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Bilaspur: आईपीएस रतनलाल डांगी मामले में नया मोड़, पीड़िता पहुंची हाईकोर्ट; आईएएस अधिकारी से जांच की मांग
Sun, 02 Aug 2026 02:14 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुर
अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुर
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 02 Aug 2026 02:14 PM IST
सार
रतनलाल डांगी से जुड़े मामले में पीड़िता ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। याचिका में आईपीएस अधिकारियों की बजाय किसी वरिष्ठ महिला आईएएस अधिकारी से निष्पक्ष जांच कराने और डांगी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है।
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आईपीएस रतनलाल डांगी का मामला पहुंचा हाईकोर्ट
विस्तार
आईपीएस अधिकारी रतनलाल डांगी से जुड़े मामले में पीड़िता ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। याचिका में आईपीएस अधिकारियों की बजाय किसी वरिष्ठ महिला आईएएस अधिकारी से निष्पक्ष जांच कराने और डांगी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है।
आईपीएस अधिकारी रतनलाल डांगी के खिलाफ दर्ज शिकायत की जांच को लेकर पीड़िता ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर की है। अधिवक्ता अभिषेक पाण्डेय के माध्यम से दाखिल याचिका में कहा गया है कि मामले की जांच किसी आईपीएस अधिकारी के बजाय वरिष्ठ आईएएस अधिकारी, विशेष रूप से महिला आईएएस अधिकारी से कराई जाए, ताकि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी हो सके।
याचिका में दावा किया गया है कि मामले की जांच के लिए पहले नियुक्त किए गए तत्कालीन आईजी आनंद छाबड़ा और तत्कालीन डीआईजी मिलना कुर्रे इस प्रकरण की जांच करने के लिए सक्षम प्राधिकारी नहीं हैं। पीड़िता का कहना है कि आनंद छाबड़ा, रतनलाल डांगी के समान रैंक के अधिकारी हैं, जबकि मिलना कुर्रे उनसे एक रैंक नीचे पदस्थ थीं। ऐसे में दोनों अधिकारियों से निष्पक्ष जांच की उम्मीद नहीं की जा सकती।
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याचिका में यह भी उल्लेख किया गया है कि आनंद छाबड़ा के खिलाफ महादेव सट्टा एप से जुड़े मामले में आपराधिक प्रकरण लंबित है। इसी कारण पीड़िता ने उनसे जांच कराने पर भी आपत्ति जताई है।
पीड़िता ने हाईकोर्ट से मांग की है कि पूरे मामले की जांच किसी वरिष्ठ महिला आईएएस अधिकारी को सौंपी जाए। साथ ही, रतनलाल डांगी की राजस्थान और छत्तीसगढ़ में कथित अवैध संपत्तियों की भी जांच कराई जाए। याचिका में यह भी कहा गया है कि गंभीर आरोपों के बावजूद राज्य सरकार ने अब तक उन्हें निलंबित नहीं किया है। अब इस मामले में हाईकोर्ट के निर्णय पर सभी की नजरें टिकी हैं।
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आईपीएस अधिकारी रतनलाल डांगी के खिलाफ दर्ज शिकायत की जांच को लेकर पीड़िता ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर की है। अधिवक्ता अभिषेक पाण्डेय के माध्यम से दाखिल याचिका में कहा गया है कि मामले की जांच किसी आईपीएस अधिकारी के बजाय वरिष्ठ आईएएस अधिकारी, विशेष रूप से महिला आईएएस अधिकारी से कराई जाए, ताकि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी हो सके।
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याचिका में दावा किया गया है कि मामले की जांच के लिए पहले नियुक्त किए गए तत्कालीन आईजी आनंद छाबड़ा और तत्कालीन डीआईजी मिलना कुर्रे इस प्रकरण की जांच करने के लिए सक्षम प्राधिकारी नहीं हैं। पीड़िता का कहना है कि आनंद छाबड़ा, रतनलाल डांगी के समान रैंक के अधिकारी हैं, जबकि मिलना कुर्रे उनसे एक रैंक नीचे पदस्थ थीं। ऐसे में दोनों अधिकारियों से निष्पक्ष जांच की उम्मीद नहीं की जा सकती।
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याचिका में यह भी उल्लेख किया गया है कि आनंद छाबड़ा के खिलाफ महादेव सट्टा एप से जुड़े मामले में आपराधिक प्रकरण लंबित है। इसी कारण पीड़िता ने उनसे जांच कराने पर भी आपत्ति जताई है।
पीड़िता ने हाईकोर्ट से मांग की है कि पूरे मामले की जांच किसी वरिष्ठ महिला आईएएस अधिकारी को सौंपी जाए। साथ ही, रतनलाल डांगी की राजस्थान और छत्तीसगढ़ में कथित अवैध संपत्तियों की भी जांच कराई जाए। याचिका में यह भी कहा गया है कि गंभीर आरोपों के बावजूद राज्य सरकार ने अब तक उन्हें निलंबित नहीं किया है। अब इस मामले में हाईकोर्ट के निर्णय पर सभी की नजरें टिकी हैं।