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अमित शाह के आने से पहले कांग्रेस ने पूछे 11 सवाल: क्यों बेच रहे नगरनार स्टील प्लांट?, कब रुकेगी वनों की कटाई

Fri, 23 Aug 2024 10:57 AM IST
ललित कुमार सिंह अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर
अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर Published by: ललित कुमार सिंह Updated Fri, 23 Aug 2024 10:57 AM IST
सार

Deepak baij on Amit shah: छ्त्तीसगढ़ कांग्रेस ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के छत्तीसगढ़ आने से एक दिन पहले 11 सवाल पूछे हैं। इन सवालों के जरिये केंद्र की बीजेपी सरकार को घेरते हुए निशाना साधा है। 

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CG Congress asked 11 questions Before Amit Shah raipur visit
पीसीसी चीफ दीपक बैज, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

Deepak baij on Amit shah: छ्त्तीसगढ़ कांग्रेस ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के छत्तीसगढ़ आने से एक दिन पहले 11 सवाल पूछे हैं। इन सवालों के जरिये केंद्र की बीजेपी सरकार को घेरते हुए निशाना साधा है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने केंद्रीय गृहमंत्री से 11 सवाल पूछे हैं। 
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बैज ने केंद्र और राज्य की बीजेपी सरकार पर आरोप लगाते हुए पूछे 11 सवाल-
  • छ्त्तीसगढ़ की कानून व्यवस्था बदहाल क्यों है?
राज्य में डबल इंजन की सरकार बनने के बाद प्रदेश की कानून व्यवस्था क्यों बदहाल हो गयी है? महिलाओं के प्रति अपराध बढ़ गये, 2000 से अधिक महिला उत्पीड़न की घटनायें हो गयी, 600 से अधिक हत्या हो गयी, अपराधी बेलगाम हो गये। एसपी, कलेक्टर कार्यालय जलाये जा रहे। 8 महीने में प्रदेश में कानून का राज खत्म हो गया है। आप केंद्रीय गृहमंत्री है इस पर क्या कहेंगे?
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  • आरक्षण विधेयक कब तक लंबित रहेगा?
छत्तीसगढ़ की जनता के हित में भूपेश सरकार ने विधानसभा से आरक्षण संशोधन विधेयक पारित करवा कर राजभवन भेजा है। इस विधेयक में सर्व समाज के लिये आरक्षण का प्रावधान है जिसमें आदिवासी समाज के लिये भी 32 प्रतिशत ओबीसी के लिये 27 प्रतिशत अनुसूचित जाति के लिये, 13 प्रतिशत अनारक्षित वर्ग के गरीबो के लिये 4 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है। आदिवासियों का 32 प्रतिशत आरक्षण कब तक राजभवन में लंबित रहेगा? संवैधानिक रूप से राजभवन केन्द्रीय गृह मंत्रालय को रिपोर्ट करता है। आप गृहमंत्री हैं। आरक्षण संशोधन विधेयक पर कब तक हस्ताक्षर होगा? आदिवासी समाज को उसकी आबादी के अनुपात में उसका हक मिलने आप और भाजपा क्यों बाधा बनी हुई है?
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  • छत्तीसगढ़ के हसदेव के वन क्षेत्रों की कटाई क्यों हो रही है?
राज्य में भाजपा की सरकार बनने के बाद हसदेव क्षेत्र में वनों की कटाई फिर से शुरू हो गई। राज्य की भाजपा सरकार ने राजस्थान सरकार को कोल ब्लॉक में उत्खनन की अनुमति दे दी। क्या यह डबल इंजन सरकार का राज्य की जनता पर और राज्य के पर्यावरण पर प्रहार नहीं है? इस पर आप का क्या कहेंगे।
  • नगरनार प्लांट क्यों बेच रहे?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बस्तर के नगरनार संयंत्र के उद्घाटन के अवसर पर कहा था इस संयंत्र का निजीकरण नहीं होगा। यह बस्तर की जनता की अमानत है, आपने भी यही कहा था उसके बाद भी नगरनार संयंत्र के बेचने की खबरे क्यों सामने आ रही है? क्या आप छत्तीसगढ़ से इन खबरों का खंडन करेंगे? बस्तर का नगरनार संयंत्र नहीं बेचा जायेगा, छत्तीसगढ़ की जनता को आश्वसान देंगे?
