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बिलासपुर: आदिवासी समाज रतनपुर में महामाया माता को चुंनरी अर्पित करने निकलेगा पदयात्रा रैली
Fri, 26 Sep 2025 04:03 PM IST
Lalit Kumar Singh
अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुर
अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुर
Published by: Lalit Kumar Singh
Updated Fri, 26 Sep 2025 04:03 PM IST
सार
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि रतनपुर में विराजित माँ महामाया गोंडवाना कुल देवी की पूजा पद्धति, जो गोंडवाना आदिवासी समाज की परंपरागत धरोहर है, को पुनः स्थापित किया जाएगा।
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जिला सर्व आदिवासी समाज बिलासपुर का महत्वपूर्ण निर्णय
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बिलासपुर जिला सर्व आदिवासी समाज और गोंडवाना गोंड़ समाज रतनपुर इकाई ने आज 23 सितंबर 2025 को “बादल महल”, जूना शहर में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। बैठक में समाज की प्रथा-परंपरा और धरोहर को संरक्षित करने तथा विलुप्त होती परंपराओं को पुनर्जीवित करने पर गंभीर विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि रतनपुर में विराजित माँ महामाया गोंडवाना कुल देवी की पूजा पद्धति, जो गोंडवाना आदिवासी समाज की परंपरागत धरोहर है, को पुनः स्थापित किया जाएगा। इसके तहत जिला सर्व आदिवासी समाज बिलासपुर के आह्वान पर रतनपुर इकाई की संयुक्त टीम द्वारा समाजिक पूजा पद्धति के साथ ध्वज-पताका और चुनरी अर्पित करने के लिए पदयात्रा रैली का आयोजन किया जाएगा।
निर्णय के अनुसार यह रैली 28 सितंबर 2025, रविवार, षष्ठमी तिथि को आयोजित की जाएगी। रैली पारंपरिक बाजे-गाजे, वेशभूषा और आतिशबाजी के साथ रतनपुर बादल महल (जूना शहर) से शुरू होगी। रैली में हजारों की संख्या में आदिवासी समाज के सदस्य माँ महामाया रतनपुर मातरानी को चुनरी अर्पित करने, अन्न भोग अर्पण करने और ध्वज-पताका समर्पित करने के लिए भाग लेंगे।
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यह आयोजन आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपरा और धार्मिक धरोहर को पुनः संजोने और आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि रतनपुर में विराजित माँ महामाया गोंडवाना कुल देवी की पूजा पद्धति, जो गोंडवाना आदिवासी समाज की परंपरागत धरोहर है, को पुनः स्थापित किया जाएगा। इसके तहत जिला सर्व आदिवासी समाज बिलासपुर के आह्वान पर रतनपुर इकाई की संयुक्त टीम द्वारा समाजिक पूजा पद्धति के साथ ध्वज-पताका और चुनरी अर्पित करने के लिए पदयात्रा रैली का आयोजन किया जाएगा।
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निर्णय के अनुसार यह रैली 28 सितंबर 2025, रविवार, षष्ठमी तिथि को आयोजित की जाएगी। रैली पारंपरिक बाजे-गाजे, वेशभूषा और आतिशबाजी के साथ रतनपुर बादल महल (जूना शहर) से शुरू होगी। रैली में हजारों की संख्या में आदिवासी समाज के सदस्य माँ महामाया रतनपुर मातरानी को चुनरी अर्पित करने, अन्न भोग अर्पण करने और ध्वज-पताका समर्पित करने के लिए भाग लेंगे।
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यह आयोजन आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपरा और धार्मिक धरोहर को पुनः संजोने और आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।