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Chhattisgarh: अविश्वास प्रस्ताव पर छत्तीसगढ़ विधानसभा में बहस, बघेल सरकार के खिलाफ भाजपा ने पेश किया आरोपपत्र

Thu, 28 Jul 2022 06:31 AM IST
देव कश्यप पीटीआई, रायपुर।
पीटीआई, रायपुर। Published by: देव कश्यप Updated Thu, 28 Jul 2022 06:31 AM IST
सार

विधानसभा में बुधवार को अविश्वास प्रस्ताव (No Trust Motion) पर बहस के दौरान विपक्ष के सदस्यों ने बघेल सरकार (Baghel Government) पर उसकी 'अंदरूनी लड़ाई', कथित भ्रष्टाचार (Corruption) और चुनावी वादों को पूरा न करने को लेकर निशाना साधा। 

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BJP charge sheet Congress Debate in Chhattisgarh Assembly no trust motion
Chhattisgarh CM Bhupesh Baghel - फोटो : ANI

विस्तार

छत्तीसगढ़ विधानसभा में राज्य के मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा कांग्रेस के नेतृत्व वाली भूपेश बघेल (Bhupesh Baghel) सरकार के खिलाफ लाए अविश्वास प्रस्ताव (No Trust Motion) पर देर रात तक बहस हुई। भाजपा ने कहा है कि यह सरकार जनता का विश्वास खो चुकी है। छत्तीसगढ़ में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं।

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विधानसभा में बुधवार को अविश्वास प्रस्ताव (No Trust Motion) पर बहस के दौरान विपक्ष के सदस्यों ने बघेल सरकार (Baghel Government) पर उसकी 'अंदरूनी लड़ाई', कथित भ्रष्टाचार (Corruption) और चुनावी वादों को पूरा न करने को लेकर निशाना साधा। वहीं सत्ताधारी दल ने आरोपों को नकारते हुए दावा किया कि विपक्ष किसी ठोस मुद्दे के साथ अविश्वास प्रस्ताव को पेश करने में विफल रहा है।
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राज्य विधानसभा के छह दिवसीय मानसून सत्र के अंतिम दिन दोपहर करीब 12 बजकर 15 मिनट पर अविश्वास प्रस्ताव पर बहस शुरू हुई। सदन में अविश्वास प्रस्ताव पर देर रात तक चर्चा जारी रही। चर्चा के अंत में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जवाब दिया। इससे पहले विधानसभा में दोपहर में विपक्ष के नेता धरमलाल कौशिक ने सदन में आरोप पत्र पेश किया।
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अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा की शुरुआत करते हुए भाजपा के वरिष्ठ विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा और कहा कि सरकार के एक मंत्री ने मुख्यमंत्री पर अविश्वास व्यक्त किया है और प्रशासन को भी सरकार पर भरोसा नहीं है। अग्रवाल ने कहा, 'मुख्यमंत्री ने उस मंत्री को निष्कासित क्यों नहीं किया? मुख्यमंत्री की हिम्मत नहीं है। यहां तक कि मंत्री में भी हिम्मत नहीं है और वह कैबिनेट में बने रहना चाहते हैं।' भाजपा विधायक अग्रवाल मंत्री टीएस सिंहदेव के संबंध में कह रहे थे। सिंहदेव ने इस महीने की 16 तारीख को पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग से इस्तीफा दे दिया था। हालांकि उनके पास चार अन्य विभाग अभी भी है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को भेजे त्यागपत्र में सिंहदेव ने कहा था, 'जन-घोषणा पत्र के विचारधारा के अनुरूप महत्वपूर्ण विषयों को दृष्टिगत रखते हुए, मेरा यह मत है कि विभाग के सभी लक्ष्यों को समपर्ण भाव से पूर्ण करने में वर्तमान परिस्थितियों में स्वयं को असमर्थ पा रहा हूं। इसलिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के भार से मैं अपने आप को अलग कर रहा हूं।' मंत्री सिंहदेव मानसून सत्र के दौरान विधानसभा में अनुपस्थित रहे हैं।