  • नंदराज पहाड़ की लीज केन्द्र रद्द क्यों नहीं कर रहा?
नंदराज पहाड़ से ग्रामीणों की आस्था जुड़ी हुई है। वे उस पहाड़ को देवतुल्य मानते हैं और उसकी पूजा करते हैं। बैलाडीला नन्दराज पहाड़ लौह अयस्क के दोहन हेतु रमन सरकार ने 2016-17 में अडानी को लीज पर दिया था। जिसके विरोध में क्षेत्र के ग्रामीणों ने लंबा संघर्ष किया। भूपेश बघेल सरकार बनते ही राज्य सरकार अडानी को दी गयी लीज खारिज कर दिया था, लेकिन आज तक केन्द्र ने इसके लिए किसी प्रकार की नोटिफिकेशन जारी नही किया। अमित शाह जी बताये अडानी का हित बड़ा है या आदिवासियों की आस्था?
  • एनएमडीसी का मुख्यालय बस्तर में क्यों नहीं आ रहा?
एनएमडीसी भारत की वह नवरत्न कंपनी है जो लौह अयस्क तो बस्तर से निकालती है और उसे दुनिया भर में भेजती है, लेकिन अपना मुख्य कार्यालय बस्तर की बजाए तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में बनाए बैठी है। पूर्व में बस्तर में यातायात के अभाव से यह निर्णय ठीक लगता था लेकिन वर्तमान में बस्तर भी अब सर्वसुविधायुक्त बन चुका है एनएमडीसी को अपना मुख्यालय अब बस्तर में बनाना चाहिए ताकि बस्तर के बेरोजगार युवाओं के लिए एनएमडीसी में रोजगार का द्वार खुल सके। एनएमडीसी का मुख्यालय बस्तर में क्यों नहीं आ रहा?  
  • दल्लीराजहरा जगदलपुर रेल लाइन क्यों शुरू नहीं हो रही?
सन 2017-18 में दल्लीराजहरा रेलमार्ग के निर्माण का उद्घाटन स्वयं देश के प्रधानमंत्री ने भानुप्रतापपुर से किया था और मंच से आश्वस्त किया था कि 2021 में यह बनकर तैयार हो जाएगा और इस रेलमार्ग में यात्री ट्रेनें सरपट दौड़ेगी लेकिन आज दिनांक तक यह रेल लाइन का कार्य खत्म नहीं हुआ है जो कि बस्तर की जनता के साथ छलावा है। अमित शाह बताये यह कब पूरा होगी?
  • भारतमाला परियोजना रोड को जगदलपुर से क्यों नही जोड़ा जा रहा?
भारत माला ओडिशा के नवरंगपुर से होकर जा रही है नगरनार से भारत माला की दूरी 32 किमी के आसपास है केन्द्र सरकार जगदलपुर से भारत माला तक जोड़ने पहल करे या एनएमडीसी नगरनार से भारत माला तक सड़क निर्माण कराये।
  • मोदी सरकार ने 2006 के वन अधिकार अधिनियम में संशोधन क्यों किया?
जल, जंगल, जमीन के अधिकारों से स्थानीय आदिवासियों को वंचित करने और खनन माफिया अपने नीति पूंजीपति मित्रों को अनुचित लाभ पहुंचाने 2006 के वन अधिकार अधिनियम के महत्वपूर्ण प्रावधानों को मोदी सरकार ने शिथिल कर दिया है क्या केंद्रीय गृह मंत्री आदिवासियों से माफी मांगेंगे?
  • एनआईए की कार्यवाही पक्षपात पूर्ण क्यों?
टेरर फंडिग मामले में भाजपा के पूर्व मंत्री के भाई पेखन गागड़ा और भाजपा के जिला उपाध्यक्ष पर 91 करोड़ उगाही का आरोप है, एनआईए की कार्यवाही में उनको किसके दबाव में छोड़ा गया है? उन पर कार्यवाही कब होगी? वैसी ही मामले में 4-5 आदिवासियों पर एनआईए ने कार्यवाही की है, लेकिन भाजपा समर्थित लोगों को संरक्षण क्यों?
  • और आखिरी सवाल बस्तर में फर्जी मुठभेड़ों में आदिवासियों की मौत पर क्यों चुप है?
बस्तर के अनेक स्थानों पीड़िया, कोयलीबेड़ा, बीजापुर में सुरक्षा बलों के साथ हुई मुठभेड़ में ग्रामवासियों का मानना है कि 30 से अधिक निर्दोष आदिवासियों की जाने गई है। क्या केंद्र सरकार इन मामलों की निष्प्क्ष जांच कर आदिवासियों को न्याय देगी?
 
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