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'सीबीआई करें सीजीएमएससी घोटाले की जांच': डॉ. राकेश गुप्ता बोले- लीपापोती करने ईओडब्ल्यू से जांच करा रही सरकार
Sat, 22 Mar 2025 06:51 PM IST
ललित कुमार सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर
अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर
Published by: ललित कुमार सिंह
Updated Sat, 22 Mar 2025 06:51 PM IST
सार
CGMSC scam : कांग्रेस चिकित्सा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष डॉ. राकेश गुप्ता ने सीजीएमएससी घोटाले मामले में राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए इस केस की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है।
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प्रेस कॉन्फ्रेंस लेते कांग्रेस चिकित्सा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष डॉ. राकेश गुप्ता
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
CGMSC scam : कांग्रेस चिकित्सा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष डॉ. राकेश गुप्ता ने सीजीएमएससी घोटाले मामले में राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए इस केस की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि मीडिया में लगातार खबरें छपने के बाद राज्य की भाजपा सरकार ने दबाव में आकर रिएजेंट और दवा सप्लाई घोटाले की जांच की घोषणा की थी। आरोप लगाया कि इस मामले की लीपापोती करने ईओडब्ल्यू से जांच कराई जा रही है जबकि यह केंद्रीय पैसे में घोटाला है। इसलिये इसकी जांच सीबीआई से करानी चाहिये। उन्होंने कहा कि इस घोटाले में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल भी शामिल हैं। उन्होंने चलती जांच के बीच सप्लाई करने वाली कंपनी को भुगतान करवाया है। इससे साफ है कि घोटाले में मंत्री की सहभागिता थी।
कांग्रेस चिकित्सा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष गुप्ता ने कहा कि रीएजेंट की कृत्रिम मांग में स्वास्थ्य विभाग के तीनों अंग आपस में जुड़े हुए हैं। अफसर तो दोषी थे ही, अब राज्य के मंत्री की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। ऐसे में यह उम्मीद कैसे की जा सकती है कि राज्य की कोई एजेंसी अपने ही सरकार के किसी मंत्री की भूमिका की जांच करेगी? वैसे भी रिएजेंट के पैसे आए थे केंद्र सरकार से। कांग्रेस पार्टी को लगता है कि राज्य सरकार, खासकर राज्य के स्वास्थ्य मंत्री इस जांच में लीपापोती करने की कोशिश कर रहे हैं। हमारी मांग है कि सैकड़ों करोड़ रुपए के इस घोटाले की जांच सीबीआई को सौंपी जाए।
स्वास्थ्य मंत्री इस्तीफा दें अन्यथा उनको बर्खास्त किया जाये
दूसरी ओर कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि और जब तक जांच पूरी नहीं होती, स्वास्थ्य मंत्री इस्तीफा दें। इस्तीफा नहीं देते हैं तो मुख्यमंत्री को स्वास्थ्य मंत्री को पद से हटा देना चाहिए। पूरे घोटाले दौरान जो अधिकारी विभाग में पोस्टेड थे उन्हें निलंबित कर जांच होनी चाहिए क्योंकि उनकी उपस्थिति में जांच प्रभावित हो सकती है।
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कांग्रेस चिकित्सा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष गुप्ता ने कहा कि रीएजेंट की कृत्रिम मांग में स्वास्थ्य विभाग के तीनों अंग आपस में जुड़े हुए हैं। अफसर तो दोषी थे ही, अब राज्य के मंत्री की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। ऐसे में यह उम्मीद कैसे की जा सकती है कि राज्य की कोई एजेंसी अपने ही सरकार के किसी मंत्री की भूमिका की जांच करेगी? वैसे भी रिएजेंट के पैसे आए थे केंद्र सरकार से। कांग्रेस पार्टी को लगता है कि राज्य सरकार, खासकर राज्य के स्वास्थ्य मंत्री इस जांच में लीपापोती करने की कोशिश कर रहे हैं। हमारी मांग है कि सैकड़ों करोड़ रुपए के इस घोटाले की जांच सीबीआई को सौंपी जाए।
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स्वास्थ्य मंत्री इस्तीफा दें अन्यथा उनको बर्खास्त किया जाये
दूसरी ओर कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि और जब तक जांच पूरी नहीं होती, स्वास्थ्य मंत्री इस्तीफा दें। इस्तीफा नहीं देते हैं तो मुख्यमंत्री को स्वास्थ्य मंत्री को पद से हटा देना चाहिए। पूरे घोटाले दौरान जो अधिकारी विभाग में पोस्टेड थे उन्हें निलंबित कर जांच होनी चाहिए क्योंकि उनकी उपस्थिति में जांच प्रभावित हो सकती है।
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