{"_id":"6abf75e09b391fc9c808746c","slug":"bail-plea-of-rma-accused-in-fake-transfer-case-rejected-bjp-general-secretary-also-in-jail-2026-10-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"छत्तीसगढ़: फर्जी तबादला मामले में आरोपी आरएमए की जमानत याचिका खारिज, भाजपा महामंत्री भी हैं जेल में","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छत्तीसगढ़: फर्जी तबादला मामले में आरोपी आरएमए की जमानत याचिका खारिज, भाजपा महामंत्री भी हैं जेल में
Fri, 02 Oct 2026 02:46 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Fri, 02 Oct 2026 02:46 PM IST
सार
फर्जी तबादला आदेश मामले में रवि सेन की जमानत याचिका अदालत ने खारिज कर दी है। भाजपा जिला महामंत्री कृष्णा अवस्थी, उनके बेटे समेत छह आरोपी जेल में बंद हैं। जानिए एक लाख रुपये के कथित सौदे, फर्जी आदेश के खुलासे और पुलिस जांच से जुड़ी पूरी जानकारी।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बलौदाबाजार अपर सत्र न्यायालय- तृतीय ने फर्जी तबादला आदेश मामले में आरोपी ग्रामीण चिकित्सा सहायक (आरएमए) रवि सेन की जमानत याचिका खारिज कर दी है। अदालत ने मामले के तथ्यों व अपराध की गंभीरता पर विचार करते हुए याचिका को निरस्त कर दिया। इस प्रकरण में भारतीय जनता पार्टी के जिला महामंत्री समेत छह आरोपी फिलहाल बलौदाबाजार जेल में बंद हैं। पुलिस ने सभी आरोपियों को 22 अगस्त को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया था, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था।
स्वास्थ्य विभाग में फर्जी स्थानांतरण आदेश तैयार कराने वाले इस गिरोह का खुलासा तब हुआ जब रोहांसी अस्पताल में पदस्थ आरएमए करण देवांगन अपना तबादला करवाना चाहते थे। उन्होंने स्थानांतरण की प्रक्रिया को अंजाम देने के लिए अपने मित्र आरएमए रवि सेन के माध्यम से भारतीय जनता पार्टी के जिला उपाध्यक्ष पुनिराम पटेल और जिला महामंत्री कृष्णा अवस्थी से संपर्क साधा। आरोप है कि कृष्णा अवस्थी ने स्थानांतरण कराने के एवज में करण देवांगन से एक लाख रुपये की मांग की थी।
फर्जी आदेश से भंडाफोड़
सौदा तय होने के बाद आरोपियों ने स्थानांतरण का एक फर्जी आदेश तैयार कर आरएमए करण देवांगन को सौंप दिया। करण देवांगन इस फर्जी आदेश को लेकर पदस्थापना व आगे की प्रक्रिया पूरी कराने के उद्देश्य से पलारी के खंड चिकित्सा अधिकारी (बीएमओ) डॉ. पंकज वर्मा के पास पहुंचे। दस्तावेज को देखकर खंड चिकित्सा अधिकारी को उसके प्रामाणिक होने पर संदेह हुआ। उन्होंने तुरंत मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) से आदेश की सत्यता की जांच कराई। जांच के दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने आदेश को पूरी तरह फर्जी व कूटरचित घोषित कर दिया। इसके तुरंत बाद प्रशासनिक स्तर पर मामले की कानूनी कार्रवाई करने के स्पष्ट निर्देश जारी किए गए।
विज्ञापन
पुलिस कार्रवाई और आरोपियों की गिरफ्तारी
खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. पंकज वर्मा की लिखित शिकायत के आधार पर पलारी थाना पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज किया। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत प्राथमिकी दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी। जांच आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने मामले में संलिप्त सभी छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए लोगों में भाजपा के जिला महामंत्री कृष्णा अवस्थी, उनके बेटे प्रणव अवस्थी, जिला उपाध्यक्ष पुनिराम पटेल, आरएमए करण देवांगन, आरएमए रवि सेन और कंप्यूटर ऑपरेटर परख कश्यप शामिल हैं। पुलिस ने सभी आरोपियों को अदालत के सामने पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
नौकरी और तबादले के नाम पर ठगी
पुलिस की जांच में यह बात भी सामने आई है कि भाजपा जिला महामंत्री कृष्णा अवस्थी और उनके बेटे प्रणव अवस्थी लंबे समय से फर्जी तबादला आदेश जारी करने तथा नौकरी लगवाने के नाम पर लोगों से ठगी कर रहे थे। ये आरोपी लोगों को झांसे में लेकर उनसे मोटी रकम ऐंठते थे और उन्हें कूटरचित व फर्जी नियुक्ति पत्र थमा देते थे। दोनों आरोपियों के खिलाफ पहले से ही विभिन्न थानों में कई शिकायतें दर्ज हैं।
