Balod: योजनाओं का लाभ लेने के लिए फर्जी नक्सली बने युवकों को पुलिस ने किया गिरफ्तार, पढ़ें
छत्तीसगढ़ सरकार की पोषण पुनर्वास नीति के तहत सरकार के पैसे का लाभ लेने के उद्देश्य से फर्जी नक्सली बनकर समर्पण करने वाले युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
विस्तार
छत्तीसगढ़ सरकार की पोषण पुनर्वास नीति के तहत सरकार के पैसे का लाभ लेने के उद्देश्य से फर्जी नक्सली बनकर समर्पण करने वाले युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है कल पूरे मामले में अपराध पंजीबद्ध किया था जिसके बाद आज युवकों को गिरफ्तार कर लिया गया है मामले में पुलिस आगे कार्रवाई कर रही है।बालोद एडिशनल एसपी अशोक कुमार जोशी ने बताया, बीजापुर के बबलू के साथ आए दो युवक उन्हें नक्सली साबित करने में लगे रहे. जब पुलिस मामले की छानबीन की तो पता चला कि बबलू उर्फ (मधु मोड़ियाम) की नक्सलियों से कोई संबंध नहीं है, बल्कि पुलिस को गुमराह कर पुनर्वास नीति योजना से मिलने वाली राशि व अन्य लाभ लेकर आपस में बांटने की योजना बनाकर नक्सली साबित करने पर तुला है. पुलिस ने तीनों युवकों के खिलाफ 319(2), 6 (2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई में जुटी है।
लाभ लेने का आया आइडिया
दरअसल युवकों ने शासकीय योजनाओं का लाभ लेते अक्सर नक्सलियों को देखा है उनके क्षेत्र में जब नक्सली समर्पण करते हैं तो उन्हें आर्थिक सहायता के साथ-साथ रोजगार और नौकरी के भी साधन उपलब्ध कराए जाते हैं शायद इसी तरह का लाभ लेने इन्होंने यह षड्यंत्र रचा परंतु बालोद पुलिस के सामने उनकी एक भी न चाली और पुलिस ने अब इन्हें गिरफ्तार कर लिया है अब शासन की योजना तो दूर इन्हे कानून के शिकंजे का सामना करना पड़ेगा।
पैसे बांटने की थी योजना
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार पोषण पुनर्वास नीति के तहत जो आर्थिक सहायता सरकार द्वारा नक्सलवाद छोड़कर मुख्य धारा में आने वाले लोगों को दिया जाता है उसे राशि को आपस में बांटने की योजना पहले से बना ली गई थी और पूरी प्लानिंग के साथ यह सभी बीजापुर से बालोद जिला पहुंचे हुए थे क्योंकि मोहल्ला और मानपुर बालोद जिले से लगा हुआ है इसलिए इन्होंने बालोद में सरेंडर करना उचित समझा सरेंडर करने के बाद यह फरार हो गए थे परंतु पुलिस ने अभी ने गिरफ्तार कर लिया है।