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शिक्षा विभाग का कारनामा: चार लाख 74 हजार किए खर्च, दीवारों की पुताई और चार टाइल्स लगाकर निकाल लिए पैसे

Mon, 16 Dec 2024 04:53 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, बीजापुर
अमर उजाला नेटवर्क, बीजापुर Published by: Digvijay Singh Updated Mon, 16 Dec 2024 04:53 PM IST
सार

बीजापुर जिले के भोपालपटनम ब्लाक के वरदल्ली संकुल केंद्र के प्राथमिक शाला में मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना के नाम पर भारी भ्रष्टाचार किया गया है।

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feat of the education department Spent four lakhs and seventy four thousand rupees, took out the money by pain
चार लाख 74 हजार किए खर्च - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बीजापुर जिले के भोपालपटनम ब्लाक के वरदल्ली संकुल केंद्र के प्राथमिक शाला में मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना के नाम पर भारी भ्रष्टाचार किया गया है। स्कूल कि छत में 9 सीमेंट सीटे दीवारों कि पोताई और टूटे हुए 4 टाइल्ड लगाकर खाते से 4 लाख 74 हजार रुपए निकाल लिए जाने की खबर है। स्कूल में लगी खिड़कियों में पल्ले नही हैं,दीवारों से सीमेंट उखड़ रही हैं।

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दरअसल छत्तीसगढ़ में तत्कालीन भूपेश बघेल की यह योजना हैं, पिछली सरकार ने मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना के तहत स्कूलों में मरम्मत और अतिरिक्त कक्ष निर्माण के लिए करोडो की राशि जारी की थी।यह राशि शिक्षा विभाग को मिली। यह राशि बीजापुर जिले में स्कूल के प्रधान अध्यापक के खाते में डाली गई थी। इस योजना के तहत हुए काम में ना कोई निर्माण एजेंसी बनाई गई और ना ही कोई टेंडर प्रक्रिया हुई। इसको सीधे प्रधान अध्यापक को अपने स्कूल में जरुरत के हिसाब से काम करवाना था। आरोप लग रहे है कि खण्ड शिक्षा अधिकारी ने प्रधान अध्यापक पर दबाव डालकर स्कूलो में लीपापोती का कार्य कर लाखो रुपए निकलवा लिए। यह योजना कांग्रेस शासनकाल में शुरू जरूर हुई,मगर भुगतान भाजपा शासनकाल में हुआ।ऐसे में इस योजना में भाजपा के शासन काल में जमकर गड़बड़ी की गई है। इस मामले में अब धीरे-धीरे  खुलासे सामने आ रहे हैं।
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प्रधान अध्यापक के खाते से पैसे निकालने बनाया दबाव
मुख्यमंत्री शाला जतन योजना के तहत प्रा. शाला वरदल्ली में 5 लाख 53 हजार की राशि स्वीकृत हुई थी। हेड मास्टर ने पहली किस्त 1 लाख 47 हजार रुपए निकालकर बीईओ को दे दिए हैं। बीईओ ने पेंटर भेजकर पेंट करवाया हैं और गांव के लड़को से नौ सीटें बदलवाई हैं। फिर दूसरी किस्त 3 लाख 27 हजार रूपये निकालकर बीईओ ने ले लिए हैं। हेड मास्टर का कहना हैं कि खण्ड शिक्षा अधिकारी ने उन्हें पैसे निकालकर देने बोले हैं और काम वो खुद ही करवाए हैं।
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इस स्कूल में पहले भी हो चूका था मरम्मत कार्य
इस स्कूल का ग्राम पंचायत के द्वारा भी पहले मरम्मत किया गया है, जिसमे टाइल्स व पुट्ठी का काम हुआ था। ग्राम पंचायत द्वारा 2017-18 में इसकी पुट्ठी पेंट और टाइल्स का काम करवाया गया है। दुबारा इस स्कूल को स्कूल जतन योजना में शामिल किया गया। इसे शामिल करने का मकसद भ्रष्टाचार था। इस योजना में डाका डालने कि योजना बनाई फिर हेड मास्टरो पर दबाव डालना शुरू कर, काम कि लीपापोती कर पैसे निकाल लिए गये।


एसएमसी अध्यक्ष मण्डरु गोपाल ने बताया कि राशि निकलने के लिए हस्ताक्षर करने मुझे कहा गया। मैने कर दिया। अब मुझे इस सबन्ध में कोई जानकारी नही है। मैं इस शाला में रसोइया का भी काम करता हूं। सरपंच ग्राम पंचायत वरदल्ली अंतु तालाण्डी का कहना है कि मेरे जानकारी में नही है कि इस स्कूल का मरम्मत का काम कौन किया है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर बिना काम किये राशि निकली है, तो इस पूरे काम की जांच होनी चाहिए ताकि दोषियों पर कार्रवाई हो। इस पूरे मामले में खण्ड शिक्षा अधिकारी प्रवीण कुडेम का कहना है कि जो भी आरोप लग रहे है, वो निराधार है। काम नियमतः हुआ है। मैंने सिर्फ मार्गदर्शन दिया है।

 

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