बीजापुर: पुनर्वास केंद्र में सरेंडर नक्सली की संदिग्ध मौत, परिजनों ने उठाए सवाल
जिला मुख्यालय स्थित पुनर्वास केंद्र में प्रशिक्षण ले रहे एक सरेंडर नक्सली की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। प्रारंभिक जांच के आधार पर पुलिस इसे आत्महत्या का मामला मान रही है, वहीं मृतक के परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए सवाल उठाए हैं।
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मृतक की पहचान गंगालूर थाना क्षेत्र के ग्राम कमकानार निवासी 26 वर्षीय नरसू बोड्डू उर्फ नैती के रूप में हुई है। नरसू 23 जुलाई से बीजापुर के पुनर्वास केंद्र में प्रशिक्षण ले रहा था। 21 अक्तूबर को उसके शौचालय में फांसी लगाने की सूचना मिली। इसके बाद एफएसएल की टीम और बीजापुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच कर रही है।
मृतक के भाई सतीश कुमार बोड्डू ने आत्महत्या के दावे पर अविश्वास जताया है। उन्होंने बताया कि नरसू ने पहले आत्मसमर्पण किया था और फिर घर लौट आया था। इसके बाद उसे प्रशिक्षण के लिए पुनर्वास केंद्र बुलाया गया था। सतीश के अनुसार नरसू को जल्द ही केंद्र से छुट्टी मिलने वाली थी और वह घर लौटने को लेकर बहुत खुश था। इसी कारण परिजनों ने उसकी मृत्यु पर हत्या की आशंका व्यक्त की है।
सतीश ने बताया कि घटना से एक रात पहले रात लगभग 9:09 बजे उनकी नरसू से फोन पर बात हुई थी। इस दौरान नरसू ने घर-परिवार और बच्चों का हाल पूछा था। उसने अगली सुबह फिर बात करने की बात कही थी। भाई के अनुसार बातचीत के दौरान ऐसा कुछ महसूस नहीं हुआ, जिससे लगे कि नरसू कोई गलत कदम उठाने वाला है।