{"_id":"66a21997c0210b9b6909e223","slug":"bail-plea-of-three-accused-in-chhattisgarh-100-crore-rs-fraud-case-rejected-2024-07-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"छत्तीसगढ़ में 100 करोड़ की ठगी का मामला: तीनों आरोपियों की जमानत याचिका खारिज, कोरोना में चलाया था शातिर दिमाग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छत्तीसगढ़ में 100 करोड़ की ठगी का मामला: तीनों आरोपियों की जमानत याचिका खारिज, कोरोना में चलाया था शातिर दिमाग
Thu, 25 Jul 2024 02:53 PM IST
अनुज कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिलासपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिलासपुर
Published by: अनुज कुमार
Updated Thu, 25 Jul 2024 02:53 PM IST
सार
छत्तीसगढ़ में क्रिप्टो करेंसी के नाम पर 100 करोड़ की ठगी करने वाले तीन आरोपियों को जमानत देने से इनकार कर दिया। कंपाउंडर सुशील साहू ने शातिर दिमाग का इस्तेमाल करते हुए क्रिप्टो करेंसी में निवेश कराया।
विज्ञापन
बिलासपुर हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
क्रिप्टो करेंसी के नाम पर 100 करोड़ की ठगी करने वाले तीनों आरोपियों की जमानत याचिका हाईकोर्ट ने खारिज कर दी। जस्टिस एनके व्यास की सिंगल बेंच में इस मामले में सुनवाई हुई है। दरअसल, कोरोना के दौरान नौकरी गंवाने वाले राजनांदगांव जिले के कंपाउंडर सुशील साहू ने शातिर दिमाग का इस्तेमाल करते हुए क्रिप्टो करेंसी में निवेश करने एक डमी एप बनाया।
विज्ञापन
कंपाउंडर साहू ने एक चार्टर्ड अकाउंटेंट और एक रिटायर्ड आईएएस अफसर को भी अपनी टीम में शामिल कर लिया। उसने छत्तीसगढ़ समेत अन्य 8 राज्यों में अपना नेटवर्क फैलाकर लोगों से करीब 100 करोड़ निवेश करा लिया।
विज्ञापन
निवेशकों ने जब सुशील साहू से लाभ की रकम मूल समेत लौटाने को कहा तो सुशील उन्हें घुमाने लगा। परेशान निवेशकों ने राजनंदगांव और अन्य थाने में अलग अलग रिपोर्ट दर्ज करवाई। पुलिस ने जांच के बाद तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
विज्ञापन
जमानत के लिए आरोपियों ने हाईकोर्ट में जमानत याचिका दायर की। इस पर आपत्ति करते हुए अधिवक्ता अंकित सिंह ने जमानत अर्जी खारिज करने की मांग की। जस्टिस एनके व्यास की सिंगल बेंच ने पहली सुनवाई में डीजीपी को एसआईटी टीम गठित कर जांच कर शपथपत्र पेश करने का निर्देश दिया था। डीजीपी ने जांच कर शपथपत्र प्रस्तुत किया। कोर्ट ने मामले की गम्भीरता को देखते हुए तीनों आरोपियों की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया।