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सूरजपुर: CTO न मिलने से भटगांव 1-2 भूमिगत परियोजना पर संकट, 11 सौ मजदूर करेंगे पलायन, व्यापारियों पर पड़ेगा असर

Mon, 06 Oct 2025 10:09 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, सूरजपुर
अमर उजाला नेटवर्क, सूरजपुर Published by: Digvijay Singh Updated Mon, 06 Oct 2025 10:09 PM IST
सार

सूरजपुर जिले स्थित भटगांव में एसईसीएल उच्च प्रबंधन की लापरवाही के चलते 8 सौ से अधिक मजदूरों के समक्ष भटगांव 1-2 भूमिगत परियोजना में समय पर सीटीओ नही मिलने से माइंस में ताला लगने एवं क्षेत्र से बाहर ट्रांसफर होने का खतरा मंडराने लगा है।

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Bhatgaon 1-2 underground project faces a crisis due to the lack of a CTO 1100 workers will migrate in Surajpu
भूमिगत परियोजना पर संकट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सूरजपुर जिले स्थित भटगांव में एसईसीएल उच्च प्रबंधन की लापरवाही के चलते 8 सौ से अधिक मजदूरों के समक्ष भटगांव 1-2 भूमिगत परियोजना में समय पर सीटीओ नही मिलने से माइंस में ताला लगने एवं क्षेत्र से बाहर ट्रांसफर होने का खतरा मंडराने लगा है। वही प्रबंधन के द्वारा पूरे मामले में लापरवाही बरते जाने को लेकर आज से भारतीय कोयला मजदूर संघ (बीएमएस ) के द्वारा खदान के मेन गेट के सामने अनिश्चितकालीन क्रमिक भूख हड़ताल किया जा रहा है। बीएमएस ने औधौगिक विवाद अधिनियम 1947 की धारा 22 (1) के तहत आन्दोलन की सूचना दे करके अपना कार्मिक भूख हड़ताल शुरू कर दिया है। 

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विदित हो कि एसईसीएल भटगाँव क्षेत्र की भटगाँव 1-2 भूमिगत परियोजना को पर्यावरणीय स्वीकृति व सीटीओ के आभाव में 31 अक्टूबर 24 को ही बंद हो जाने वाली थी। परंतु ट्रेड यूनियन के प्रतिनिधियों तथा मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के प्रयास से सरकार ने एक साल का एक्सटेंशन लेकर के खदान को बंद होने से बचा लिया था। वही एक साल पूरे होने में अब चंद दिन ही शेष है। जिससे खदान पर पूर्णता तालाबंदी का खतरा मंडराने लगा है। वही उपमहामंत्री दिलीप मंडल ने बताया कि बीएमएस यूनियन के प्रयास से राज्य शासन द्वारा 31 अक्टूबर 2025 तक खदान को निर्धारित शर्तों को पूर्ण करने के साथ संचालन की अनुमति प्रदान की गई थी। परन्तु अब विडंबना यह है कि उक्त एक वर्ष की अवधि में भटगाँव प्रबंधन के द्वारा खदान के संचालन हेतु कोई भी सार्थक प्रयास नही किया गया। जिसकी वजह से आने वाले 31 अक्टूबर को भटगांव भूमिगत खदान पूर्णता बंद हो जाएगा। जिससे खदान में कार्यरत लगभग 8 सौ नियमित व 2 सौ ठेका कामगारों के स्थानांतरण की संभावना है। जिससे उनके मध्य भय का वातावरण निर्मित हो चुका है। साथ ही इसका सीधा असर क्षेत्र के बड़े व छोटे व्यापारियों पर भी पड़ेगा।
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अनिश्चिकालीन कार्मिक भूख हड़ताल 06 अक्टूबर से भटगाँव 1-2 भूमिगत परियोजना के समक्ष शुरू हो गया है। प्रबंधन इस बीच कोई रास्ता नहीं निकलता है। तो 13 अक्टूबर से भटगाँव 1-2 खदान के समक्ष सड़क जाम कर अनिश्चितकालीन कोल संप्रेषण को बंद कराया जायगा। आज श्रमिक संगठन बीएमसी के नेता संजय सिंह, शरद सक्सेना, अशोक गुप्ता, हरजीत सिंह सहित सैकड़ो कार्यकर्ताओं की उपस्थिति में भूख हड़ताल पर बैठने वाले उप महामंत्री दिलीप मंडल, प्रताप सिंह मरावी,राजेंद्र सिंह तथा हरेंद्र सिंह को फूल माला पहनाकर उनका उत्साहवर्धन किया गया। साथ ही श्रमिक नेताओं ने ने कहा कि प्रबंधन जल्द ही सीटीओ प्राप्त नहीं करेगा तो अनिश्चितकालीन चक्का जाम  किया जाएगा।

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