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Bilaspur: चोरी की शिकायत पर कार्रवाई के बजाय प्रार्थी को ही थाने बुलाने के मामले का HC ने लिया संज्ञान

Tue, 11 Mar 2025 07:33 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुर
अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुर Published by: Digvijay Singh Updated Tue, 11 Mar 2025 07:33 PM IST
सार

चोरी की शिकायत पर कार्रवाई के बजाय प्रार्थी को ही थाने में बुलाकर गाली गलौज के मामले को हाईकोर्ट ने गंभीरता से लिया है।

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HC took cognizance of case of calling applicant to police station instead of taking action on complaint in Bi
बिलासपुर हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

चोरी की शिकायत पर कार्रवाई के बजाय प्रार्थी को ही थाने में बुलाकर गाली गलौज के मामले को हाईकोर्ट ने गंभीरता से लिया है। कोर्ट ने पुलिस अधीक्षक बिलासपुर को इस संबंध में व्यक्तिगत शपथपत्र प्रस्तुत कर यह बताने कहा है कि कोटा पुलिस प्रार्थी को किस दस्तावेज के आधार पर थाने में बुला रही है। मामले में 12 मार्च को अगली सुनवाई रखी गई है।

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याचिकाकर्ता प्रतीक साहू का ई रिक्शा 20 जनवरी 2025 को चोरी हो गया। उसने ई रिक्शा चोरी होने की कोटा थाने में रिपोर्ट लिखाई। पुलिस ने अपराध क्रमांक 54/2025 के अंतर्गत अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध किया। पुलिस ने 28 फरवरी 2025 को एक व्यक्ति से ई रिक्शा बरामद किया। चोरी हुआ रिक्शा जिस व्यक्ति के पास से बरामद हुआ उसने पुलिस को बताया कि उसने 20 हजार रुपये में रिक्शा खरीदा है। इस कथन पर कोटा पुलिस ने उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर छोड़ दिया। इसके बाद कोटा पुलिस पीड़ित प्रतीक साहू को ही थाने में बुलाकर गाली गलौज एवं धमकी देने लगी कि ई रिक्शा किसके पास से खरीदा गया और उससे दस्तावेज मांगे। पुलिस की इस कार्रवाई के खिलाफ उसने हाईकोर्ट में याचिका दायर की।

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चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा, जस्टिस रविन्द्र कुमार अग्रवाल की डीबी में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि कोटा पुलिस जिससे ई रिक्शा बरामद हुआ है उसके खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय उल्टे पीड़ित को ही धमका रही है। कोर्ट ने इसे गंभीरता से लेते हुए एसपी बिलासपुर को व्यक्तिगत शपथ पत्र प्रस्तुत कर यह बताने कहा कि किन परिस्थितियों में याचिकाकर्ताओं को बुलाया जा रहा है? जांच अधिकारी को संबंधित कागजात प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

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