Lok Sabha Elections: बालोद से हो सकता है इस बार BJP प्रत्याशी, युवा प्रत्याशियों को टिकट देने की उठी मांग
बालोद जिले से बात करें तो भारतीय जनता पार्टी में लंबे समय से सक्रिय रहे एवं वर्तमान में मुख्य बॉडी में मंत्री का पद संभाल रहे शरद ठाकुर का नाम सामने आ रहा है बालोद जिले से मांग उठ रही कि इस बार युवा प्रत्याशियों को मौका दिया जाए।
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लोकसभा चुनाव के टिकट के लिए काउंटडाउन शुरू हो चुका है। भाजपा की पहली बैठक के बाद प्रत्याशियों की धड़कनें तेज हो चुकी हैं। वहीं बालोद जिला जो की कांकेर लोकसभा क्षेत्र का एक हिस्सा है, इस बार बालोद जिले से प्रत्याशी देने की मांग यहां पर उठने लगी है विशेष कर कुछ ऐसे प्रत्याशी हैं जो कि भाजपा को जीत दिला सकते हैं। वहीं कांकेर लोकसभा क्षेत्र के वर्तमान सांसद मोहन मांडवी की स्थिति उनके गृह जिले में ही अच्छी नहीं बताई जा रही है जिसके कारण उनका टिकट कट सकता है।
बालोद जिले से बात करें तो भारतीय जनता पार्टी में लंबे समय से सक्रिय रहे एवं वर्तमान में मुख्य बॉडी में मंत्री का पद संभाल रहे शरद ठाकुर का नाम सामने आ रहा है बालोद जिले से मांग उठ रही कि इस बार युवा प्रत्याशियों को मौका दिया जाए, इसके लिए शरद ठाकुर एक बेहतर विकल्प हो सकते हैं वह आदिवासी नेता के रूप में जाने जाते हैं इसके साथ ही देवेंद्र माहला और देवलाल ठाकुर, होरीलाल रावटे ये ऐसे चेहरे हैं जिनको लेकर जिले में चर्चा हो रही है।
क्या बनेगा समीकरण
आपको बता दें कि पिछली बार भी वर्तमान सांसद मोहन मांडवी को बालोद जिले से ही बढ़त मिली थी इसलिए इस बार मांग उठ रही है कि बालोद जिले के स्थानीय उम्मीदवार को प्रत्याशी बनाया जाए क्योंकि लंबे समय से बालोद जिले को लोकसभा का प्रतिनिधित्व करने का मौका नहीं मिला है। यदि किसी युवा चेहरे जैसे शरद ठाकुर को यहां का नेतृत्व दिया जाता है तो हर वर्ग मिलकर उनके लिए काम करेगा शायद यही एक कारण हो सकता है कि बालोद जिले से इस बार लोकसभा टिकट देने की मांग उठने लगी है।
बालोद को मिले मौका
बालोद जिले के विधानसभा समन्वयक गजेंद्र यादव ने भी कहा कि बालोद जिले को इस बार प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए इसी के साथ ही राजीव शर्मा जो कि जिला मंत्री हैं उन्होंने कहा बालोद जिले को इस बार प्रतिनिधि तो मिलता है तो लोगों में अच्छा उत्साह देखने को मिलेगा क्योंकि पिछले बार भी इसी क्षेत्र से बढ़त मिली थी। इसके साथ ही संजय साहू ने कहा बालोद जिले में जितने भी युवा आदिवासी चेहरे हैं उनके नाम को लेकर चर्चा की जानी चाहिए अब आने वाला समय ही बताया कि किस प्रतिनिधित्व दिया जाता है परंतु जो जिले में आबो हवा बन रही है उसके हिसाब से बालोद जिले को यदि लोकसभा का प्रतिनिधित्व नहीं दिया जाता है तो विरोध के स्वर भी सामने आ सकते हैं।