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Bilaspur: महाराष्ट्र के व्यापारियों को HC से बड़ी राहत, व्यापारी पिता-पुत्र के खिलाफ FIR रद्द करने का आदेश

Wed, 27 Sep 2023 06:12 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुर
अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुर Published by: Digvijay Singh Updated Wed, 27 Sep 2023 06:12 PM IST
सार

महाराष्ट्र के व्यापारियों को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने व्यापारी पिता-पुत्र के खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने का आदेश दिया है। 

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Big relief to businessmen of Maharashtra from HC
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट (फाइल) - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

राजधानी रायपुर में हुए करोड़ों रुपये के चावल धोखाधड़ी के मामले के महाराष्ट्र के व्यापारियों को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने व्यापारी पिता-पुत्र के खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने का आदेश दिया है। 

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दरअसल तिल्दा के अमित चावल उद्योग मालिक राजेन्द्र अग्रवाल ने तिल्दा थाने और मोवा के भगवती इंटरप्राइजेज के संचालक प्रशांत शर्मा ने मोवा थाना में धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के मुताबिक 20 जुलाई 2021 को महाराष्ट्र ठाणे स्थित राइस एक्सपोर्टर किआ एग्रो इंडस्ट्रीज प्रा.लि. द्वारा चावल खरीदने के लिए आर्डर मिला था। जिस पर उन्होंने 5996.80 टन चावल सप्लाई किया जिसकी कीमत तकरीब साढ़े तेरह करोड़ रुपये हुई थी। किआ एग्रो के संचालकों ने 9,38,75,354/- रूपये का भुगतान किया गया जबकि शेष 4,14,78,034/- रूपये की राशि का भुगतान नहीं किया गया। जिस पर प्रशांत शर्मा और राजेन्द्र अग्रवाल की शिकायत पर राजधानी के मोवा और तिल्दा थाना में पिता-पुत्र अनिल कुमार मौर्या और ऋषभ मौर्या के खिलाफ धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई थी।

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आरोपियों ने इस मामले में एफआईआर रद्द करने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। मामले में जस्टिस राकेश मोहन पांडे की कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए किआ एग्रो के डायरेक्टर पिता-पुत्र के खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द करने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए आरोपियों के खिलाफ लगाए गए धोखाधड़ी के अपराध को गलत माना है। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि याचिकाकर्ताओं ने साढ़े तेरह करोड़ में से नौ करोड़ से ज्यादा का भुगतान कर दिया था। जिससे उनकी मंशा धोखा देने या बेईमानी की नहीं थी।

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