फिलहाल बलौदाबाजार थाने में दो आपराधिक मामले, रायपुर के तेलीबांधा थाने में एक मामला और पलारी थाने में एक मामला दर्ज है। इसके अलावा भाटापारा और बलौदाबाजार थानों में भी मिली अन्य शिकायतों की जांच की जा रही है।
अदालत का कड़ा रुख
जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान तृतीय अपर सत्र न्यायालय ने माना कि शासकीय दस्तावेज में कूटरचना और फर्जीवाड़ा अत्यंत गंभीर अपराध है। ऐसे मामलों में रियायत देने से समाज में गलत संदेश जाता है। इन तमाम परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अदालत ने आरएमए रवि सेन की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया।
विज्ञापन
स्वास्थ्य विभाग में फर्जी स्थानांतरण आदेश तैयार कराने वाले इस गिरोह का खुलासा तब हुआ जब रोहांसी अस्पताल में पदस्थ आरएमए करण देवांगन अपना तबादला करवाना चाहते थे। उन्होंने स्थानांतरण की प्रक्रिया को अंजाम देने के लिए अपने मित्र आरएमए रवि सेन के माध्यम से भारतीय जनता पार्टी के जिला उपाध्यक्ष पुनिराम पटेल और जिला महामंत्री कृष्णा अवस्थी से संपर्क साधा। आरोप है कि कृष्णा अवस्थी ने स्थानांतरण कराने के एवज में करण देवांगन से एक लाख रुपये की मांग की थी।
विज्ञापन
फर्जी आदेश से भंडाफोड़
सौदा तय होने के बाद आरोपियों ने स्थानांतरण का एक फर्जी आदेश तैयार कर आरएमए करण देवांगन को सौंप दिया। करण देवांगन इस फर्जी आदेश को लेकर पदस्थापना व आगे की प्रक्रिया पूरी कराने के उद्देश्य से पलारी के खंड चिकित्सा अधिकारी (बीएमओ) डॉ. पंकज वर्मा के पास पहुंचे। दस्तावेज को देखकर खंड चिकित्सा अधिकारी को उसके प्रामाणिक होने पर संदेह हुआ। उन्होंने तुरंत मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) से आदेश की सत्यता की जांच कराई। जांच के दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने आदेश को पूरी तरह फर्जी व कूटरचित घोषित कर दिया। इसके तुरंत बाद प्रशासनिक स्तर पर मामले की कानूनी कार्रवाई करने के स्पष्ट निर्देश जारी किए गए।
विज्ञापन
पुलिस कार्रवाई और आरोपियों की गिरफ्तारी
खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. पंकज वर्मा की लिखित शिकायत के आधार पर पलारी थाना पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज किया। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत प्राथमिकी दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी। जांच आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने मामले में संलिप्त सभी छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए लोगों में भाजपा के जिला महामंत्री कृष्णा अवस्थी, उनके बेटे प्रणव अवस्थी, जिला उपाध्यक्ष पुनिराम पटेल, आरएमए करण देवांगन, आरएमए रवि सेन और कंप्यूटर ऑपरेटर परख कश्यप शामिल हैं। पुलिस ने सभी आरोपियों को अदालत के सामने पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
नौकरी और तबादले के नाम पर ठगी
पुलिस की जांच में यह बात भी सामने आई है कि भाजपा जिला महामंत्री कृष्णा अवस्थी और उनके बेटे प्रणव अवस्थी लंबे समय से फर्जी तबादला आदेश जारी करने तथा नौकरी लगवाने के नाम पर लोगों से ठगी कर रहे थे। ये आरोपी लोगों को झांसे में लेकर उनसे मोटी रकम ऐंठते थे और उन्हें कूटरचित व फर्जी नियुक्ति पत्र थमा देते थे। दोनों आरोपियों के खिलाफ पहले से ही विभिन्न थानों में कई शिकायतें दर्ज हैं।
फिलहाल बलौदाबाजार थाने में दो आपराधिक मामले, रायपुर के तेलीबांधा थाने में एक मामला और पलारी थाने में एक मामला दर्ज है। इसके अलावा भाटापारा और बलौदाबाजार थानों में भी मिली अन्य शिकायतों की जांच की जा रही है।
अदालत का कड़ा रुख
जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान तृतीय अपर सत्र न्यायालय ने माना कि शासकीय दस्तावेज में कूटरचना और फर्जीवाड़ा अत्यंत गंभीर अपराध है। ऐसे मामलों में रियायत देने से समाज में गलत संदेश जाता है। इन तमाम परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अदालत ने आरएमए रवि सेन की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया।