
  • सिंधी पंचायत को सामाजिक कार्य के लिए नवा रायपुर में दी जाएगी जमीन


'आज का दिन बहुत ही महत्वपूर्ण है'

मुख्यमंत्री ने विनियोग विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि आज का दिन बहुत ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरू, भगवान झूलेलाल का पावन स्मरण और नमन करते हुए कहा कि आज आजादी के दीवाने भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरू का शहीदी दिवस है। भारत को आजाद कराने के लिए इन तीनों अमर शहीदों ने हंसते-हंसते मृत्युदण्ड स्वीकार किया था और भारत माता की जय-जयकार करते हुए फांसी के फन्दे पर झूल गए थे। उन्होंने कहा कि आज चैत्र नवरात्रि का दूसरा दिन है। प्रथमम् शैल पुत्री, द्वितीयम् ब्रह्मचारिणी, अर्थात आज देवी ब्रह्मचारिणी जी का दिन है। छत्तीसगढ़ की चारों दिशाओं में माता रानी के शक्तिपीठ है। गांव-गांव में देवी पूजा की परम्परा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान झूलेलाल की जयंती है। चैट्रीचण्ड्र दिवस है इस अवसर पर हमारी सरकार ने नगर पालिका तथा नगर निगम क्षेत्र में सामान्य अवकाश की घोषणा की है। यह अवकाश प्रदेश में पहली बार दिया गया है। इसके अलावा कल 24 मार्च से पवित्र रमजान महीने की शुरूआत भी हो रही है। ऐसे समय में हम विनियोग विधेयक-2023 भी पारित करने जा रहे हैं, जो छत्तीसगढ़ की बेहतरी के लिए, नवा छत्तीसगढ़ गढ़ने के प्रयासों के लिए, नींव का पत्थर बनेगा।



मुख्यमंत्री ने कहा कि वन अधिकार मान्यता पत्र वितरित करने में छत्तीसगढ़ पूरे देश में प्रथम स्थान पर है। तेन्दूपत्ता संग्राहकों के लिए राज्य सरकार ने शहीर महेन्द्र कर्मा तेन्दूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा योजना प्रारंभ की, जिससे 6 हजार हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। ग्रामीण क्षेत्रों में निवासरत परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराने प्रधानमंत्री आवास योजना में 3238 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।

 चेट्रीचण्ड्र कार्यक्रम में शामिल हुए सीएम भूपेश बघेल

इसके बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल गुरुवार की रात्रि राजधानी के जयस्तंभ चौक में सिंधी समाज की ओर से आयोजित चेट्रीचण्ड्र कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने इस मौके पर सिंधी समाज द्वारा भगवान झूलेलाल की निकाली गई शोभा यात्रा को पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि तथा खुशहाली के लिए कामना की। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सिंधी पंचायत को सामाजिक कार्य के लिए नवा रायपुर अटल नगर में जमीन प्रदाय करने की घोषणा की।  मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सम्बोधित करते हुए कहा कि संत झूलेलाल को वरूण देव का अवतार कहा जाता है। वरूण देव जल के देवता हैं, जल के बिना जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती। इस तरह भगवान झूलेलाल सम्पूर्ण जीवन के आधार हैं। उन्होंने बताया कि सिंधी समाज व्यापारियों और व्यवसायियों का समाज है। निश्चित रूप से शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज को भी मिला है। प्रदेश के व्यापार-व्यवसाय में प्रगति हुई है और समाज के जीवन में भी रौनक आई है। इसके फलस्वरूप आज चेट्रीचण्ड्र महोत्सव में एक अलग ही उत्साह नजर आ रहा है, जो प्रशंसनीय है। 

मुख्यमंत्रीने कहा कि हमने प्रदेश के नगर निगम और नगर पालिका क्षेत्रों में चेट्रीचण्ड्र महोत्सव के दिन सामान्य अवकाश की घोषणा की है। इसकी मांग सिंधी समाज द्वारा लंबे अरसे से की जा रही थी। जिसमें उनकी भावनाओं का सम्मान करते हुए यह घोषणा की गई। इस अवसर पर समाज की ओर से भी मुख्यमंत्री को प्रतीक चिन्ह भेंटकर उनका सम्मान किया गया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के अध्यक्षकुलदीप जुनेजा, विधायक बृजमोहन अग्रवाल, रायपुर नगर निगम के महापौर एजाज ढेबर, छत्तीसगढ़ सिंधी अकादमी के अध्यक्ष रामगिडलानी, अमर गिदवानी, श्रीचंद सुन्दरानी,आनंद कुकरेजा, अजीत कुकरेजा सहित बड़ी संख्या में सिंधी समाज के लोग उपस्थित थे।

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