फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chhattisgarh ›   Bilaspur-Chhattisgarh News ›   Chhattisgarh High Court took tough stand on Ambedkar Hospital and hearing postponed till June 10

Chhattisgarh: हाईकोर्ट का अंबेडकर अस्पताल पर सख्त रुख, सुनवाई 10 जून तक टली, महाधिवक्ता ने समय मांगा

Thu, 29 May 2025 10:29 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुर
अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुर Published by: अनुज कुमार Updated Thu, 29 May 2025 10:29 PM IST
सार

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने रायपुर के अंबेडकर अस्पताल में फैली अव्यवस्थाओं और मरीजों को हो रही परेशानी पर संज्ञान लेकर स्वास्थ्य सचिव से जवाब मांगा। महाधिवक्ता ने समय मांगा है। अब इस मामले में सुनवाई 10 जून को होगी।

विज्ञापन
Chhattisgarh High Court took tough stand on Ambedkar Hospital and hearing postponed till June 10
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट - फोटो : highcourt.cg.gov.in

विस्तार

हाइकोर्ट ने प्रदेश की राजधानी रायपुर के अंबेडकर अस्पताल में फैली अव्यवस्थाओं और मरीजों को हो रही परेशानी को मीडिया रिपोर्ट के माध्यम से  संज्ञान लेकर स्वास्थ्य सचिव से जवाब मांगा था। जिस पर जवाब आज पेश नहीं किया जा सका और महाधिवक्ता ने समय की मांग की। जिसे चीफ जस्टिस की बेंच ने स्वीकार कर लिया।

विज्ञापन


दरअसल,  27 मई 2025 को चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा की डिवीजन में पूर्व में सुनवाई हुई थी। जिसमें मीडिया रिपोर्ट में प्रकाश में लाये गए मामले पर संज्ञान लेकर लापरवाही पर नाराजगी जाहिर की थी, जिसमें कहा गया है कि प्रदेश के सबसे सरकारी अस्पताल अंबेडकर में टूटी हुई हड्डियों, दुर्घटनाओं में फ्रैक्चर, गंभीर चोटों और कैंसर के रोगियों को सर्जरी के लिए एक या दो दिन नहीं बल्कि 15 से 20 दिन तक इंतजार करना पड़ता है।
विज्ञापन


कई बार मरीजों को ऑपरेशन थियेटर में ले जाने के बाद वापस लाया जाता है। इससे गंभीर रोगियों की जान का जोखिम बढ़ गया है। मरीजों के साथ मौजूद परिजनों का कहना है कि डॉक्टर और स्टाफ उन्हें बिना बताए ऑपरेशन थियेटर से वापस भेज देते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


ऐसा एक-दो बार नहीं, बल्कि कई बार होता है। अगर वे इसका विरोध करते हैं तो उन्हें निजी अस्पताल में जाकर इलाज कराने को कहा जाता है। मजबूरी में लोग इलाज होने तक मरीजों के साथ अस्पताल में ही रहते हैं। अंबेडकर अस्पताल में छोटे-बड़े ऑपरेशन थियेटर मिलाकर कुल 29 ऑपरेशन थियेटर हैं।

सभी में सर्जरी के लिए सिर्फ 1-2 डॉक्टर हैं। अस्पताल में रोजाना दुर्घटना, कैंसर और गंभीर बीमारियों से पीड़ित दर्जनों मरीज आते हैं। कई मरीज ऐसे हैं जो एक महीने से ऑपरेशन का इंतजार कर रहे हैं। आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के पास अपनी बारी का इंतजार करने के अलावा कोई विकल्प नहीं होता। कई बार मरीजों के परिजन अपना आपा खो देते हैं।


डॉक्टरों और प्रबंधन के साथ तीखी नोकझोंक होती है। मारपीट तक की नौबत आ जाती है। हाइकोर्ट ने उपरोक्त मामले के मद्देनजर सचिव, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, छत्तीसगढ़ से व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने कहा था। लेकिन आज तारीख को अपेक्षित हलफनामा संबंधित सचिव द्वारा प्रस्तुत नहीं किया जा सका। महाधिवक्ता प्रफुल्ल एन भारत ने कहा कि क्योंकि यह तैयार किया जा रहा है, इसलिए वे इसे प्रस्तुत करने के लिए कुछ समय देने का अनुरोध करते हैं। अब इस मामले में सुनवाई 10 जून को होगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed