Jyoti Kalash Of Maa Ganga: कुंवारों ने उठाई मां गंगा की ज्योति कलश, हजारों की संख्या में उमड़े श्रद्धालु
कुंवारे सेवकों ने मां गंगा मैया मंदिर के गर्भगृह में रखे जवारा कलश को सिर पर उठाकर शीतला तालाब पहुंचे। जहां शीतला माता की पूजा अर्चना के बाद विसर्जन किया गया।
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शारदीय नवरात्र के अंतिम दिन प्रदेश में मां शक्ति की आराधना के प्रमुख स्थल मां गंगा मैया मन्दिर में ज्योत जवारा, ज्योति कलश का विसर्जन किया गया। विसर्जन से पहले पारंपरिक रस्मे निभाने, पूजा पाठ, माता सेवा का दौर चला। जिसके बाद कुंवारे सेवकों ने मां गंगा मैया मंदिर के गर्भगृह में रखे जवारा कलश को सिर पर उठाकर शीतला तालाब पहुंचे। जहां शीतला माता की पूजा अर्चना के बाद विसर्जन किया गया। इस विसर्जन यात्रा में देवी देवता भी शामिल हुए यह अपने आप में अनोखी परम्परा है जो पूरे देश के गंगा मईया मन्दिर में देखने को मिलती है। इस दौरान भक्तों की भारी भीड़ राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 930 में देखने को मिली। बालोद जिला सहित आसपास के लोग ज्योत कलश यात्रा के दर्शन करने के लिए पहुंचे। पूरा नहर का किनारा एवं पूरा सड़क भक्तों की भीड़ से भरा रहा।
बड़ी संख्या में मौजूद रहे भक्त
मां गंगा मैया झलमला में ज्योत जवारा विसर्जन किया गया। कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच मां गंगा मैया के गर्भ गृह से ज्योत जवारा को कुंवारे लड़के सिर पर धारण कर निकले, जिसे लेकर वे बांधा तालाब पहुंचे। जहां विसर्जन किया गया। इसे देखने के लिए बड़ी संख्या में आसपास के गांवों के श्रद्धालु जुटे रहे।
आधे घंटे मार्ग रहा बंद
नौ दिनों तक माता की आराधना के बाद जब ज्योत जवारा विसर्जन का समय आया तो माता के भक्तों की आंखों से आंसू निकल पड़े। माता की इस अदभुत विसर्जन यात्रा को देखने हजारों की संख्या में लोग आते है। ज्योत जवारा विसर्जन के दौरान लगभग आधे घंटे तक बालोद झलमला मार्ग बंद रहा पुलिस की कड़ी सुरक्षा भी देखने को मिली।