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Bijapur News: कुचनूर कोरंडम खदान की पर्यावरण स्वीकृति पर आपत्ति, विधायक ने दी आंदोलन की चेतावनी

Wed, 11 Feb 2026 05:42 PM IST
बीजापुर ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, बीजापुर
अमर उजाला नेटवर्क, बीजापुर Published by: बीजापुर ब्यूरो Updated Wed, 11 Feb 2026 05:42 PM IST
सार

विधायक विक्रम मंडावी ने भाजपा सरकार पर कुचनूर कोरंडम खदान को बिना ग्राम सभा और जनसुनवाई के पर्यावरण स्वीकृति देने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि ग्राम कुचनूर की ग्राम सभा से कोई परामर्श नहीं किया गया। न ही कोई जनसुनवाई हुई।

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korandam khadan ki paryavaran svikriti par mla ki Gambhir aapatti
कोरंडम खदान - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

विधायक विक्रम मंडावी ने बुधवार को भोपालपटनम में आयोजित एक प्रेस वार्ता में भाजपा सरकार पर कुचनूर कोरंडम खदान को बिना ग्राम सभा और जनसुनवाई के पर्यावरण स्वीकृति देने का आरोप लगाया है। उन्होंने इस निर्णय को जनता, आदिवासियों के अधिकारों और लोकतंत्र की मूल भावना के खिलाफ बताते हुए इसे चिंताजनक बताया है। विधायक ने कहा कि छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (सीएमडीसी) को 1.0 टन प्रतिवर्ष क्षमता की यह स्वीकृति राज्य स्तरीय पर्यावरण प्रभाव आकलन प्राधिकरण द्वारा जारी की गई है।

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विधायक मंडावी ने भाजपा सरकार पर पेसा एक्ट, पंचायत राज अधिनियम और वन अधिकार अधिनियम के तहत ग्राम सभा की अनिवार्य अनुमति और सहमति को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि ग्राम कुचनूर की ग्राम सभा से कोई परामर्श नहीं किया गया, न ही कोई जनसुनवाई हुई और न ही पंचायतों को सूचित किया गया। इसे आदिवासियों के संवैधानिक अधिकारों का स्पष्ट हनन बताते हुए उन्होंने कहा कि सरकार बड़े कॉर्पोरेट हितों को फायदा पहुंचाने के लिए ग्राम सभाओं को जानबूझकर अनदेखा कर रही है।
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विधायक ने पर्यावरण स्वीकृति प्रक्रिया में जनसुनवाई की अनिवार्यता पर जोर दिया, जहां स्थानीय लोग अपनी आपत्तियां दर्ज करा सकें। उन्होंने कहा कि इस मामले में कोई जनसुनवाई नहीं हुई और पूरी प्रक्रिया "चुपके-चुपके" पूरी की गई। छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन को यह लीज और स्वीकृति स्थानीय लोगों की राय के बिना दी गई है, जो संविधान की पांचवी अनुसूची, पंचायती राज व्यवस्था, पेसा कानून, वन अधिकार कानून और लोकतंत्र का उपहास है।
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उन्होंने चिंता व्यक्त की कि बीजापुर जिला आदिवासी बहुल और अबूझमाड़ क्षेत्र से लगा हुआ है, जहां के लोग जंगल, जमीन और पानी पर निर्भर हैं। विधायक ने आरोप लगाया कि "डबल इंजन" की भाजपा सरकार विकास के नाम पर बस्तर के आदिवासियों को उनके जल, जंगल, जमीन और प्राकृतिक संसाधनों से बेदखल करने का षड्यंत्र रच रही है।


विधायक मंडावी ने सरकार से कुचनूर कोरंडम खदान की पर्यावरण स्वीकृति तत्काल रद्द करने, ग्राम सभा की बैठक बुलाकर सहमति लेने और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से जनसुनवाई के साथ दोबारा शुरू करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बस्तर संभाग में आदिवासियों के अधिकारों का सम्मान नहीं किया गया, तो उन्हें आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। इस दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेसी कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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