अग्रवाल ने कहा कि खराब वित्तीय प्रबंधन के कारण राज्य 1.75 लाख करोड़ रुपए के कर्ज में डूबा हुआ है। भाजपा नेता अग्रवाल ने मंत्री टीएस सिंहदेव द्वारा मुख्यमंत्री को लिखे पत्र के संबंध में कहा कि राज्य सरकार ने गरीबों के 18 लाख घर छीन लिए, जिनके वे हकदार थे। क्योंकि राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए राज्य के हिस्से का धन उपलब्ध नहीं कराया था। पूर्व मंत्री ने कहा कि नियम के खिलाफ पंचायत विभाग के काम को मंजूरी देने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया गया था।

अग्रवाल ने सवाल किया कि एक मंत्री द्वारा अनुमोदित कार्यों को अधिकारी कैसे मंजूरी दे सकते हैं। अग्रवाल ने इस दौरान सरकार पर कई मोर्चों पर विफल होने का आरोप लगाया। जब अग्रवाल के भाषण के दौरान सत्तारूढ़ दल के सदस्यों ने टोकना शुरू किया तब उन्होंने कहा कि वह पिछले 33 वर्षों से विधानसभा के सदस्य हैं और उन्होंने अविश्वास प्रस्ताव पर कम से कम दस बहसों में भाग लिया है। लेकिन इससे पहले वह इस तरह के व्यवधान का सामना कभी नहीं किया है।

वहीं, विपक्षों के आरोपों का खंडन करते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और विधायक मोहन मरकाम ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने पिछले साढ़े तीन साल में 36 में से 30 चुनावी वादे पूरे किए हैं। उन्होंने सरकार की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला और कहा कि कांग्रेस सरकार ने किसानों का कर्ज माफ कर दिया है, समर्थन मूल्य पर धान की खरीद के बदले किसानों को 2500 रुपये प्रति क्विंटल प्रदान किया गया है। उन्होंने दावा किया कि राज्य में बेरोजगारी दर में काफी गिरावट आई है।

उन्होंने विपक्षी दल भाजपा पर निशाना साधा और कहा कि भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) लोगों और समाज को बांटने का कार्य कर रहे हैं। वहीं राज्य के कृषि मंत्री रवींद्र चौबे ने कहा कि कांग्रेस सरकार में लोगों का विश्वास बढ़ा है, क्योंकि सरकार ने जो वादा किया है उसे पूरा किया है।

भाजपा ने आरोप पत्र में दावा किया है कि आयकर विभाग ने एक कोयला व्यापारी के परिसरों पर छापेमारी की, जो सत्ताधारी दल और अन्य व्यक्तियों के करीबी हैं। इस दौरान राज्य में कोयला परिवहन को लेकर अवैध धन संग्रह का पता चला है। भाजपा ने आरोप पत्र में राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं और विभागों में घोटालों का भी दावा किया है।


बहस के दौरान भाजपा के विधायक अजय चंद्राकर ने विश्व आदिवासी दिवस पर घोषित अवकाश को लेकर टिप्पणी की। जिसके बाद सत्ता पक्ष ने इसका विरोध किया। कांग्रेस विधायकों ने कहा कि चंद्राकर की टिप्पणी आदिवासियों का अपमान है और वह इसके लिए माफी मांगे। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि सदस्य (चंद्राकर) ने आदिवासी समुदाय की अवहेलना की है और मंत्री कवासी लखमा के खिलाफ कई टिप्पणियां की है। बाद में अध्यक्ष के निर्देश पर चंद्राकर ने कहा कि सदन के अंदर या बाहर दिए गए उनके बयान से अगर किसी को ठेस पहुंची है तो वह इसके लिए दिल से माफी मांगते हैं।

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