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Bijapur: संतराम नेताम बोले- पीडिया में निर्दोष आदिवासी मारे गए, मुठभेड़ की न्यायिक जांच की मांग की
Thu, 16 May 2024 10:26 PM IST
आकाश दुबे
अमर उजाला नेटवर्क, बीजापुर
अमर उजाला नेटवर्क, बीजापुर
Published by: आकाश दुबे
Updated Thu, 16 May 2024 10:26 PM IST
सार
संतराम नेताम ने कहा कि प्रदेश में जब से भाजपा की सरकार बनी है तब से लगातार किसी न किसी घटना में आदिवासी मारे जा रहे हैं यह बेहद खतरनाक और चिंताजनक स्थिति है, निर्दोष आदिवासियों की मौतें बंद हों और आदिवासियों की लगातार हो रही मौतों की जिम्मेदारी प्रदेश सरकार और भाजपा ले।
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ग्रामीणों से मिलते कांग्रेस नेता
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बीजापुर जिले के नक्सल प्रभावित पीडिया के जंगलों में बीते दिनों हुई मुठभेड़ ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। मुठभेड़ को फर्जी बताने वाले आरोपों के बीच प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से वास्तविकता जानने के लिए गठित आठ सदस्यीय जांच दल के संयोजक व पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष संतराम नेताम ने चौंकाने वाले दावे किए हैं।
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संतराम नेताम ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि 'बीजापुर जिले के थाना गंगालूर अन्तर्गत ग्राम पंचायत पीडिया में बीते 10 मई 2024 को बीजापुर पुलिस ने मुठभेड़ में 12 नक्सलियों को मार गिराने का दावा किया। वहीं इसके उलट ग्राम पीडिया के ग्रामीणों ने पुलिस के दावों को गलत बताते हुए इस मुठभेड़ को फर्जी करार देते हुए कहा कि मारे गए लोग आम आदिवासी हैं, जो खेती किसानी करके अपना जीवन यापन करते हैं'।
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टीवी, अखबारों और सोशल मीडिया आदि में इस घटना को लेकर पुलिस और ग्रामीणों के दावों को प्रमुखता से प्रकाशित किया गया है। पीडिया गांव की इस घटना को गंभीरता से लेते हुए छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष दीपक बैज ने वस्तुस्थिति को जानने के लिए दिनांक 13/05/2024 को आठ सदस्यीय जांच दल का गठन किया था। यह जांच दल आज पीडिया गांव की ओर रवाना हुआ था। इस बीच जांच दल को पुलिस और सुरक्षाबल के जवानों ने जगह-जगह बैरिकेड लगाकर पीडिया गांव की ओर जाने से रोकने का प्रयास भी किया, लेकिन जांच दल पीडिया गांव की ओर गया और घटना में मारे गए लोगो के परिजनों, घटना के चश्मदीदों और ग्रामीणों से मुलाकात कर घटना की विस्तृत जानकारी ली है। घटना की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर प्रदेश कांग्रेस कमेटी को सौंपी जाएगी।
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कांग्रेस जांच दल के संयोजक संतराम नेताम ने अपने प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि 'प्रदेश के मुख्यमंत्री आदिवासी हैं, लेकिन प्रदेश के आदिवासी ही असुरक्षित हैं'। उन्होंने कहा 'ऐसी घटनाओं से आने वाले समय में आदिवासियों के अस्तित्व, उनके जीवन शैली और उनकी संस्कृति पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा'। यह विडंबना ही है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री स्वयं ही आदिवासी वर्ग से आते हैं, बावजूद इसके आज आदिवासी सुरक्षित नहीं है और लगातार आदिवासी मारे जा रहे हैं। सरकार चाहती तो ऐसे घटनाओं को रोक सकती थी, लेकिन प्रदेश सरकार की नाकामी के कारण लगातार आदिवासी मारे जा रहे हैं, यह चिंता जनक है। प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद भाजपा सरकार आदिवासियों को सुरक्षा देने में पूरी तरह विफल है। लगातार आदिवासियों की मौतें हो रही हैं। आदिवासियों के साथ ऐसे घटनाएं क्यों घट रहीं इसकी जांच होनी ही चाहिए ताकि सच्चाई सामने आए। इसलिए प्रदेश कांग्रेस कमेटी राज्य सरकार से मांग करती है कि इस पूरे घटना की उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय न्यायिक जांच हो ताकि पीड़ितों को न्याय मिल सके।
आदिवासियों को न्याय मिलने तक कांग्रेस लड़ती रहेगी लड़ाई
पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष संतराम नेताम ने आगे कहा कि प्रदेश में जब से भाजपा की सरकार बनी है तब से लगातार किसी न किसी घटना में आदिवासी मारे जा रहे हैं यह बेहद खतरनाक और चिंताजनक स्थिति है, निर्दोष आदिवासियों की मौतें बंद हों और आदिवासियों की लगातार हो रही मौतों की जिम्मेदारी प्रदेश सरकार और भाजपा ले। आदिवासियों को न्याय मिलने तक कांग्रेस पार्टी इस लड़ाई को लगातार लड़ते रहेगी। पीडिया घटना की जांच कमेटी में इंद्रशाह मंडावी विधायक मोहला-मानपुर, विक्रम मंडावी विधायक बीजापुर, जनक राम ध्रुव विधायक बिंद्रा-नवागढ़, श्रीमती सावित्री मंडावी विधायक भानुप्रतापपुर, रजनू नेताम अध्यक्ष ज़िला कांग्रेस कमेटी नारायणपुर, शंकर कुडियम अध्यक्ष ज़िला पंचायत बीजापुर आदि शामिल थे। कांग्रेस जांच दल के साथ कांग्रेस नेता छविंद्र कर्मा, ज़िला पंचायत उपाध्यक्ष ज़िला पंचायत कमलेश कारम के अलावा बड़ी संख्या कांग्रेस कार्यकर्ता साथ थे।