नवरात्रि पर जगमग हुआ महामाया का दरबार: 22 हजार ज्योति कलश होंगे प्रज्जवलित, तैयारियों के लिए हुई बैठक
आदि शक्ति मां महामाया रतनपुर सहित शहर के प्रमुख देवी मंदिरों में ज्योतिकलश प्रज्जवलित होंगे। 30 मार्च को रामनवमी के साथ समापन होगा। हिंदू संगठनों और समाजसेवी संगठन भी सक्रिय हैं। बैनर-पोस्टर के साथ साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। ज्योतिकलश प्रज्जवलित करने पंजीयन भी मंदिरों में जारी है।
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छत्तीसगढ़ के बिलासपुर स्थित मां महामाया का दरबार नवरात्रि में रौशन होने के लिए तैयार है। शक्ति का पर्व नवरात्रि बुधवार से शुरू हो रहा है। माता के आगमन को लेकर जोर- शोर से तैयारियां चल रही हैं। नौ दिनों तक माता की भक्ति में लीन रहेंगे। फूल से लेकर पूजा सामग्री, चुनरी, भोग-प्रसाद और मंदिरों में रंग-रोगन का काम अंतिम चरण में है। पहले दिन मनोकामना ज्योति कलश भी प्रज्जवलित होंगे। रतनपुर स्थित महामाया मंदिर में इस बार 22 हजार ज्योति कलश प्रज्ज्वलित किए जाएंगेद। वहीं घरों और मंदिरों में जवारा बोएंगे।
देवी आस्था का पर्व नवरात्र को लेकर हिंदू परिवारों में इस साल जबरदस्त उत्साह है। मंदिरों में साज-सजावट का काम चल रहा है। कहीं रंगाई-पुताई तो कहीं मातारानी के लिए आकर्षक आभूषण खरीदे जा रहे हैं। घर से लेकर प्रमुख देवी मंदिरों में एक समान स्थिति है। नवरात्र की शुरुआत के साथ हिन्दू नववर्ष की शुरुआत भी होगी। इस बार नवरात्र पूरे नौ दिन की रहेगी। किसी भी तिथि का क्षय नहीं हो रहा है। इससे पर्व अखंड रहेगा। नौ दिनों तक विशेष पूजा-अर्चना होगी। नौ दिन देवी के अलग-अलग नौ स्वरूपों की पूजा होती है।
नवरात्रि पर्व रतनपुर मां महामाया के दर्शन के बिना पर्व अधूरा है। मान्यता है कि यहां नवरात्रि पर दर्शन करने वाले हर भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं। सप्तमी पर सबसे अधिक भीड़ उमड़ती है। पदयात्रा कर भक्त माता के दर्शन करने पहुंचते हैं। तैयारियों के मद्देनजर कलेक्टर सौरभ कुमार भी रतनपुर पहुंचे और मंदिर समितियों के साथ बैठक की। मंदिर में चल रहे तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा भी लिया। कलेक्टर ने श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की दिक्कतें ना हो इसे लेकर दिशा निर्देश भी दिए।
बिलासपुर के प्रमुख देवी मंदिरों में ज्योति कलश
| मंदिर | स्थान | ज्योति कलश (लक्ष्य) |
| मां महामाया | रतनपुर | 22 हजार |
| भैरवबाब मंदिर | रतनपुर | 1000 |
| मां काली | तिफरा | 3100 |
| डिडनेश्वरी देवी | मल्हार | 3100 |
| मां महामाया | गणेश नगर | 351 |
| मां नष्टी भवानी | शंकर नगर | 201 |
| त्रिपुर सुंदरी | न्यू लोको | 801 |
| हरदेव लाल | शनिचरी | 381 |