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बीजापुर की संस्कृति और स्वाद ने मोहा दिल: बस्तर राइजिंग टीम ढोल-नृत्य संग हुई मंत्रमुग्ध

Wed, 15 Oct 2025 09:06 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, बीजापुर
अमर उजाला नेटवर्क, बीजापुर Published by: Digvijay Singh Updated Wed, 15 Oct 2025 09:06 PM IST
सार

बस्तर राइजिंग अभियान के अंतर्गत बीजापुर पहुँचे प्रतिनिधिमंडल का पारंपरिक आदिवासी नृत्य, स्थानीय व्यंजन और लोक संस्कृति के साथ भव्य स्वागत किया गया। मुख्य कार्यक्रम ऐतिहासिक लोहा डोंगरी में आयोजित हुआ।

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Bijapur culture and flavor captivated hearts The Bastar Rising team was mesmerized by the drum and dance
बस्तर राइजिंग टीम - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बस्तर राइजिंग अभियान के अंतर्गत बीजापुर पहुँचे प्रतिनिधिमंडल का पारंपरिक आदिवासी नृत्य, स्थानीय व्यंजन और लोक संस्कृति के साथ भव्य स्वागत किया गया। मुख्य कार्यक्रम ऐतिहासिक लोहा डोंगरी में आयोजित हुआ, जहाँ जिले के विभिन्न विभागों द्वारा स्थानीय जीवनशैली, कला और संस्कृति को दर्शाते हुए आकर्षक स्टॉल लगाए गए।

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पारंपरिक व्यंजनों ने जीता दिल
आयोजित प्रदर्शनी में बीजापुर की आदिवासी रसोई की अनोखी झलक देखने को मिली।महुआ की चाय, चापड़ा चटनी, तिखुर का हलवा, मड़िया पेज और लांदा जैसे पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद चखकर प्रतिनिधिमंडल पूरी तरह से बीजापुर की सांस्कृतिक मिठास में डूब गया। प्रतिनिधियों ने इन व्यंजनों की पारंपरिक विधियों और सांस्कृतिक महत्व के बारे में भी जानकारी ली, जिससे उन्हें बस्तर की समृद्ध पाक परंपरा को करीब से जानने का अवसर मिला।
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ढोल की थाप पर थिरके प्रतिनिधि
कार्यक्रम की शान बना गौर नृत्य, जिसकी प्रस्तुति के दौरान जैसे ही ढोल और मांदर गूंजे, वातावरण उत्सवमयी हो गया।प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने भी आदिवासी कलाकारों के साथ थिरकते हुए इस अनूठे अनुभव को आत्मसात किया। इस आयोजन में स्व-सहायता समूहों की महिलाएं, गारमेंट फैक्ट्री की महिला कर्मचारी, स्पोर्ट्स अकादमी के खिलाड़ी, और बीजादूत स्वयंसेवक, समेत जिले के विभिन्न हितधारक शामिल हुए।यह आयोजन केवल सांस्कृतिक आदान-प्रदान नहीं, बल्कि बीजापुर की संभावनाओं को उजागर करने वाला सशक्त मंच भी साबित हुआ।
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प्रतिनिधिमंडल ने की पहल की सराहना
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे प्रतूल जैन, फ्रेनो डिसूजा एवं पलक चौधरी ने बीजापुर में मिले अनुभवों को अद्भुत और अविस्मरणीय बताया।उन्होंने कहा बस्तर की संस्कृति, खान-पान, रहन-सहन और प्राकृतिक संपदा वाकई अद्वितीय है। ‘बस्तर राइजिंग’ का उद्देश्य इस सांस्कृतिक समृद्धि को विश्व पटल पर लाना है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और परिकल्पना के चलते हमें यह अवसर प्राप्त हुआ। इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत श्रीमती नम्रता चौबे, संयुक्त कलेक्टर जागेश्वर कौशल, डिप्टी कलेक्टर  नारायण प्रसाद गवेल,  उत्तम सिंह पंचारी, पंचायत उपसंचालक  हिमांशु साहू, जिला शिक्षा अधिकारी लखनलाल धनेलिया तथा एपीसी जाकिर खान ने प्रतिनिधिमंडल का आत्मीय स्वागत कर बीजापुर की विकास यात्रा व सांस्कृतिक पहचान से अवगत कराया। बस्तर राइजिंग’ के माध्यम से बीजापुर की सांस्कृतिक विविधता, पारंपरिक खान-पान और जनजीवन की विशेषताओं को जो वैश्विक मंच मिल रहा है, वह न केवल पर्यटन के क्षेत्र में नए द्वार खोलेगा, बल्कि आदिवासी समाज की पहचान को भी एक नई ऊँचाई प्रदान करेगा।

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