Bijapur: आवापल्ली सीएचसी की लापरवाही से बच्चे की मौत, स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल, जानें क्या बोले अधिकारी
आरोप है कि परिजन बच्चे को लेकर अस्पताल परिसर में आधे घंटे तक डॉक्टरों का इंतजार करते रहे, लेकिन डॉक्टर समय पर अस्पताल नहीं पहुंचे। इलाज न मिलने पर वे बच्चे को लेकर लौट रहे थे तभी रास्ते में उसने दम तोड़ दिया।
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आवापल्ली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रबंधन पर एक बार फिर से सवाल खड़ा हो गया है। मंगलवार को एक एक मासूम बच्चे की इलाज के आभाव में मौत हो गई है। हालांकि अस्पताल प्रबंधन लापरवाही की बात से इनकार कर रहा है।
जानकारी के मुताबिक, उसूर ब्लॉक के नेंड्रा गांव निवासी सोमलु हपका का चार वर्षीय बालक हरीश हपका की तबीयत बिगड़ने पर उसे इलाज के लिए नेंड्रा गांव से आवापल्ली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया था। यहां परिजन बच्चे को लेकर अस्पताल परिसर में आधे घंटे तक डॉक्टरों का इंतजार करते रहे, लेकिन डॉक्टर समय पर अस्पताल नहीं पहुंचे। अंततः परिजन बच्चे को बिना इलाज के वापस लेकर आ रहा थे। तभी वन परिक्षेत्र कार्यालय के सामने पहुंचते ही बच्चे ने दम तोड़ दिया।
परिजन बच्चे को लेकर गांव लौट रहे थे। इसी बीच किसी ने अस्पताल प्रबंधन को इसकी सूचना दी। तब जाकर आनन-फानन अस्पताल प्रबंधन ने एम्बुलेंस भेजकर उन्हें गांव भिजवाया। इस बारे में खंड चिकित्सा अधिकारी उसूर उमेश ठाकुर से वास्तविक जानकारी लेने के लिए उन्हें कई बार कॉल की गई, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की।
वहीं इस बारे में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर बीआर पुजारी से बात करने पर उन्होंने बताया कि घटना सुबह की है। बच्चे की तबीयत खराब होने से परिजन उसे पहले कहीं और लेकर गए थे। इसके बाद वे अस्पताल पहुंचते कि उससे पहले ही बच्चे की मौत हो गई। सीएमएचओ पुजारी ने आगे बताया कि बच्चे की मौत कैसे हुई, ये जांच के बाद पता चल पाएगा।