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Balod: भाजपा नेता दुर्गानंद का तंज, अपने ही वादों में उलझते जा रहे सीएम, मानदेय से ज्यादा बेरोजगारी भत्ता
Fri, 07 Apr 2023 02:20 PM IST
विजय पुंडीर
अमर उजाला नेटवर्क, बलोद
अमर उजाला नेटवर्क, बलोद
Published by: विजय पुंडीर
Updated Fri, 07 Apr 2023 02:20 PM IST
सार
भाजपा नेता ने कहा कि छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल को को लोगों के जज्बातों के साथ खेलना बड़े बेहतर ढंग से आता है। वे यह सीख गए हैं कि छत्तीसगढ़ के लोगों को कैसे रिझाया जाए।
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भाजपा नेता दुर्गानंद साहू
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हाल ही में प्रदेश सरकार ने बेरोजगार लोगों को 25 सौ रुपए प्रति माह बेरोजगारी भत्ता देने की शुरुआत की है। इसको लेकर भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता दुर्गानंद साहू ने सीएम बघेल पर तंज कसा है। उन्होंने कहा कि अपनी ही बातों में प्रदेश के मुख्यमंत्री फंसते जा रहे हैं। एक तरफ तो बेरोजगारों को 2500 प्रतिमाह भत्ता दे रहे हैं तो दूसरी ओर स्कूल के सफाई कर्मियों का मानदेय उससे कम है। इसके कारण कहीं ना कहीं असंतोष की भावना प्रदेश के कर्मचारियों में है। वहीं, खबरें यह भी है कि कर्मचारी सामूहिक इस्तीफे कि पेशकश कर सकते हैं।
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'कर्मठ हैं छत्तीसगढ़ के निवासी'
भाजपा नेता ने कहा कि छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल को को लोगों के जज्बातों के साथ खेलना बड़े बेहतर ढंग से आता है। वे यह सीख गए हैं कि छत्तीसगढ़ के लोगों को कैसे रिझाया जाए, परंतु छत्तीसगढ़ के लोग कर्मठ लोग हैं। वह मुफ्त के 2500 देने से अच्छा रोजगार और अपने मेहनत का पैसा मांग रहे हैं। छत्तीसगढ़ में कर्मचारी स्कूल, सफाई कर्मचारी, रसोईया जो कि दिन भर मेहनत कर बच्चों के भविष्य के लिए काम करते हैं उनका मानदेय बेरोजगारों से भी कम है।
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क्या सरकार के पास नहीं कर्मचारियों का डेटा
दुर्गानंद साहू ने कहा कि सरकार के सामने जब भी नियमितीकरण की बात आती है, तो वे कर्मचारियों के डाटा मंगाने का बात कहती है। क्या चार वर्षों में अभी तक डाटा प्रबंधन नहीं हो पाया है या फिर सरकार को यह नहीं पता कि आखिर वह कितने कर्मचारियों को सरकारी खजाने से पैसा दे रही है। जाहिर सी बात है एक परिवार के मुखिया को इतना तो पता रहता है कि उसके परिवार में कितने सदस्य हैं या फिर छत्तीसगढ़ के मुखिया को उनके परिवार की चिंता ही नहीं है। आखिर जिला प्रशासन या अन्य विभागों से तो अनियमित कर्मचारियों की तनख्वाह जारी होते होंगे इतना समय क्यों लग रहा है अनियमित कर्मचारियों के डाटा एकत्र करने में यह महज एक छलावा और दिखावा है और यह कर्मचारियों को गुमराह कर रहे हैं।
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