Balod: कलाकारों को मिला नेपाल काठमांडू महोत्सव में प्रथम पुरस्कार, दिखाई छत्तीसगढ़ की संस्कृत
छत्तीसगढ़ से बालोद ज़िला के अंतिम छोर मे बसे गुरुर ब्लॉक के ग्राम चिटौद के छत्तीसगढी लोककला मंच सोनहा बादर व श्रुति संगीत विद्यालय चिटौद के विद्यार्थी एवं कलाकार भी नेपाल में आदिवासी नृत्य, कर्मा नृत्य एवं कत्थक नृत्य के माध्यम से इस महोत्सव में भाग लिया।
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नेपाल काठमांडू महोत्सव,इंटरनेशनल डांस एवं म्युसिक फेस्टिवल 2024 के तत्वाधान मे 11 एवं 12 मई 2024 को इंटरनेशनल डांस एवं म्युसिक महोत्सव का कार्यक्रम, स्टूडियो थिएटर नेपाल फ़िल्म कैम्पस गौशाला श्रीपशुपति नाथ मंदिर के समीप नेपाल काठमांडू मे किया गया। जिसमे बांग्लादेश, प्रतापगढ़, दमोह, असम, कटक, पुणे, सिलीगुड़ी वेस्ट बंगाल, सहित देश विदेश के अनेकों कलाकारों ने प्रस्तुति दी।
छत्तीसगढ़ से बालोद ज़िला के अंतिम छोर मे बसे गुरुर ब्लॉक के ग्राम चिटौद के छत्तीसगढी लोककला मंच सोनहा बादर व श्रुति संगीत विद्यालय चिटौद के विद्यार्थी एवं कलाकार भी नेपाल में आदिवासी नृत्य, कर्मा नृत्य एवं कत्थक नृत्य के माध्यम से इस महोत्सव में भाग लिया। जंहा पर सोनहा बादर के आदिवासी नृत्य, कर्मा नृत्य व श्रुति संगीत विद्यालय चिटौद के कत्थक नृत्य को नंबर 1 का सम्मान मिला। जिसमे सोनहा बादर व श्रुति संगीत विद्यालय के कलाकारों व विद्यार्थियों को क्रमशः नृत्य पशुपतिनाथ सम्मान, नृत्य मनाकामना सम्मान,नृत्य कला सम्मान, व कला रत्न सम्मान से सम्मानित किया गया।
पुरे नेपाल सांगितिक यात्रा के प्रोडक्शन मैनेजर, लीलम साहू (सविता साउंड गंगोरीपार के संचालक ),ज्योतिष साहू (नृत्य नृत्य निर्देशक, अभिनेता, व नर्तक सोनहा बादर ), वीरेंद्र कुंजाम (गायक, बांसुरी वादक व बहुमुखी प्रतिभा के धनी ) व रामकुमार यादव मार्गदर्शक ने बताया कि,प्रस्तुत लोक नृत्य के इस प्रस्तुति में पारम्परिक व जीतेन्द्र साहू के गीत संगीत संयोजन व ज्योतिष साहू एवं वोमेश गंगराले के नृत्य निर्देशन रहा। साथ ही इस यात्रा दौरान नेपाल के वरिष्ठ बांसुरी वादक व बांसुरी मेकर बुद्धा लामा सहित असम, गोवहाटी, पुणे, बांग्लादेश के वरिष्ठ जनो के बीच छत्तीसगढ़ के सुपसिद्ध बासुरी व मोहरी, सहनाई वादक भोला यादव, वीरेंद्र कुंजाम, बांसुरी के माध्य्म से व जीतेन्द्र साहू, आशीष यादव खंजेरी वादन से सभी के हृदय मे अमिट छाप छोड़ते हुए छत्तीसगढ़ के कला संस्कृति,गीत संगीत को दिखाने प्रयास करने मे सफल रहा। देश विदेश से आये कलाकारों ने कहा, अनेको प्रतिभा के साथ साथ, साहित्य,कला, गीत नृत्य,संगीत, संस्कृति के मामले के छत्तीसगढ़ बहुत अमीर है जो कि आपके समस्त विधाओं मे देखने को मिला।
छत्तीसगढ़ के सोनहा बादर के कलाकारों को आगामी प्रस्तुति के लिए, यूरोप, असम, गोवहाटी, का अग्रिम आमंत्रण भी मिला है। छत्तीसगढ़ सोनहा बादर व श्रुति संगीत विद्यालय के संचालक, निर्देशक जितेन्द्र साहू ने बताया कि विगत वर्ष 2023 मे दो लोक नृत्य व एक ड्रामा की प्रस्तुति शिमला हरियाणा में किया गया था। जहां पर उनकी प्रस्तुति को क्रमशः प्रथम, द्वितीय व बेस्ट प्ले अवार्ड से सम्मानित किया गया। इस वर्ष इंटरनेशनल डांस व म्यूजिक महोत्सव मे हमें छत्तीसगढ़ के लोक कला संस्कृति परम्परा को नेपाल मे दिखाने का अवसर मिला। छत्तीसगढ़ महतारी, भारत माता,गुरुजनो का आशीर्वाद व कलाकारों का निरंतर साधना का परिणाम रहा। नेपाल महोत्सव मे अपनी प्रस्तुति के पहले खिलानन्द ( खिलु )साहू, जीतेन्द्र साहू के,थिएटर मे उपस्थित कलाकार, अतिथि व दर्शकगणो के बीच सफल एंकरिंग रहा। जिन्होंने छत्तीसगढ़ के पारम्परिक आदिवासी नृत्य, कर्मा नृत्य की विशेषता को उपस्थितजनों के बीच मे रखने का प्रयास किया। हमारा सौभाग्य रहा कि हम छत्तीसगढ़ के संस्कृति को थोड़ा सा दिखा पाए। आप सभी का आशीर्वाद निरंतर मिलता रहे l