फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chhattisgarh ›   book scam in chhattisgarh; old books bought at three times price for schools in gariaband

Chhattisgarh में किताब घोटाला!प्रणव मुखर्जी राष्ट्रपति, रमन मुख्यमंत्री; तीन गुना दाम में खरीदी पुरानी किताबें

Fri, 30 Sep 2022 10:09 AM IST
मोहनीश श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गरियाबंद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गरियाबंद Published by: मोहनीश श्रीवास्तव Updated Fri, 30 Sep 2022 10:09 AM IST
सार

पिछड़ा वर्ग प्राधिकरण की मद से पुरानी किताबें खरीदी गई हैं। विधायक की अनुशंसा पर खरीदी गई इन किताबों पर अलग से स्टीकर लगा एमआपी तय की गई है।

विज्ञापन
book scam in chhattisgarh; old books bought at three times price for schools in gariaband
मिडिल स्कूलों को भेजी गई सामान्य ज्ञान की किताबों में सारी जानकारी तीन साल पुरानी हैं। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

छत्तीसगढ़ के गरियाबंद में शिक्षा विभाग एक बार फिर चर्चा में है। व्हाइट बोर्ड और खेल सामग्री की खरीदी, टीचरों की भर्ती में गड़बड़ी के बाद अब नया मामला किताबों का हैं। विभाग की ओर से स्कूलों को जो किताबें भेजी गई हैं, उनमें प्रणव मुखर्जी को राष्ट्रपति, सुषमा स्वराज को प्रवासी मामलों की मंत्री और रमन सिंह को मुख्यमंत्री बताया गया है। यानी कि सारी की सारी किताबें पुरानी हैं। खास बात यह है कि इनकी खरीदी तीन गुना दाम पर फर्जी स्टीकर चस्पा कर दिखाई गई है। 
विज्ञापन



मिडिल स्कूलों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की किताबें
दरअसल, देवभोग ब्लॉक के 50 मिडिल स्कूलों में किताबों से भरा नीले रंग का एक पार्सल पहुंचा है। इसमें जनरल नॉलेज के साथ ही महापुरुषों के जीवन चरित्र पर आधारित 104 किताबें हैं। यह किताबे मिडिल (8वीं क्लास तक) स्कूलों को भेजी गई हैं। जबकि किताबों पर साफ लिखा है कि वे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए हैं। इन किताबों के साथ ही उन्हें फर्म की लिस्ट के साथ ही भुगतान की राशि भी बताई गई है। राशि के अनुसार एनएफटी फॉर्म और चेक के साथ ब्लॉक कार्यालय बुलाया गया है। 
विज्ञापन



25 लाख का करना होगा स्कूलों को भुगतान
जो पार्सल स्कूलों को भेजा गया है कि उसमें सबसे छोटी किताब 48 पेज की है, जिसका दाम 300 रुपए बताया गया है। इसी तरह किताब की अधिकतम एमआरपी 900 रुपए बताई गई है। इसके लिए किताब पर प्रिंट एमआरपी पर स्टीकर चस्पा किया गया है। नाम ना छापने की शर्त पर प्रधान पाठकों ने कहा कि इन किताबों को लाइब्रेरी के लिए भेजा गया है। अब उन पर तीन गुना दाम भुगतान के लिए दबाव बनाया जा रहा है। जो कि सभी स्कूलों का मिलाकर करीब 25 लाख रुपए होता है। 
विज्ञापन
विज्ञापन



बिना कोटेशन खरीदारी, किसे भुगतान पहले से तय
पिछड़ा वर्ग प्राधिकरण की मद से 50-50 हजार रुपए की किताबें 50 स्कूलों को भेजी गई हैं। जबकि नियमानुसार, स्कूलों के खाते से सामग्री खरीद के लिए जनभागीदारी समिति बनाई गई है। अगर 10 हजार रुपए से ऊपर की खरीद की जाती है तो क्रय एवं भंडार नियम का पालन करना होता है। इसके लिए क्रय समिति अलग-अलग तीन फर्मों से कोटेशन मंगवाती है। जबकि यहां बिना कोटेशन के ही खरीदी की गई और किस फर्म को भुगतान किया जाना है, वह पहले ही बता दिया गया है। 


लिस्ट भेजी गई, उसमें स्कूलों के सामने बैंक खाता नंबर
इस दौरान एक लिस्ट भी हाथ लगी है। इसके मुताबिक, प्रगति पब्लिशिंग हाइस प्राइवेट लिमिटेड व खुराना पब्लिशिंग को 20-20 स्कूलों और इनप्रेसिंग प्रिंटर्स को 10 स्कूलों को भुगतान करना है। स्कूल के नाम के आगे बैंक खाता नंबर और एमाउंट भी लिखा गया है। पार्सल के साथ ही इन तीनो फर्मों के कोटेशन भी भेजे गए हैं। इससे पता चलता है कि खरीदी दिखाने के लिए कोटेशन पहले मंगवाने की जगह खानापूर्ति पूरी की गई है। जिससे गड़बड़ी पर सवाल उठे तो बचा जा सके। 



विधायक की अनुशंसा, पर खामोश, DEO बोले-सबको जानकारी 
बताया जा रहा है कि यह खरीदी पिछड़ा वर्ग प्राधिकरण की मद से क्षेत्रीय विधायक डमरूधर पुजारी की अनुशंसा से की गई है। विधायक भी इस बात को स्वीकार करते हैं, लेकिन गड़बड़ी पर चुप्पी साध लेते हैं। वहीं पत्राचार और प्रकिया में भाग लेने वाले शिक्षा विभाग के उपसंचालक अरविंद ध्रुव ने डीईओ से बात करने कह दिया। DEO करमन खटकर का कहना है कि विधायक के अनुशंसा पर लाइब्रेरी के लिए किताबें खरीदी गई हैं। सारी प्रक्रिया की जानकारी कलेक्टर को भी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed